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धांधली कर बेच डाली 3 करोड़ की जमीन
अमर उजाला/बाराबंकी
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:21 AM IST
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जमीन की खुदाई
- फोटो : फाइल फोटो
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राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की साठगांठ से ग्राम समाज की तीन करोड़ से भी अधिक कीमत की भूमि को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने का मामला प्रकाश मेें आया है। राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से हुए इस गोरखधंधे का भांडा फूटने के बाद हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में तहसीलदार नवाबगंज ने इस फर्जी प्रविष्टि के आधार पर दर्ज कराए गए चकबंदी अधिकारी सदर के आदेश को निरस्त कर दिया लेकिन जालसाजी करने वालों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मामला देवा कोतवाली के ग्राम खेवली का है। यहां के खाता संख्या 070 में गाटा संख्या 916 की 0.305 एयर, 935 की 0.150 एयर, 960 0.146 एयर, 967 की 0.167, 970 मि. की 0.265 बंजर खाते में दर्ज जमीन है।
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बताते हैं कि करीब तीन करोड़ रुपये से भी अधिक कीमत वाली इस 10 बीघा 33 ऐरी जमीन को गांव के ही शिवबालक व जयपाल निवासी बस्ती देवा के नाम गुपचुप तरीके से चकबंदी अधिकारी सदर के आदेश (वाद संख्या 17/26-7-13) पर दर्ज कर दिया गया।
सूत्रोें की मानें तो इस घपले को प्रधानी चुनावों के दौरान कराया गया ताकि ग्रामीणों को काम पूरा होने तक इसकी भनक न लग सके। इस फर्जीवाडे़ की जानकारी युवा महिला ग्राम प्रधान पूनम यादव को होने के बाद ही मामले ने तूल पकड़ लिया। ग्राम प्रधान ने इस प्रकरण की शिकायत तहसीलदार नवाबगंज से की तो विभाग में हड़कंप मच गया।
तहसीलदार नवाबगंज ने आनन-फानन में 30 मार्च 2016 का इसे त्रुटिपूर्ण एवं फर्जी प्रविष्टि के आधार पर दर्ज कराए गए चकबंदी अधिकारी सदर के आदेश का अंकन निरस्त कर दिया तथा इस मामले की भनक आला अधिकारियों को न लगने पाए, इसलिए इस पूरे मामले पर विभागीय लोग पर्दा डालने पर जुटे हुए हैं।
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आनन-फानन में तहसीलदार नवाबगंज ने इस फर्जी प्रविष्टि के आधार पर दर्ज कराए गए चकबंदी अधिकारी सदर के आदेश को निरस्त कर दिया लेकिन जालसाजी करने वालों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मामला देवा कोतवाली के ग्राम खेवली का है। यहां के खाता संख्या 070 में गाटा संख्या 916 की 0.305 एयर, 935 की 0.150 एयर, 960 0.146 एयर, 967 की 0.167, 970 मि. की 0.265 बंजर खाते में दर्ज जमीन है।
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बताते हैं कि करीब तीन करोड़ रुपये से भी अधिक कीमत वाली इस 10 बीघा 33 ऐरी जमीन को गांव के ही शिवबालक व जयपाल निवासी बस्ती देवा के नाम गुपचुप तरीके से चकबंदी अधिकारी सदर के आदेश (वाद संख्या 17/26-7-13) पर दर्ज कर दिया गया।
सूत्रोें की मानें तो इस घपले को प्रधानी चुनावों के दौरान कराया गया ताकि ग्रामीणों को काम पूरा होने तक इसकी भनक न लग सके। इस फर्जीवाडे़ की जानकारी युवा महिला ग्राम प्रधान पूनम यादव को होने के बाद ही मामले ने तूल पकड़ लिया। ग्राम प्रधान ने इस प्रकरण की शिकायत तहसीलदार नवाबगंज से की तो विभाग में हड़कंप मच गया।
तहसीलदार नवाबगंज ने आनन-फानन में 30 मार्च 2016 का इसे त्रुटिपूर्ण एवं फर्जी प्रविष्टि के आधार पर दर्ज कराए गए चकबंदी अधिकारी सदर के आदेश का अंकन निरस्त कर दिया तथा इस मामले की भनक आला अधिकारियों को न लगने पाए, इसलिए इस पूरे मामले पर विभागीय लोग पर्दा डालने पर जुटे हुए हैं।