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बिजली गुल, पानी को तरसे ढाई लाख लोग
अमर उजाला/बाराबंकी
Updated Sat, 09 Sep 2017 11:57 PM IST
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बिजली
- फोटो : SELF
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शहर में हो रही अघोषित विद्युत कटौती से लोग परेशान हैं। शासन की ओर से तय रोस्टर को पावर कॉर्पोरेशन लागू नहीं करा पा रहा है। शनिवार को कई चरणों में करीब चार घटे की अघोषित विद्युत कटौती से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। बिजली कटौती से शहरवासियों को सुबह करीब दो घंटे तक पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा। इससे शहर की करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित हुई।
मांग और उपलब्धता में अंतर होने के कारण हो रही आकस्मिक कटौती से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पावर कॉर्पोरेशन द्वारा शहर में 24 घंटे, तहसील में 20 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे का रोस्टर निर्धारित है, लेकिन मौजूदा समय में रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। शहर क्षेत्र में 18-20 घंटे, तहसील क्षेत्र में 14-15 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में बमुश्किल 10-12 घंटे ही लोगों को बिजली मिल पा रही है।
फतेहपुर क्षेत्र के गांवों में सात से आठ घंटे, हैदरगढ़ व रामसनेहीघाट के ग्रामीण क्षेत्र में दस से बारह घंटे बिजली मिल रही है। शहर क्षेत्र में शुक्रवार रात दो घंटे कटौती की गई। पीक ऑवर में हो रही कटौती से लोग परेशान हैं। सुबह बिजली गुल होने से पेयजल की दिक्कत हो रही है। जिले को बीस हजार मेगावॉट बिजली मांग के सापेक्ष 17 हजार मेगावॉट मिल रही है। तीन हजार मेगावॉट बिजली कम मिलने के कारण रोस्टर के अनुसार नहीं मिल पा रही है।
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कटौती का यही हाल रहा तो कानून व्यवस्था के लिए बिजली चुनौती बन सकती है। अधिवक्ता व कुछ इलाके में ग्रामीण प्रदर्शन कर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर चुके हैं। शनिवार को करीब चार घंटे की बिजली कटौती से पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। अधिशासी अभियंता आरके श्रीवास्तव का कहना है रोस्टर के अनुसार ही बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। इमरजेंसी कटौती होने के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई है।
शहर क्षेत्र में खराबियों को शामिल कर लिया जाए तो 24 घंटे के भीतर दो घंटे कटौती व लोकल फॉल्ट में जा रहे हैं। शुक्रवार रात 9 बजे बिजली गई जो 11 बजे आई। शनिवार को सुबह सात बजे बिजली गई तो 35 मिनट बाद आई। सुबह 11.40 बजे बिजली गई जो 12.10 पर आई। इसके अलावा कई बार अघोषित कटौती की गई, जिससे करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित रही।
बिजली कटौती से व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। पर्याप्त व समय से बिजली नहीं मिलने से छोटे व मझोले व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। दिन व रात में कई बार हो रही बिजली कटौती का असर सबसे अधिक आटा चक्की, वेल्डिंग, स्पेलर, फोटो व बिजली उपकरणों के दुकानदारों पर पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में बिजली की आवाजाही मरीजों के लिए मुसीबत बनी है। बिजली गुल होने पर बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को और ही कठिनाई का सामना करना पड़ता है। शनिवार को दिन मेें कई बार बिजली गुल होने से मरीज परेशान रहे।
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मांग और उपलब्धता में अंतर होने के कारण हो रही आकस्मिक कटौती से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पावर कॉर्पोरेशन द्वारा शहर में 24 घंटे, तहसील में 20 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे का रोस्टर निर्धारित है, लेकिन मौजूदा समय में रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। शहर क्षेत्र में 18-20 घंटे, तहसील क्षेत्र में 14-15 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में बमुश्किल 10-12 घंटे ही लोगों को बिजली मिल पा रही है।
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फतेहपुर क्षेत्र के गांवों में सात से आठ घंटे, हैदरगढ़ व रामसनेहीघाट के ग्रामीण क्षेत्र में दस से बारह घंटे बिजली मिल रही है। शहर क्षेत्र में शुक्रवार रात दो घंटे कटौती की गई। पीक ऑवर में हो रही कटौती से लोग परेशान हैं। सुबह बिजली गुल होने से पेयजल की दिक्कत हो रही है। जिले को बीस हजार मेगावॉट बिजली मांग के सापेक्ष 17 हजार मेगावॉट मिल रही है। तीन हजार मेगावॉट बिजली कम मिलने के कारण रोस्टर के अनुसार नहीं मिल पा रही है।
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कटौती का यही हाल रहा तो कानून व्यवस्था के लिए बिजली चुनौती बन सकती है। अधिवक्ता व कुछ इलाके में ग्रामीण प्रदर्शन कर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर चुके हैं। शनिवार को करीब चार घंटे की बिजली कटौती से पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। अधिशासी अभियंता आरके श्रीवास्तव का कहना है रोस्टर के अनुसार ही बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। इमरजेंसी कटौती होने के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई है।
शहर क्षेत्र में खराबियों को शामिल कर लिया जाए तो 24 घंटे के भीतर दो घंटे कटौती व लोकल फॉल्ट में जा रहे हैं। शुक्रवार रात 9 बजे बिजली गई जो 11 बजे आई। शनिवार को सुबह सात बजे बिजली गई तो 35 मिनट बाद आई। सुबह 11.40 बजे बिजली गई जो 12.10 पर आई। इसके अलावा कई बार अघोषित कटौती की गई, जिससे करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित रही।
बिजली कटौती से व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। पर्याप्त व समय से बिजली नहीं मिलने से छोटे व मझोले व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। दिन व रात में कई बार हो रही बिजली कटौती का असर सबसे अधिक आटा चक्की, वेल्डिंग, स्पेलर, फोटो व बिजली उपकरणों के दुकानदारों पर पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में बिजली की आवाजाही मरीजों के लिए मुसीबत बनी है। बिजली गुल होने पर बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों को और ही कठिनाई का सामना करना पड़ता है। शनिवार को दिन मेें कई बार बिजली गुल होने से मरीज परेशान रहे।