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अयोध्या तक दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें, आज होगा ट्रायल
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बाराबंकी। जिले से रामनगरी अयोध्या तक इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। विद्युतीकरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। ट्रैक भी मजबूत किया जा चुका है। अब जल्द ही इस ट्रैक पर 100 किमी प्रति घंटा या इससे अधिक गति से इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी। बुधवार को सीआरएस की टीम इसका ट्रायल करेगी। कोई कमी मिली तो दुरुस्त किया जाएगा और सब कुछ ठीक रहा तो संचालन प्रारम्भ कर दिया जाएगा। इसे लेकर मंगलवार को भी ट्रैक का निरीक्षण किया जाता रहा।
बाराबंकी रेलवे स्टेशन से अयोध्या कैंट तक की दूरी करीब 100 किमी है। पिछले साल ही इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए ट्रैक पर काम शुरू हो गया था। अधिकारियों के अनुसार, राजधानी लखनऊ से रामनगरी अयोध्या तक इलेक्ट्रिक ट्रेेनों के संचालन को लेकर केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय भी गंभीर था। ट्रैक पर काम पूरा होने की समय सीमा मार्च 2022 पिछले साल ही निर्धारित कर दी गई थी। मार्च के अंतिम सप्ताह में विद्युतीकरण से लेकर पटरियों को मजबूत करने का काम पूरा भी हो गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक अपनी टीम के साथ बुधवार को बाराबंकी से अयोध्या तक के रूट पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर इसका जायजा लेंगे। इसे लेकर जारी आदेश एक दिन पहले ही बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार, अयोध्या से अकबरपुर तक का रेलवे ट्रैक पहले ही इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन के लिए बन चुका है। ऐसे में अब बाराबंकी से अकबरपुर तक इलेक्ट्रिक ट्रेेनें फर्राटा भरेंगी।
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कवच को लेकर मिले 467 करोड़, 2024 तक पूरा होगा कार्य
बाराबंकी-गोरखपुर रेलखंड को एंटी कोलिजन डिवाइस तकनीक से लैस करने के लिए 467 करोड़ रुपये का बजट मिल गया है। जल्द ही इसे लेकर कार्य शुरू होगा। बता दें कि रेल हादसे रोकने के लिए रेलवे ने बाराबंकी से गोरखपुर तक रेलवे लाइन को एंटी कोलिजन डिवाइस से लैस करने का फैसला लिया था।
इस स्वचालित सुरक्षा प्रणाली को कवच का नाम दिया गया है। इसके लगने के बाद ट्रेनों में टक्कर की संभावनाएं न के बराबर होंगी। क्योंकि जैसे ही दो ट्रेनें आमने-सामने आएंगी ट्रेनों में अपने आप ब्रेक लग जाएंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुुसार, इस कार्य को पूरा करने के लिए 467 करोड़ रुपये का बजट मिल गया है। इस कार्य का पूरा करने की समय सीमा 2024 निर्धारित की गई है।
बुधवार को सीआरएस की टीम बाराबंकी से अयोध्या तक इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन का ट्रायल करेगी। इसमें सभी चीजों को बारीकी से परखा जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो बाराबंकी से अयोध्या तक इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
-पियूष वर्मा, अधीक्षक, बाराबंकी रेलवे स्टेशन
इंजन की खराबी से 20 मिनट खड़ी रही ट्रेन
त्रिवेदीगंज। पटना से दिल्ली जा रही सद्भावना एक्सप्रेस के इंजन में आई तकनीकी खराबी के चलते लोनीकटरा ओवरब्रिज के पास खड़ी हो गई। आननफानन इंजीनियरों ने खराबी ठीक की और करीब 20 मिनट बाद ट्रेन रवाना हुई। मंगलवार की शाम करीब साढ़े चार बजे सद्भावना एक्सप्रेस के इंजन में अचानक खराबी आ गई।
