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भर दे झोली मेरी या मोहम्मद...
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:15 AM IST
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देवा महोत्सव में प्रस्तुति देते निजामी बंधु।
- फोटो : अमर उजाला
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देवा महोत्सव का सांस्कृतिक पंडाल बुधवार रात निजामी बंधु की कव्वाली पर झूम उठा। एक के बाद एक सूफी कव्वाली की प्रस्तुति ने ऐसा समां बांधा कि रात कब गुजरती गई पता ही नहीं चला। मंच पर आते ही-भर दो झोली मेरी या मोहम्मद, तेरे दर से कोई न जाए खाली.. प्रस्तुत किया तो ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मेरा हर दिन ईद के जैसा, मेरी हर रात दिवाली.., ये मैकदा है वारिस का.. सुनाकर महफिल को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद कबीरदास का भजन- जो सुधि पाओ राम भजन में वो सुधि सिर्फ फकीरी में.., प्रीति करे तो ऐसी करे जैसे लंबे खजूर चढ़ जाके प्रेमरस गिरे तो चकनाचूर.. सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
आशीष पाठक के शानदार मंच संचालन ने महफिल में मस्ती बिखेर दी। पार्श्वगायक जावेद अली का गीत कुलफाया-कुलफाया.. गाया तो लोग थिरकने लगे। एक के बाद एक धमाकेदार प्रस्तुति पर तालियां गूंजती रही।
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जो रब है वही राम और मानवता व भाईचारा का संदेश देकर लोगोें को एकता के सूत्र में पिरोने वाले महान सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के पिता सैय्यद कुर्बान अली शाह दादा मियां का परंपरागत तरीके से कुल शरीफ कदीमी रवायतों के बीच पूरी शानों शौकत के साथ संपन्न हुआ।
इस मौके पर बुधवार को अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ निकली पालकी यात्रा को देखने व छूने के लिए जायरीन में होड़ मच गई। या वारिस, हक वारिस की सदाओं के बीच लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
परंपरा के अनुसार बुधवार को हाजी सैय्यद उस्मान गनी शाह पीनस में बैठकर वारिस पाक के आस्ताने पर हाजिरी देते हुए हजरत सैय्यद कुर्बान अली शाह दादा मियां के आस्ताने पर हजारों अकीदत मंदों के साथ पहुंचे। इस दौरान वारिस पाक के हजारों दीवाने अल्लाह वारिस हक वारिस के नारे बुलंद कर रहे थे।
पीनस का काफिला सबसे पहले सज्जादा नशीन के निवास स्थान से हजरत हाजी सैय्यद वारिस अली शाह के आस्ताने पर पहुुंचा। यहां कुछ क्षण गुजरने के बाद पालकी पर सवार सैय्यद उस्मान गनी को लेकर कहार मेला नुमाइश स्थित दादा मियां के आस्ताने की ओर चल पड़े।
इस दौरान पालकी में कंधा देने वालों की होड़ मची हुई थी। पालकी का बोसा (चूमने) के लिए वारिस पाक के दीवानों का सड़क के दोनाें ओर तांता लगा रहा। नुमाइश स्थित ग्राउंड स्थित दादा मियां के आस्ताने (मजार) पर पालकी का भव्य स्वागत किए जाने के साथ ही कदीमी रिवायतों के बीच कुरान की सूरतों की तिलावत, शिजरा व सलाम पढ़ा गया।
तथा देश मेें अमन, शांति व भाईचारे के लिए दुआ की गई। उर्स की समाप्ति के पश्चात तर्बरुक तक्सीम किया गया। परंपरा के अनुसार दादा मियां का कुल शरीफ शानों शौकत से संपन्न हुआ। बनारस में भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए मेला पुलिस पालकी यात्रा को लेकर बेहद सजग नजर आई।
भारी भीड़ भाड़ वाले इस कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था की कमान प्रभारी निरीक्षक देवा एसपी सिंह संभाले हुए थे। इसके अलावा घुड़सवार पुलिस पीएसी सहित भारी फोर्स मौजूद रहा। देवा महोत्सव में चल रही हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन बुधवार को दो मैच खेले गए।
पहला मैच वारसी क्लब देवा व डीएचए बाराबंकी तथा दूसरा मैच ध्यानचंद फाउंडेशन क्लब गोला व डीएचए गोंडा के बीच खेला गया। जिसमें देवा की टीम ने 2-1 से व गोला की टीम ने 2-0 से जीत हासिल की। पहले मैच के 7वें मिनट देवा के खिलाड़ी समीर ने मैच का पहला गोल दागा।
जबाब में खेल के 28वें मिनट मे बाराबंकी टीम खिलाड़ी सुयेब ने दूसरा गोल दागा खेल के 53वें मिनट में देवा के आशीष ने तीसरा विजयी गोल दाग कर टीम को विजय दिलाई। दूसरे मैच में गोला टीम के खिलाड़ी फिराज, शत्रुघन ने क्रमश: 25वें व 32वें मिनट में एक-एक गोल दागकर अपनी टीम को विजय दिलाई। इस मौके पर आयोजन सचिव फारुख, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।
