{"_id":"6186d4432a86255c411e97bc","slug":"festival-barabanki-news-lko6032703197","type":"story","status":"publish","title_hn":"माथे पर तिलक लगा भाई की मांगी लंबी उम्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माथे पर तिलक लगा भाई की मांगी लंबी उम्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। बहन और भाई के स्नेह का पर्व भैयादूज शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से व्रती बहनों ने भाई को दूज का टीका कर लंबी उम्र की कामना की। अधिकांश जगहों पर भाइयों ने बहनों के घर जाकर टीका करवाया और उन्हें उपहार दिए। बहनों ने भाई के माथे पर रोली-अक्षत से तिलक कर आरती उतारी, मुंह मीठा कराया और लंबी उम्र की कामना की।
शनिवार को भाई दूज पर बहनों ने परंपरा के अनुसार, घर की छत व आंगन में पिसे हुए चावल की पीठी व हल्दी से भगवान सूर्य, चंद्रमा, शेर, मोर, पेड़ आदि के चित्र बनाए। नवग्रह बनाकर परंपरागत चीजों पहरुआ, सिल-बट व बेर की डाल का पूजन किया तथा मिष्ठान का भोग लगाया। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर दीर्घायु होने की कामना की।
स्नेह के इस पर्व पर ससुराल में रहने वाली बहनों के घर पहुंचे और पूजन में शामिल हुए। कई घरों में विधिविधान से यमराज और उनकी बहन यमुना की कथा सुनी गई। यम द्वितीया पर छात्रों ने कमल में कलावा बांधकर पूजा अर्चना कर मां सरस्वती से आशीष मांगा। इसी तरह हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, रामनगर, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर आदि इलाकों में भी भैयादूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को भाई दूज पर बहनों ने परंपरा के अनुसार, घर की छत व आंगन में पिसे हुए चावल की पीठी व हल्दी से भगवान सूर्य, चंद्रमा, शेर, मोर, पेड़ आदि के चित्र बनाए। नवग्रह बनाकर परंपरागत चीजों पहरुआ, सिल-बट व बेर की डाल का पूजन किया तथा मिष्ठान का भोग लगाया। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर दीर्घायु होने की कामना की।
विज्ञापन
स्नेह के इस पर्व पर ससुराल में रहने वाली बहनों के घर पहुंचे और पूजन में शामिल हुए। कई घरों में विधिविधान से यमराज और उनकी बहन यमुना की कथा सुनी गई। यम द्वितीया पर छात्रों ने कमल में कलावा बांधकर पूजा अर्चना कर मां सरस्वती से आशीष मांगा। इसी तरह हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, रामनगर, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर आदि इलाकों में भी भैयादूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। (संवाद)
विज्ञापन