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मासूम बेटे का हवाला दे जान की भीख मांगती रही प्रीति
बहराइच/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:16 PM IST
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किसी को इस बात पर यकीन नहीं पड़ रहा है कि जिस बेटी को मां-बाप ने इतने लाड़-प्यार से पाला हो, वही उसकी निर्ममता से उसकी हत्या कैसे कर सकते हैं, और जिस कलाई पर बहन राखी बांध रक्षा का बचन लेती हो वही हाथ से उसकी हत्या कैसे कर सकते हैं। आज पूरे गांव में पसरे सन्नाटे के बीच पुलिस के गाड़ियों के हूटर-सायरन की आवाज सुन लोग दुबक जा रहे हैं।
देवा क्षेत्र के ग्राम कैमई में बीती रात जो कुछ भी हुआ वह इंसानियत का शर्मसार कर देने वाला था। प्रीति की मौत ने मां की ममता हत्यारे बाप का प्यार व भाई के रिश्ते को कलंकित करके रख दिया। संदीप की चाची विद्यावती के मुताबिक मंगलवार रात जब मृतका प्रीति का पिता हरिलाल अपनी बेटी को घर से बुलाने आया तो वह अपने रोते हुए दुधमुंहे बच्चे को सीने से चिपकाए टहल रही थी और पति संदीप घर पर सो रहा था।
प्रीति का शोर सुनकर वह उठ गया। इसी दौरान बच्चे को झटके से अलग कर प्रीति को मारते पीटते घसीटते हुए अपने घर खींच ले गया। जहां पर अपने घरवालों के सामने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
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प्रीति को घसीटने के दौरान संदीप और दूसरे लोगों ने विरोध किया तो उनको हत्यारे बाप हरिलाल परिणाम भुगतने का धमकी देता रहा। इन लोगों की दरिंदगी का आलम यह रहा कि खुद प्रीति के ससुराल वाले व पति भी इनकी आक्रमकता के आगे बेबस हो गए।
मृतका प्रीति के हत्यारे चाचा के मुताबिक घर पर चारपाई पर पकड़ कर वह लोग जब उसकी हत्या करने के लिए गला दबा रहे थे तो प्रीति रो-रोकर अपने दुधमुंहे बच्चे का हवाला देकर अपनी जान की भीख मांग रही थी, लेकिन परिवारीजनों के सिर पर सवार खून के आगे उन्हीं की बेटी की आवाज उसी कमरे में दफन होकर रह गई।
मुखबिर ने दी सूचना
घटना की सूचना मंगलवार की देर रात करीब 11 बजे हलका दरोगा शफातउल्ला खां को उनके एक मुखबिर ने फोन पर दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने इंस्पेक्टर बीपी यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव के किनारे जंगल व खेतों में तलाश के लिए सघन कांबिंग शुरू की।
रिश्तेदारों के यहां दबिश
सुबह से ही पुलिस की टीमों ने मृतका के परिवारीजनों के यहां दबिश देना शुरू किया। जिसमें उखड़ी, इस्माइलगंज, उदवतपुर व सरैया में दबिशें दी गई। सरैया में एक रिश्तेदार के घर में छिपा मृतका का चाचा हरिनाम पकड़ा गया। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।
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देवा क्षेत्र के ग्राम कैमई में बीती रात जो कुछ भी हुआ वह इंसानियत का शर्मसार कर देने वाला था। प्रीति की मौत ने मां की ममता हत्यारे बाप का प्यार व भाई के रिश्ते को कलंकित करके रख दिया। संदीप की चाची विद्यावती के मुताबिक मंगलवार रात जब मृतका प्रीति का पिता हरिलाल अपनी बेटी को घर से बुलाने आया तो वह अपने रोते हुए दुधमुंहे बच्चे को सीने से चिपकाए टहल रही थी और पति संदीप घर पर सो रहा था।
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प्रीति का शोर सुनकर वह उठ गया। इसी दौरान बच्चे को झटके से अलग कर प्रीति को मारते पीटते घसीटते हुए अपने घर खींच ले गया। जहां पर अपने घरवालों के सामने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
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प्रीति को घसीटने के दौरान संदीप और दूसरे लोगों ने विरोध किया तो उनको हत्यारे बाप हरिलाल परिणाम भुगतने का धमकी देता रहा। इन लोगों की दरिंदगी का आलम यह रहा कि खुद प्रीति के ससुराल वाले व पति भी इनकी आक्रमकता के आगे बेबस हो गए।
मृतका प्रीति के हत्यारे चाचा के मुताबिक घर पर चारपाई पर पकड़ कर वह लोग जब उसकी हत्या करने के लिए गला दबा रहे थे तो प्रीति रो-रोकर अपने दुधमुंहे बच्चे का हवाला देकर अपनी जान की भीख मांग रही थी, लेकिन परिवारीजनों के सिर पर सवार खून के आगे उन्हीं की बेटी की आवाज उसी कमरे में दफन होकर रह गई।
मुखबिर ने दी सूचना
घटना की सूचना मंगलवार की देर रात करीब 11 बजे हलका दरोगा शफातउल्ला खां को उनके एक मुखबिर ने फोन पर दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने इंस्पेक्टर बीपी यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव के किनारे जंगल व खेतों में तलाश के लिए सघन कांबिंग शुरू की।
रिश्तेदारों के यहां दबिश
सुबह से ही पुलिस की टीमों ने मृतका के परिवारीजनों के यहां दबिश देना शुरू किया। जिसमें उखड़ी, इस्माइलगंज, उदवतपुर व सरैया में दबिशें दी गई। सरैया में एक रिश्तेदार के घर में छिपा मृतका का चाचा हरिनाम पकड़ा गया। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।