हाजी वारिस अली शाह की मजार पर माथा टेकने के लिए जायरीन उमड़ रहे हैं। यहीं मजार पर कव्वाली लोगों को खासा लुभा रही है। छाप तिलक सब छीनी मोसे नैना मिलाय के..., वारिस तेरे अंगना.. आदि कव्वालियों ने श्रोताआें का मन जीत लिया। चादर पेश करने के बाद मजार परिसर में अगरबत्ती जलाकर लोगों ने मन्नत मांगी। इबादत के बाद कव्वाली सुनने वालों का मजार पर तांता लगा रहा।
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मेरा हर दिन ईद के जैसा, मेरी हर रात दिवाली.., ये मैकदा है वारिस का.. सुनाकर महफिल को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद कबीरदास का भजन- जो सुधि पाओ राम भजन में वो सुधि सिर्फ फकीरी में.., प्रीति करे तो ऐसी करे जैसे लंबे खजूर चढ़ जाके प्रेमरस गिरे तो चकनाचूर.. सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
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आशीष पाठक के शानदार मंच संचालन ने महफिल में मस्ती बिखेर दी। पार्श्वगायक जावेद अली का गीत कुलफाया-कुलफाया.. गाया तो लोग थिरकने लगे। एक के बाद एक धमाकेदार प्रस्तुति पर तालियां गूंजती रही।
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जो रब है वही राम और मानवता व भाईचारा का संदेश देकर लोगोें को एकता के सूत्र में पिरोने वाले महान सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के पिता सैय्यद कुर्बान अली शाह दादा मियां का परंपरागत तरीके से कुल शरीफ कदीमी रवायतों के बीच पूरी शानों शौकत के साथ संपन्न हुआ।
इस मौके पर बुधवार को अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ निकली पालकी यात्रा को देखने व छूने के लिए जायरीन में होड़ मच गई। या वारिस, हक वारिस की सदाओं के बीच लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
परंपरा के अनुसार बुधवार को हाजी सैय्यद उस्मान गनी शाह पीनस में बैठकर वारिस पाक के आस्ताने पर हाजिरी देते हुए हजरत सैय्यद कुर्बान अली शाह दादा मियां के आस्ताने पर हजारों अकीदत मंदों के साथ पहुंचे। इस दौरान वारिस पाक के हजारों दीवाने अल्लाह वारिस हक वारिस के नारे बुलंद कर रहे थे।
पीनस का काफिला सबसे पहले सज्जादा नशीन के निवास स्थान से हजरत हाजी सैय्यद वारिस अली शाह के आस्ताने पर पहुुंचा। यहां कुछ क्षण गुजरने के बाद पालकी पर सवार सैय्यद उस्मान गनी को लेकर कहार मेला नुमाइश स्थित दादा मियां के आस्ताने की ओर चल पड़े।
इस दौरान पालकी में कंधा देने वालों की होड़ मची हुई थी। पालकी का बोसा (चूमने) के लिए वारिस पाक के दीवानों का सड़क के दोनाें ओर तांता लगा रहा। नुमाइश स्थित ग्राउंड स्थित दादा मियां के आस्ताने (मजार) पर पालकी का भव्य स्वागत किए जाने के साथ ही कदीमी रिवायतों के बीच कुरान की सूरतों की तिलावत, शिजरा व सलाम पढ़ा गया।
तथा देश मेें अमन, शांति व भाईचारे के लिए दुआ की गई। उर्स की समाप्ति के पश्चात तर्बरुक तक्सीम किया गया। परंपरा के अनुसार दादा मियां का कुल शरीफ शानों शौकत से संपन्न हुआ। बनारस में भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए मेला पुलिस पालकी यात्रा को लेकर बेहद सजग नजर आई।
भारी भीड़ भाड़ वाले इस कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था की कमान प्रभारी निरीक्षक देवा एसपी सिंह संभाले हुए थे। इसके अलावा घुड़सवार पुलिस पीएसी सहित भारी फोर्स मौजूद रहा। देवा महोत्सव में चल रही हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन बुधवार को दो मैच खेले गए।
पहला मैच वारसी क्लब देवा व डीएचए बाराबंकी तथा दूसरा मैच ध्यानचंद फाउंडेशन क्लब गोला व डीएचए गोंडा के बीच खेला गया। जिसमें देवा की टीम ने 2-1 से व गोला की टीम ने 2-0 से जीत हासिल की। पहले मैच के 7वें मिनट देवा के खिलाड़ी समीर ने मैच का पहला गोल दागा।
जबाब में खेल के 28वें मिनट मे बाराबंकी टीम खिलाड़ी सुयेब ने दूसरा गोल दागा खेल के 53वें मिनट में देवा के आशीष ने तीसरा विजयी गोल दाग कर टीम को विजय दिलाई। दूसरे मैच में गोला टीम के खिलाड़ी फिराज, शत्रुघन ने क्रमश: 25वें व 32वें मिनट में एक-एक गोल दागकर अपनी टीम को विजय दिलाई। इस मौके पर आयोजन सचिव फारुख, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।
हाजी वारिस अली शाह की मजार पर माथा टेकने के लिए जायरीन उमड़ रहे हैं। यहीं मजार पर कव्वाली लोगों को खासा लुभा रही है। छाप तिलक सब छीनी मोसे नैना मिलाय के..., वारिस तेरे अंगना.. आदि कव्वालियों ने श्रोताआें का मन जीत लिया। चादर पेश करने के बाद मजार परिसर में अगरबत्ती जलाकर लोगों ने मन्नत मांगी। इबादत के बाद कव्वाली सुनने वालों का मजार पर तांता लगा रहा।