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Barabanki News: फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता खत्म, अब हर किसान का गेहूं खरीदेगी सरकार

Wed, 22 Apr 2026 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 22 Apr 2026 01:42 AM IST
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Farmer registry requirement abolished, government to buy wheat from every farmer
बाराबंकी। जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि फार्मर रजिस्ट्री हो या न हो, सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिली है, जो तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजी समस्याओं के चलते अब तक रजिस्ट्री नहीं करा सके हैं।
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जिले में फार्मर रजिस्ट्री को सरकारी योजनाओं और गेहूं खरीद से जोड़ने के आदेशों के बाद बड़ी संख्या में किसान परेशान थे। गांव-गांव कैंप लगाने के बावजूद करीब एक लाख 46 हजार 772 किसान अब भी रजिस्ट्री से दूर हैं। इन किसानों को नाम में मिसमैचिंग, अंश निर्धारण, वरासत और फसली खसरा अपडेट न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में कुल पांच लाख 65 हजार 460 किसानों में से अब तक चार लाख 18 हजार 680 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले तीन लाख 94 हजार पांच किसानों में से तीन लाख 63 हजार 435 किसानों को ही रजिस्ट्री से जोड़ा जा सका है।
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करीब 30 हजार से अधिक किसान अब तक इससे वंचित थे, जिससे उन्हें सम्मान निधि और गेहूं खरीद दोनों को लेकर चिंता बनी हुई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद किसानों की परेशानी कम हो गई है। अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी गेहूं की खरीद जारी रहेगी, जिससे खासकर छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
उपकृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री के लिए 20 मई तक विशेष अभियान जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जा सके। सरकार का उद्देश्य किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाना है, लेकिन गेहूं खरीद के लिए अब रजिस्ट्री अनिवार्य नहीं रहेगी।



नाम मिसमैच सहित अन्य कारण बने बाधा
अभिलेखों में नाम पता में अंतर, खतौनी में अंध निर्धारण व खतौनी में आदेश की ओर वारिस दर्ज होने सहित चकबंदी में शामिल गांव के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। गांव के परमेश्वर बख्श सिंह ने बताया कस्बा हैदरगढ़ के जनसेवा केंद्र पर कई चक्कर लगाने के बाद भी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई। भूमियों के गाटा संबद्ध नहीं हो रहे हैं। गांव के अधिकतर किसानों के पास यह समस्या है।
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