{"_id":"6a1b39715dbf17a3b80d2e39","slug":"enumerators-face-challenges-in-house-count-barabanki-news-c-315-lu11010-169370-2026-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: मकानों की गणना में प्रगणकों के सामने चुनौतियों की भरमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: मकानों की गणना में प्रगणकों के सामने चुनौतियों की भरमार
Sun, 31 May 2026 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 31 May 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकानों की गणना का काम चल रहा है। इस काम में लगाए गए प्रगणकों की चुनौतियां और दक्षता देखने को मिल रही है। कुछ प्रगणक बेहतर काम समय से बहुत पहले पूरा कर रहे हैं तो कुछ अभी बहुत पीछे हैं। उनके परिवार के लोग भी सहयोग में जुटे देखे जा रहे हैं।
जो अच्छा काम कर रहे हैं, उनकी नजीर अन्य के सामने अधिकारी पेश कर रहे हैं। प्रगणकों को मकान की स्थिति और सदस्यों की जानकारी के 34 कॉलम ऑनलाइन भरने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें नजरी-नक्शा भी बनाना पड़ रहा है, जिससे काम में मुश्किलें आ रही हैं।
प्रत्येक प्रगणक के हिस्से में 150 से 300 मकान आ रहे हैं। कुछ प्रगणकों को तो 500 से 1000 तक जनगणना भवन दिए गए हैं। इस विसंगति के कारण काम करना कठिन हो रहा है। अकेला प्रगणक यह काम पूरा नहीं कर पा रहा, उसे सहयोग की आवश्यकता पड़ रही है। अगल-बगल के प्रगणक या परिजन व रिश्तेदार मदद कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र के बड़ेल वार्ड में एक महिला प्रगणक को 500 घर मिले। वह नक्शा नहीं बना पा रही थी और अधिशासी अधिकारी के कक्ष में रोने लगी। बीमारी का हवाला देने पर उनके साथ एक सहयोगी कर्मचारी लगाया गया। सआदतगंज में प्रगणक के पति आलोक शुक्ला 22 मई से काम में जुटे हैं। बकरीद के कारण मुस्लिम परिवारों से जानकारी नहीं मिली, जिससे काम प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
दक्षता से काम पूरा करने वाले प्रगणक : ऐसे प्रगणक भी देखने को मिले हैं, जिन्होंने पांच-छह दिन का काम एक दिन में ही कर दिया। अन्य प्रगणकों को उनकी कार्यशैली की नजीर दी जा रही है। उनसे काम करने के तरीके पूछे जा रहे हैं। नगर पालिका के एक वार्ड में एक प्रगणक ने नजरी-नक्शा के साथ करीब 250 घरों की ऑनलाइन फीडिंग का काम तीन दिन में पूरा कर दिया।
विज्ञापन
जो अच्छा काम कर रहे हैं, उनकी नजीर अन्य के सामने अधिकारी पेश कर रहे हैं। प्रगणकों को मकान की स्थिति और सदस्यों की जानकारी के 34 कॉलम ऑनलाइन भरने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें नजरी-नक्शा भी बनाना पड़ रहा है, जिससे काम में मुश्किलें आ रही हैं।
विज्ञापन
प्रत्येक प्रगणक के हिस्से में 150 से 300 मकान आ रहे हैं। कुछ प्रगणकों को तो 500 से 1000 तक जनगणना भवन दिए गए हैं। इस विसंगति के कारण काम करना कठिन हो रहा है। अकेला प्रगणक यह काम पूरा नहीं कर पा रहा, उसे सहयोग की आवश्यकता पड़ रही है। अगल-बगल के प्रगणक या परिजन व रिश्तेदार मदद कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र के बड़ेल वार्ड में एक महिला प्रगणक को 500 घर मिले। वह नक्शा नहीं बना पा रही थी और अधिशासी अधिकारी के कक्ष में रोने लगी। बीमारी का हवाला देने पर उनके साथ एक सहयोगी कर्मचारी लगाया गया। सआदतगंज में प्रगणक के पति आलोक शुक्ला 22 मई से काम में जुटे हैं। बकरीद के कारण मुस्लिम परिवारों से जानकारी नहीं मिली, जिससे काम प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
दक्षता से काम पूरा करने वाले प्रगणक : ऐसे प्रगणक भी देखने को मिले हैं, जिन्होंने पांच-छह दिन का काम एक दिन में ही कर दिया। अन्य प्रगणकों को उनकी कार्यशैली की नजीर दी जा रही है। उनसे काम करने के तरीके पूछे जा रहे हैं। नगर पालिका के एक वार्ड में एक प्रगणक ने नजरी-नक्शा के साथ करीब 250 घरों की ऑनलाइन फीडिंग का काम तीन दिन में पूरा कर दिया।