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मेडिकल स्टोर पर मारा छापा, तीन नमूने भरे
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2015 10:59 PM IST
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एक्सपायरी दवाएं बेचे जाने की शिकायत पर औषधि निरीक्षक ने सोमवार को सोमैयानगर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। जांच पड़ताल के दौरान डीआई ने पाया कि मेडिकल स्टोर का संचालन बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी में किया जा रहा था। इस दौरान उन्होंने यहां से तीन दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजा है। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर पर दवाओं का रखरखाव सही नहीं पाए जाने पर विक्रेता को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
औषधि निरीक्षक ओपी यादव ने एक्सपायरी दवाएं बेचे जाने पर सोमवार को सोमैयानगर स्थित कनक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। डीआई ने बताया कि मेडिकल स्टोर का संचालन बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी में किया जा रहा था। जबकि नियमानुसार बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी के दवाओं की बिक्री नहीं की जा सकती है। इसके अलावा जांच पड़ताल के दौरान अभिलेखों में कई प्रकार की खामियां पाई गई हैं। इसके अलावा दुकान में दवाओं का रखरखाव सही नहीं पाया गया। दुकान के अंदर गंदगी भी पाई गई है।
इस दौरान पैरीमॉल टेबलेट, विटाडेन-10 और टेबलकम-20 टेबलेट के नमूने भरकर जांच के लिए भेज हैं। डीआई ने बताया कि मेडिकल स्टोर से एक्सपायरी दवाएं बेचे जाने की शिकायत मिली थी जिसकी जांच करने गया था। एक्सपायरी दवाएं तो मेडिकल स्टोर से नहीं मिली हैं लेकिन अन्य कई प्रकार की कमियां पाई गई हैं। जिस पर मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस भेज कर जवाब तलब किया गया है।
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अधोमानक मिला गैस का कैप्सूल
मेडिकल स्टोर को नोटिस जारी
शहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से भरकर भेजा गया पेट में गैस बनने पर खाने वाला कैप्सूल भी जांच में अधोमानक पाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दवा विक्रेता को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है। कुछ दिन पहले जिला अस्पताल में आपूर्ति की गई एक दवा जांच में फेल हो गई थी।
शहर के वर्मा मार्केट स्थिति सुनील मेडिकल स्टोर से औषधि निरीक्षक ओपी यादव ने 28 अक्टूबर को वेडरैब डीएसआर कैप्सूल का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा था। जिसकी जांच रिपोर्ट 14 दिसंबर को आ गई हैं। जांच में यह कैप्सूल अधोमानक पाया गया है। डीआई ने बताया कि इससे पहले जिला अस्पताल के औषधि भंडार कक्ष से मेट्रोंटिनाडाजॉल का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा गया था।
यह नमूना भी जांच में फेल हो गया था। इसमें दवा की मात्रा महज दस प्रतिशत ही पाई गई थी। डीआई ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है। इसके अलावा अभी कई और दवाओं की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
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औषधि निरीक्षक ओपी यादव ने एक्सपायरी दवाएं बेचे जाने पर सोमवार को सोमैयानगर स्थित कनक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। डीआई ने बताया कि मेडिकल स्टोर का संचालन बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी में किया जा रहा था। जबकि नियमानुसार बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी के दवाओं की बिक्री नहीं की जा सकती है। इसके अलावा जांच पड़ताल के दौरान अभिलेखों में कई प्रकार की खामियां पाई गई हैं। इसके अलावा दुकान में दवाओं का रखरखाव सही नहीं पाया गया। दुकान के अंदर गंदगी भी पाई गई है।
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इस दौरान पैरीमॉल टेबलेट, विटाडेन-10 और टेबलकम-20 टेबलेट के नमूने भरकर जांच के लिए भेज हैं। डीआई ने बताया कि मेडिकल स्टोर से एक्सपायरी दवाएं बेचे जाने की शिकायत मिली थी जिसकी जांच करने गया था। एक्सपायरी दवाएं तो मेडिकल स्टोर से नहीं मिली हैं लेकिन अन्य कई प्रकार की कमियां पाई गई हैं। जिस पर मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस भेज कर जवाब तलब किया गया है।
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अधोमानक मिला गैस का कैप्सूल
मेडिकल स्टोर को नोटिस जारी
शहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से भरकर भेजा गया पेट में गैस बनने पर खाने वाला कैप्सूल भी जांच में अधोमानक पाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दवा विक्रेता को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है। कुछ दिन पहले जिला अस्पताल में आपूर्ति की गई एक दवा जांच में फेल हो गई थी।
शहर के वर्मा मार्केट स्थिति सुनील मेडिकल स्टोर से औषधि निरीक्षक ओपी यादव ने 28 अक्टूबर को वेडरैब डीएसआर कैप्सूल का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा था। जिसकी जांच रिपोर्ट 14 दिसंबर को आ गई हैं। जांच में यह कैप्सूल अधोमानक पाया गया है। डीआई ने बताया कि इससे पहले जिला अस्पताल के औषधि भंडार कक्ष से मेट्रोंटिनाडाजॉल का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा गया था।
यह नमूना भी जांच में फेल हो गया था। इसमें दवा की मात्रा महज दस प्रतिशत ही पाई गई थी। डीआई ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है। इसके अलावा अभी कई और दवाओं की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।