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झूलते तारों की चपेट में आया किसान, मौत
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कोटवाधाम (बाराबंकी)। बदोसरायं कोतवाली क्षेत्र के अरियामऊ गांव में शुक्रवार रात हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है। वहीं इकलौते बेटे की मौत से परिवारीजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।
अरियामऊ गांव निवासी रामानंद (25) पुत्र बदलू जो धान कुटाई की मशीन चलाने का कार्य करता था। वह शुक्रवार सुबह ट्रैक्टर लेकर के धान की कुटाई करने तराई क्षेत्र गया था। वहां से आकर गांव के बाहर ट्रैक्टर खड़ा करता था। रात में मौसम खराब होने के कारण ट्रैक्टर व मशीन को तिरपाल के नीचे ढक रहा था तभी हाईटेंशन लाइन के झूलते तार में उसका सिर छू गया और वह झटके खाकर नीचे गिर गया।
वहां मौजूद लोगों ने उसको आननफानन में सीएचसी टिकैतनगर पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। रामानंद घर का अकेला कमाने वाला था। उसी की कमाई से पूरा परिवार पलता था। अब उसकी मौत के बाद पूरे परिवार का रो-रो कर हाल बेहाल है। इस संबंध में जेई शमसुल्ल ने बताया कि युवक की मौत की सूचना मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
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तीन मासूमों से उठा बाप का साया
किसान रामानंद की मौत के बाद उसके तीन मासूम बच्चों व बूढ़े मां-बाप का सहारा छिन गया। मृतक के पिता बदलू रोते हुए कहते हैं कि अब हमरे परिवार का को देखी। ई छोट-छोट लड़िकन केर सहारा को बनी। ग्रामीणों का आरोप है कि पावर कॉर्पोरेशन की घोर लापरवाही के चलते ही यह दर्दनाक हादसा हुआ है।
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अरियामऊ गांव निवासी रामानंद (25) पुत्र बदलू जो धान कुटाई की मशीन चलाने का कार्य करता था। वह शुक्रवार सुबह ट्रैक्टर लेकर के धान की कुटाई करने तराई क्षेत्र गया था। वहां से आकर गांव के बाहर ट्रैक्टर खड़ा करता था। रात में मौसम खराब होने के कारण ट्रैक्टर व मशीन को तिरपाल के नीचे ढक रहा था तभी हाईटेंशन लाइन के झूलते तार में उसका सिर छू गया और वह झटके खाकर नीचे गिर गया।
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वहां मौजूद लोगों ने उसको आननफानन में सीएचसी टिकैतनगर पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। रामानंद घर का अकेला कमाने वाला था। उसी की कमाई से पूरा परिवार पलता था। अब उसकी मौत के बाद पूरे परिवार का रो-रो कर हाल बेहाल है। इस संबंध में जेई शमसुल्ल ने बताया कि युवक की मौत की सूचना मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
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तीन मासूमों से उठा बाप का साया
किसान रामानंद की मौत के बाद उसके तीन मासूम बच्चों व बूढ़े मां-बाप का सहारा छिन गया। मृतक के पिता बदलू रोते हुए कहते हैं कि अब हमरे परिवार का को देखी। ई छोट-छोट लड़िकन केर सहारा को बनी। ग्रामीणों का आरोप है कि पावर कॉर्पोरेशन की घोर लापरवाही के चलते ही यह दर्दनाक हादसा हुआ है।