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सांसद ने की सीबीआई जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो/ बाराबंकी
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:18 PM IST
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उन्होंने कहा कि बेगुनाहों को थाने पर लाकर उनसे धन उगाही की जा रही है। कोठी कांड इसका ज्वलंत उदाहरण है। इतनी बड़ी घटना में अभी तक दोनों आरोपियों के खिलाफ न तो हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और न ही उनकी गिरफ्तारी हुई है।
इस मामले की जांच सीबीआई ही निष्पक्ष तरीके से कर सकती है। पीएल पुनिया ने शुक्रवार को अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में आरोपी पूर्व एसओ व एसआई पर कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
उसके बाद कांग्रेस की तरफ से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन होगा। कहा कि इसी बीच संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। संसद में इस जघन्य वारदात की सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
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सांसद ने कहा सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि मृत पूर्व बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए लेकिन यहां तो छह दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस नहीं दर्ज हुआ।
इसका साफ मतलब है कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने में लगा है। इस घटना की निष्पक्ष जांच सीबीआई ही कर सकती है। कहा जब जिले का कप्तान खुलेआम कह रहा हो कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करेंगे तो न्याय मिलने की उम्मीद कहां बचती है।
सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही चुप बैठेगें। कहा जिले के थानों में बेकसूरों को पकड़कर लाया जाता है। उससे वसूली की जाती है। नहीं तो किसी फर्जी मामले में जेल भेज दिया जाता है।
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इस मामले की जांच सीबीआई ही निष्पक्ष तरीके से कर सकती है। पीएल पुनिया ने शुक्रवार को अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में आरोपी पूर्व एसओ व एसआई पर कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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उसके बाद कांग्रेस की तरफ से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन होगा। कहा कि इसी बीच संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। संसद में इस जघन्य वारदात की सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
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सांसद ने कहा सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि मृत पूर्व बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए लेकिन यहां तो छह दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस नहीं दर्ज हुआ।
इसका साफ मतलब है कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने में लगा है। इस घटना की निष्पक्ष जांच सीबीआई ही कर सकती है। कहा जब जिले का कप्तान खुलेआम कह रहा हो कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करेंगे तो न्याय मिलने की उम्मीद कहां बचती है।
सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही चुप बैठेगें। कहा जिले के थानों में बेकसूरों को पकड़कर लाया जाता है। उससे वसूली की जाती है। नहीं तो किसी फर्जी मामले में जेल भेज दिया जाता है।