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बिना पर्ची दूध पीने पर बच्चों को पीटा
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2015 11:17 PM IST
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बिना पर्ची लिए दूध पीने वाले छह बच्चों की इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने जमकर पिटाई कर दी। यही नहीं, पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका ने जब इसका विरोध किया तो उससे भी अभद्रता कर देख लेने की धमकी तक दे डाली। जिस पर पूरे मामले की शिकायत शिक्षिका और बच्चों ने खंड शिक्षाधिकारी से की है।
प्राथमिक विद्यालय रामनगर में पढ़ने वाले आशीष, मोहित, सतीश, दिलीप, मनीष और सलोनी बुधवार को बिना स्लिप लिए बिना बगल के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गए और एमडीएम का दूध पी लिया। रसोइया दिलीप तिवारी ने इसकी शिकायत इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल से कर दी। इस पर प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे और छात्रों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
बच्चों को पिटता देख पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका चन्द्रशीला तिवारी ने विरोध करते हुए कहा कि बच्चों ने दूध पीकर कौन सा गुनाह किया है। इतना सुनते ही प्रधानाध्यापक का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका से अभद्रता कर गाली गलौज शुरू कर दी।
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इसके बाद शिक्षिका और बच्चों ने पूरे मामले की लिखित शिकायत खंड शिक्षाधिकारी त्रिवेदीगंज से की है। इसके अलावा मामले की जानकारी बीएसए को भी दी गई। जिस पर बीएसए ने बीईओ को मौके पर जाकर जांच रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
पर्ची दिखाने पर मिलता था खाना और दूध
बताते चलें कि जुलाई से लेकर 5 अगस्त तक विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बना। अभिभावकों ने इसकी शिकायत बीईओ से की। जिस पर बीईओ ने बगल स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय से बच्चों को भोजन दिए जाने का आदेश कर दिया।
इस आदेश के बाद इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल ने स्लिप जारी करने की व्यवस्था बना दी। जो बच्चा रसोइए को स्लिप दिखाएगा उसी बच्चे को खाना और दूध मिलेगा। लेकिन बुधवार को बच्चों ने प्रधानाध्यापक अनिल से पर्ची लिए बिना दूध पी लिया था। जिससे नाराज होकर प्रधानाध्यापक ने उन्हें जमकर पीटा।
त्रिवेदीगंज के प्राथमिक विद्यालय रामनगर में दूध पी लेने पर बच्चों की पिटाई किए जाने और इंचार्ज प्रधानाध्यापक द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका से अभद्रता किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। बीइओ को मामले की जांच के लिए भेजा गया है। जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो शिक्षक को निलंबित करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
-पीएन सिंह, बीएसए
शिक्षिका को हटाया, जांच को टीम गठित
बाराबंकी। हैदरगढ़ कस्बे के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका पर बच्चों ने न पढ़ाने का आरोप लगाया है। विद्यालय के बच्चों ने इसकी लिखित शिकायत करते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इनके अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षिका अर्चना एक तो समय से कभी भी विद्यालय नहीं आती हैं। यदि आ भी जाती हैं तो बच्चों को पढ़ाती नहीं है। अगर बच्चे उनसे पढ़ाने को कहते हैं, तो वह उनकी पिटाई कर देती हैं।
‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से ‘पढ़ाई का नाम लिया तो पड़ेंगे डंडे’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। बीएसए ने इस खबर को काफी गंभीरता से लिया है। इस बाबत बीएसए पीएन सिंह का कहना है कि बच्चों को न पढ़ाने वाली शिक्षिका को विद्यालय से हटाते हुए देवा ब्लॉक के महमूदाबाद विद्यालय से संबद्ध किया गया है। इस पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई हैं।
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प्राथमिक विद्यालय रामनगर में पढ़ने वाले आशीष, मोहित, सतीश, दिलीप, मनीष और सलोनी बुधवार को बिना स्लिप लिए बिना बगल के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गए और एमडीएम का दूध पी लिया। रसोइया दिलीप तिवारी ने इसकी शिकायत इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल से कर दी। इस पर प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे और छात्रों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
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बच्चों को पिटता देख पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका चन्द्रशीला तिवारी ने विरोध करते हुए कहा कि बच्चों ने दूध पीकर कौन सा गुनाह किया है। इतना सुनते ही प्रधानाध्यापक का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका से अभद्रता कर गाली गलौज शुरू कर दी।
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इसके बाद शिक्षिका और बच्चों ने पूरे मामले की लिखित शिकायत खंड शिक्षाधिकारी त्रिवेदीगंज से की है। इसके अलावा मामले की जानकारी बीएसए को भी दी गई। जिस पर बीएसए ने बीईओ को मौके पर जाकर जांच रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
पर्ची दिखाने पर मिलता था खाना और दूध
बताते चलें कि जुलाई से लेकर 5 अगस्त तक विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बना। अभिभावकों ने इसकी शिकायत बीईओ से की। जिस पर बीईओ ने बगल स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय से बच्चों को भोजन दिए जाने का आदेश कर दिया।
इस आदेश के बाद इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल ने स्लिप जारी करने की व्यवस्था बना दी। जो बच्चा रसोइए को स्लिप दिखाएगा उसी बच्चे को खाना और दूध मिलेगा। लेकिन बुधवार को बच्चों ने प्रधानाध्यापक अनिल से पर्ची लिए बिना दूध पी लिया था। जिससे नाराज होकर प्रधानाध्यापक ने उन्हें जमकर पीटा।
त्रिवेदीगंज के प्राथमिक विद्यालय रामनगर में दूध पी लेने पर बच्चों की पिटाई किए जाने और इंचार्ज प्रधानाध्यापक द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका से अभद्रता किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। बीइओ को मामले की जांच के लिए भेजा गया है। जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो शिक्षक को निलंबित करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
-पीएन सिंह, बीएसए
शिक्षिका को हटाया, जांच को टीम गठित
बाराबंकी। हैदरगढ़ कस्बे के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका पर बच्चों ने न पढ़ाने का आरोप लगाया है। विद्यालय के बच्चों ने इसकी लिखित शिकायत करते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इनके अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षिका अर्चना एक तो समय से कभी भी विद्यालय नहीं आती हैं। यदि आ भी जाती हैं तो बच्चों को पढ़ाती नहीं है। अगर बच्चे उनसे पढ़ाने को कहते हैं, तो वह उनकी पिटाई कर देती हैं।
‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से ‘पढ़ाई का नाम लिया तो पड़ेंगे डंडे’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। बीएसए ने इस खबर को काफी गंभीरता से लिया है। इस बाबत बीएसए पीएन सिंह का कहना है कि बच्चों को न पढ़ाने वाली शिक्षिका को विद्यालय से हटाते हुए देवा ब्लॉक के महमूदाबाद विद्यालय से संबद्ध किया गया है। इस पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई हैं।