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Barabanki News: बेटी की शादी तो कहीं खेती का संकट
Tue, 26 May 2026 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 26 May 2026 02:12 AM IST
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बाराबंकी। माती कांड में फैसले के बाद 22 लोगों के सलाखों के पीछे पहुंचते ही उनके परिवारों पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक शादी-ब्याह और नए सपनों की चर्चा थी, वहां अब सन्नाटा और चिंता का माहौल पसरा हुआ है।
फैसले से पहले कचहरी परिसर में दोषियों के परिवारों की महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नई बिल्डिंग के सामने लोग सजा को लेकर कयासबाजी करते नजर आए। कोई कम सजा की उम्मीद जता रहा था तो कोई कठोर दंड की चर्चा कर रहा था।
जैसे ही अदालत का फैसला सामने आया, दोषियों के परिवारों में मातम छा गया। महिलाओं की चीख-पुकार से परिसर का माहौल गमगीन हो उठा। कई महिलाएं रोते-बिलखते जमीन पर बैठ गईं। कुछ देर तक कचहरी परिसर में अफरातफरी जैसा माहौल बना रहा। रेंदुआ पल्हरी निवासी चंद्रिका के परिजनों ने नम आंखों से बताया कि उनकी बेटी की गोद भराई हो चुकी थी और घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं।
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रिश्तेदारों को निमंत्रण देने से लेकर जरूरी सामान जुटाने तक की तैयारी पूरी हो रही थी। इसी तरह कई अन्य परिवारों के सपने भी अधूरे रह गए हैं। ग्रामीण रामसहज ने बताया कि कोई नया घर बनवाने की सोच रहा था, तो किसी ने खेती के लिए कर्ज लेकर तैयारी की थी।
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फैसले से पहले कचहरी परिसर में दोषियों के परिवारों की महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नई बिल्डिंग के सामने लोग सजा को लेकर कयासबाजी करते नजर आए। कोई कम सजा की उम्मीद जता रहा था तो कोई कठोर दंड की चर्चा कर रहा था।
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जैसे ही अदालत का फैसला सामने आया, दोषियों के परिवारों में मातम छा गया। महिलाओं की चीख-पुकार से परिसर का माहौल गमगीन हो उठा। कई महिलाएं रोते-बिलखते जमीन पर बैठ गईं। कुछ देर तक कचहरी परिसर में अफरातफरी जैसा माहौल बना रहा। रेंदुआ पल्हरी निवासी चंद्रिका के परिजनों ने नम आंखों से बताया कि उनकी बेटी की गोद भराई हो चुकी थी और घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं।
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रिश्तेदारों को निमंत्रण देने से लेकर जरूरी सामान जुटाने तक की तैयारी पूरी हो रही थी। इसी तरह कई अन्य परिवारों के सपने भी अधूरे रह गए हैं। ग्रामीण रामसहज ने बताया कि कोई नया घर बनवाने की सोच रहा था, तो किसी ने खेती के लिए कर्ज लेकर तैयारी की थी।