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नदी की धारा में समाई तीन सौ बीघे, सरसों, गेहूं और मसूर की फसल
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कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का पानी तराई के तीन गांवों के निकट तेजी से कटान कर रहा है। इससे तराई के लोगों में जहां हड़कंप मच गया है वहीं करीब तीन सौ बीघे सरसों, गेहूं और मसूर की फसल नदी की धारा में समा चुकी है। किसानों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी बाढ़ खंड विभाग को कोई अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा है जिससे आक्रोश पनप रहा है।
तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बसे टेपरा, भैरवकोल और सरायं सुरजन गांवों के निकट नदी का पानी तेजी से कटान कर रहा है। नदी की कटान को देखते हुए इन गांवों के लोग सहम गए हैं और फिर से अपने घरों व परिवारीजनों के साथ ही मवेशियों को बांध पर लाने पर के लिए मजबूर हो रहे हैं। किसानों की खेती योग्य भूमि नदी की धारा में समाने से किसानों की रातों की नींद गायब हो गई है।
यहां के निवासी किसान मितई, तिलकराम, पवन पांडेय, रामकुमार यादव और बाबू लाल ने बताया कि करीब तीन सौ बीघे सरसों, गेहूं और मसूर की फसल अब तक नदी की धारा में समा चुकी है। किसानों ने बताया कि इससे पहले भी नदी का पानी कटान कर चुका है और यहां के किसानों की सैकड़ों बीघे खेतों में खड़ी गन्ने की फसल नदी की धारा में समा चुकी है।
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तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बसे टेपरा, भैरवकोल और सरायं सुरजन गांवों के निकट नदी का पानी तेजी से कटान कर रहा है। नदी की कटान को देखते हुए इन गांवों के लोग सहम गए हैं और फिर से अपने घरों व परिवारीजनों के साथ ही मवेशियों को बांध पर लाने पर के लिए मजबूर हो रहे हैं। किसानों की खेती योग्य भूमि नदी की धारा में समाने से किसानों की रातों की नींद गायब हो गई है।
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यहां के निवासी किसान मितई, तिलकराम, पवन पांडेय, रामकुमार यादव और बाबू लाल ने बताया कि करीब तीन सौ बीघे सरसों, गेहूं और मसूर की फसल अब तक नदी की धारा में समा चुकी है। किसानों ने बताया कि इससे पहले भी नदी का पानी कटान कर चुका है और यहां के किसानों की सैकड़ों बीघे खेतों में खड़ी गन्ने की फसल नदी की धारा में समा चुकी है।
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