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बिजली बनाने की जगह जलाकर नष्ट की जा रही बायोगैस

Fri, 01 Jul 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Fri, 01 Jul 2016 11:34 PM IST
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Electricity being destroyed instead of start production by burning biogas
चक गंजरिया निबलेट फार्म - फोटो : अमर उजाला
चक गंजरिया निबलेट फार्म में निर्माण निगम की लापरवाही से प्रतिदिन 800 यूनिट बिजली उत्पादन का कार्य प्रभावित हो रहा है। परिसर में बने बायोगैस बिजली प्लांट से भारी मात्रा में गैस चिमनी द्वारा जलाकर नष्ट की जा रही है। यह समस्या परिसर में लाइन न खींचे जाने से बनी है।
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बिजली उत्पादन के सभी कार्य पूरे होने के बावजूद निर्माण निगम की लापरवाही के कारण यह समस्या बनी हुई है। बैलून में लिमिट से ज्यादा होने वाली गैस को विभागीय लापरवाही के चलते नष्ट करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट चक गंजरिया निबलेट फार्म में बायोगैस से बिजली उत्पादन करने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है।
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13 जून से प्लांट से बिजली उत्पान शुरू किया जाना था। इसके लिए निबलेट फार्म परिसर में 90 लाख रुपये की लागत से बना बायोगैस प्लांट गोबर ट्रांसप्लांट का काम बीते 7 अप्रैल से किया जा रहा है। जिसके बाद 16 अप्रैल से गैस बनना प्रारंभ हो गई थी। बायोगैस टैंक में प्रतिदिन 1500 से 2000 किलोग्राम गोबर मिश्रण टैंक से मोटर द्वारा डाला जाता है।
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बायोगैस प्लांट से निकलने वाली गैस को एक बड़े बैलून जिसकी क्षमता एक लाख किलोग्राम है और पूरा बैलून फुल हो चुका है। निर्माण निगम द्वारा प्लांट से परिसर तक बिजली आपूर्ति के लिए खींची जाने वाली लाइन का कार्य न किए जाने से जारी तैयारियां पूरी होने के बाद भी उत्पादन ठप है। बैलून में गैस भंडारण होने के बाद प्रतिदिन उत्पादित होनी वाली गैस बेकार हो रही है।

बैलून के भंडारण क्षमता से अधिक उत्पादित होने वाली गैस को चिमनी में जलाकर नष्ट किया जा रहा है। लाइन न खींचे जाने से प्लांट पर लगा जनरेटर ऑपरेट नहीं किया जा रहा है। जनरेटर से प्रतिदिन करीब करीब 26 किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। अब तक 14 हजार 200 यूनिट बिजली का उत्पादन प्रभावित हो चुका है।  

3.5 लाख रुपये प्रतिमाह खपत होती बिजली
निबलेट फार्म में प्रतिदिन करीब 1900 यूनिट बिजली खपत होती है। जिसका महीने भर का बिल 3.5 लाख रुपये आता  है। बायोगैस प्लांट शुरू होने पर प्रतिदिन करीब 800 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। एक महीने में करीब 24000 यूनिट का उत्पादन होने से बिजली बिल में 40 फीसदी की कमी आ जाएगी।  

बायोगैस प्लांट से बिजली उत्पादन की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसके लिए कोई अलग से लाइन नहीं खिंचवाई जाएगी। एक दो दिन में जनरेटर कक्ष से लाइन जोड़ कर काम शुरू कर दिया जाएगा। 

संदीप सिंह, प्र्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण निगम निबलेट फार्म

बायोगैस प्लांट से उत्पादन होने वाली बिजली की सप्लाई के लिए अगल से लाइन खींची जाएगी। जिसके लिए एक सप्ताह पूर्व निर्माण निगम को लाइन खिंचवाने के लिए पत्र दिया गया था। जैसे ही लाइन खींच जाएगी जनरेटर आपरेटर कर बिजली उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. मदन पाल सिंह, अधीक्षक पशुधन प्रक्षेत्र निबलेट फार्म
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