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जिला अस्पताल से गंभीर मरीजों को भी नहींं किया रेफर
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Fri, 03 Jun 2016 12:01 AM IST
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बाराबंकी। जिला अस्पताल में गुरुवार को भर्ती गंभीर मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की हड़ताल का असर जिले में भी देखने को मिला। जिला अस्पताल में मरीजों का लोड बढ़ रहा है। दो दिन से जारी हड़ताल के कारण कई मरीजों को उनके तीमारदारों ने निजी अस्पतालों में भर्ती कराया है।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भर्ती न लेने पर यहां से राम मनोहर लोहिया, बलरामपुर व सिविल अस्पताल में मरीजों को भेजा जा रहा है। जिले के चिकित्सक मरीजों को ज्यादा से ज्यादा यहीं रोककर इलाज करने में जुटे हैं।
जिला अस्पताल में 140 बेडों की व्यवस्था है। बीते कई माह से यहां के करीब 30 प्रतिशत बेेड खाली रहते थे। यहां से गंभीर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर रेफर करने का औसत प्रतिदिन को 15-20 मरीजों का है। केजीएमयू में चिकित्सकों द्वारा हड़ताल शुुरू करने पर वहां गंभीर मरीजों की भर्ती नहीं की जा रही है।
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जिसका लोड जिले के अस्पताल पर भी पड़ रहा है। यहां के चिकित्सकों द्वारा गंभीर मरीजों को वार्डों में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है और जो अति गंभीर मरीज हैं उन्हें 108 नंबर एंबुलेंस की मदद से राम मनोहर लोहिया, बलरामपुर व सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
गुरुवार को इमरजेंसी में तैनात डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि यहां करीब चार गंभीर मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। और जो अतिगंभीर होते हैं उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया जा रहा है। हड़ताल को देखते हुए सीएमएस डॉ एसके सिंह ने पांच चिकित्सकों की टीम गंभीर मरीजाें के बेहतर उपचार के लिए लगा रखी है।
आवश्यकता पड़ता पड़ने पर कॉल करके भी स्पेशलिस्टों को बुलाया जाता है। सीएमएस डॉ. एसके सिंह मरीजों का उपचार करने वाले चिकित्सकों से किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की अपील की है।
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केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भर्ती न लेने पर यहां से राम मनोहर लोहिया, बलरामपुर व सिविल अस्पताल में मरीजों को भेजा जा रहा है। जिले के चिकित्सक मरीजों को ज्यादा से ज्यादा यहीं रोककर इलाज करने में जुटे हैं।
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जिला अस्पताल में 140 बेडों की व्यवस्था है। बीते कई माह से यहां के करीब 30 प्रतिशत बेेड खाली रहते थे। यहां से गंभीर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर रेफर करने का औसत प्रतिदिन को 15-20 मरीजों का है। केजीएमयू में चिकित्सकों द्वारा हड़ताल शुुरू करने पर वहां गंभीर मरीजों की भर्ती नहीं की जा रही है।
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जिसका लोड जिले के अस्पताल पर भी पड़ रहा है। यहां के चिकित्सकों द्वारा गंभीर मरीजों को वार्डों में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है और जो अति गंभीर मरीज हैं उन्हें 108 नंबर एंबुलेंस की मदद से राम मनोहर लोहिया, बलरामपुर व सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
गुरुवार को इमरजेंसी में तैनात डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि यहां करीब चार गंभीर मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। और जो अतिगंभीर होते हैं उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया जा रहा है। हड़ताल को देखते हुए सीएमएस डॉ एसके सिंह ने पांच चिकित्सकों की टीम गंभीर मरीजाें के बेहतर उपचार के लिए लगा रखी है।
आवश्यकता पड़ता पड़ने पर कॉल करके भी स्पेशलिस्टों को बुलाया जाता है। सीएमएस डॉ. एसके सिंह मरीजों का उपचार करने वाले चिकित्सकों से किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की अपील की है।