ट्रेन की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई और ट्रेन लोनीकटरा थाना के पास लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर बने अंडरपास के नीचे खड़ी हो गई। तकनीकी खराबी दूर होने के बाद ट्रेन रवाना हुई। त्रिवेदीगंज स्टेशन मास्टर मुकेश मीणा ने बताया कि इस दौरान कोई अन्य ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। संवाद
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बाराबंकी रेलवे स्टेशन से अयोध्या कैंट तक की दूरी करीब 100 किमी है। पिछले साल ही इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए ट्रैक पर काम शुरू हो गया था। अधिकारियों के अनुसार, राजधानी लखनऊ से रामनगरी अयोध्या तक इलेक्ट्रिक ट्रेेनों के संचालन को लेकर केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय भी गंभीर था। ट्रैक पर काम पूरा होने की समय सीमा मार्च 2022 पिछले साल ही निर्धारित कर दी गई थी। मार्च के अंतिम सप्ताह में विद्युतीकरण से लेकर पटरियों को मजबूत करने का काम पूरा भी हो गया है।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक अपनी टीम के साथ बुधवार को बाराबंकी से अयोध्या तक के रूट पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर इसका जायजा लेंगे। इसे लेकर जारी आदेश एक दिन पहले ही बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार, अयोध्या से अकबरपुर तक का रेलवे ट्रैक पहले ही इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन के लिए बन चुका है। ऐसे में अब बाराबंकी से अकबरपुर तक इलेक्ट्रिक ट्रेेनें फर्राटा भरेंगी।
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कवच को लेकर मिले 467 करोड़, 2024 तक पूरा होगा कार्य
बाराबंकी-गोरखपुर रेलखंड को एंटी कोलिजन डिवाइस तकनीक से लैस करने के लिए 467 करोड़ रुपये का बजट मिल गया है। जल्द ही इसे लेकर कार्य शुरू होगा। बता दें कि रेल हादसे रोकने के लिए रेलवे ने बाराबंकी से गोरखपुर तक रेलवे लाइन को एंटी कोलिजन डिवाइस से लैस करने का फैसला लिया था।
इस स्वचालित सुरक्षा प्रणाली को कवच का नाम दिया गया है। इसके लगने के बाद ट्रेनों में टक्कर की संभावनाएं न के बराबर होंगी। क्योंकि जैसे ही दो ट्रेनें आमने-सामने आएंगी ट्रेनों में अपने आप ब्रेक लग जाएंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुुसार, इस कार्य को पूरा करने के लिए 467 करोड़ रुपये का बजट मिल गया है। इस कार्य का पूरा करने की समय सीमा 2024 निर्धारित की गई है।
बुधवार को सीआरएस की टीम बाराबंकी से अयोध्या तक इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन का ट्रायल करेगी। इसमें सभी चीजों को बारीकी से परखा जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो बाराबंकी से अयोध्या तक इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
-पियूष वर्मा, अधीक्षक, बाराबंकी रेलवे स्टेशन
इंजन की खराबी से 20 मिनट खड़ी रही ट्रेन
त्रिवेदीगंज। पटना से दिल्ली जा रही सद्भावना एक्सप्रेस के इंजन में आई तकनीकी खराबी के चलते लोनीकटरा ओवरब्रिज के पास खड़ी हो गई। आननफानन इंजीनियरों ने खराबी ठीक की और करीब 20 मिनट बाद ट्रेन रवाना हुई। मंगलवार की शाम करीब साढ़े चार बजे सद्भावना एक्सप्रेस के इंजन में अचानक खराबी आ गई।
ट्रेन की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई और ट्रेन लोनीकटरा थाना के पास लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर बने अंडरपास के नीचे खड़ी हो गई। तकनीकी खराबी दूर होने के बाद ट्रेन रवाना हुई। त्रिवेदीगंज स्टेशन मास्टर मुकेश मीणा ने बताया कि इस दौरान कोई अन्य ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। संवाद