फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Emergency load shedding in the city and faults in villages have compounded the trouble.

Barabanki News: शहर में इमरजेंसी रोस्टिंग, गांवों में फाॅल्ट ने बढ़ाई परेशानी

Fri, 17 Jul 2026 01:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 17 Jul 2026 01:59 AM IST
विज्ञापन
Emergency load shedding in the city and faults in villages have compounded the trouble.
बाराबंकी। शहर में इमरजेंसी रोस्टिंग से लोग परेशान रहे हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश और तेज हवा के बाद बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। रामसनेहीघाट, कोटवाधाम, घुंघटेर और त्रिवेदीगंज क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों में फाॅल्ट, ट्रिपिंग और पेड़ गिरने से करीब 280 गांवों के ढाई लाख से अधिक लोगों को घंटों बिजली कटौती की परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन

रामसनेहीघाट क्षेत्र में बारिश के बाद फाॅल्ट और ट्रिपिंग से करीब 90 गांवों की बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। कोटवा सड़क और सनौली फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बुधवार रात करीब 11 बजे से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक बिजली बाधित रही। इससे करीब एक लाख लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन

कोटवाधाम उपकेंद्र से जुड़े 60 से अधिक गांवों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। शाम करीब सात बजे डेढ़ घंटे, रात 9:10 बजे से करीब ढाई घंटे और रात दो बजे से सुबह पांच बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। बृहस्पतिवार को 33 केवी लाइन पर पेड़ों की टहनियां टकराने से करीब तीन घंटे बिजली बाधित रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा लगातार ट्रिपिंग के कारण भी उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल सकी। वहीं बाबागंज उपकेंद्र से जुड़े बाबागंज, मोहनपुर, जमुआ, बढईपुरवा, लक्ष्मीपुर सहित 90 गांवों में तेज हवा और बारिश के बाद बिजली गुल रही। करीब साढ़े पांच घंटे आपूर्ति बाधित रहने से डेढ़ लाख आबादी प्रभावित हुई।
त्रिवेदीगंज क्षेत्र में मंगलपुर चौराहे के पास हाईवे किनारे से निकली 11 हजार केवीए लाइन में खराबी आ गई। इससे ककरी, मंगलपुर और गुरुदयाल पुरवा गांवों की करीब 15 हजार आबादी गर्मी और अंधेरे में रहने को मजबूर है। वहीं हैदरगढ़ ग्रामीण उपकेंद्र के मंझार फीडर से जुड़े रौनी, बारा, वैद्यखेड़ा, बुधनापुर, मंगलपुर सहित 40 गांवों में पूरी रात कटौती के बीच करीब दो घंटे ही बिजली मिल सकी।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग, ढाई घंटे हुई इमरजेंसी रोस्टिंग
भीषण गर्मी और उमस के चलते जिले में बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 434 एमवीए से अधिक पहुंच गई, जो इस वर्ष की अब तक की सबसे बड़ी डिमांड है। जिले में अधिकतम बिजली मांग 410 एमवीए तक पहुंची थी, लेकिन बुधवार को यह रिकॉर्ड टूट गया।
मांग अचानक बढ़ने से पावर कॉर्पोरेशन को ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव नियंत्रित करने के लिए बुधवार रात 10:05 बजे से 12:35 बजे तक इमरजेंसी रोस्टिंग करनी पड़ी। अधिशासी अभियंता घनश्याम त्रिपाठी का कहना है कि लगातार बढ़ रही बिजली खपत के कारण विद्युत व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में ग्रिड का संतुलन बनाए रखने और ओवरलोडिंग से बचाव के लिए इमरजेंसी रोस्टिंग करनी पड़ी।

इस तरह बढ़ी डिमांड
तीन जुलाई को 367 एमवीए
10 जुलाई को 384 एमवीए
14 जुलाई को 410 एमवीए
15 जुलाई को 434 एमवीए


ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी
बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही शहर में ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई। सिविल लाइन, कंपनीबाग, तहसील कॉलोनी, लक्ष्मणपुरी काॅलोनी, आवास विकास, श्रीराम कॉलोनी, बाल बिहार, सरस्वती विहार, दीनदयाल नगर, आजाद नगर, कटरा बारादरी सहित करीब 17 मोहल्लों में बुधवार शाम से ही 10 मिनट तो कभी 20 मिनट बिजली की आवाजाही रही।


फाॅल्ट ने उड़ाई नींद
शहर में बड़ेल के समीप जंपर उड़ने से बुधवार रात करीब दो बजे से तीन बजे तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे गयास नगर, बड़ेल, फतहाबाद के करीब 30 हजार लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि एक घंटे बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल होने पर लोगों को राहत मिल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed