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Barabanki News: अपराधी पढ़ेंगे जीवन दर्शन, जेल में खुलेगी लाइब्रेरी

Mon, 16 Sep 2024 05:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Mon, 16 Sep 2024 05:32 AM IST
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Criminals will read philosophy of life, library will open in jail
बाराबंकी जिला कारागार।  
बाराबंकी। हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, डकैती व मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले जल्द ही जीवन दर्शन, सामाजिक सद्भाव व अहिंसा से जुड़ीं पुस्तकें पढ़ेंगे। सुनने में थोड़ा अजीब भले ही लग रहा हो मगर जेल में कुछ ऐसा ही अनूठा प्रयोग करने की तैयारी है। इसके लिए जिला जेल में लाइब्रेरी खोलने की पहल की जा रही है। बंदी कानून से लेकर देश प्रेम व संस्कृति पर आधारित पुस्तकें भी पढ़ सकेंगे।
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बाराबंकी की जिला जेल 980 बंदियों को रखने की क्षमता के हिसाब से बनी है। लेकिन यहां पर 1200 से 1700 बंदी तक निरुद्ध हो जाते हैं। इनमें से करीब 40 महिला बंदी भी हैं। जेल में बंद रहने के दौरान व लंबे समय तक बंद रहने वाले कैदी अक्सर अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं। हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, डकैती व मादक पदार्थ व पशु तस्करी आदि गंभीर जुर्म में सजा पाने के बाद करीब 300 अपराधी यहां बंद हैं। इनमें से कइयों को ब्लड प्रेशर की बीमारी है। हार्ट अटैक से अक्सर मौत होने की घटनाएं भी सामने आती हैं।
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जेलर जेपी तिवारी ने बताया कि खाली समय में बंदी अगर अच्छी पुस्तकें पढ़ेंगे तो उनका बौद्धिक स्तर पर प्रभाव पड़ेगा। देश दुनिया के बारे में भी जान सकेंगे।
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नोयडा में प्रयोग कर चुके हैं जेलर
यहां के मौजूदा जेलर जेपी तिवारी नोयडा की जेल में इसका सफल प्रयोग कर चुके हैं। कुछ माह पहले ही बाराबंकी तबादला होने के बाद लाइब्रेरी की स्थापना को लेकर पहल की है। जेल में बंदियों को सहयोग करने वालीं संस्थाओं के आगे आने की उम्मीद है।
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