{"_id":"57910e7a4f1c1bc148c4b597","slug":"gas-consumers-are-not-getting-the-benefit-of-subsidies","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैस उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा सब्सिडी का लाभ ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैस उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा सब्सिडी का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
gas cylender, jhansi news
- फोटो : demo pice
घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को पिछले तीन चार माह से सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ता सब्सिडी का लाभ पाने के लिए एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं जबकि एजेंसी संचालक आधार कार्ड मिस-मैच या फिर बैंक खाता नंबर गलत होने की बात कहकर उपभोक्ताओं को टाल रहे हैं।
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर से सब्सिडी खत्म करते हुए सब्सिडी का पैसा उपभोक्ताओं के खाते में भेजने का कार्य शुरू किया था। शुरुआत में तो यह प्रक्रिया ठीक ठाक चली। एजेंसी से गैस लेने के बाद सब्सिडी का पैसा तीन चार दिन के अंदर उपभोक्ताओं के खाते में आ जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
घरेलू गैस उपभोक्ताओं की मानें तो तीन-चार माह से एजेंसी से गैस लेने के बाद भी खाते में सब्सिडी का पैसा नहीं आ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब इस बात की शिकायत एजेंसी संचालकों से की जाती है तो वह कहते हैं कि आधार कार्ड मिसमैच हो गया है या फिर बैंक का खाता नंबर गलत होगा। इसलिए खाते में सब्सिडी का पैसा नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
अभी कुछ माह पहले भी ऐसा हुआ था जब उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी का पैसा बंद हो गया था। जब उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई तब जाकर सब्सिडी का पैसा खाते में आना शुरू हुआ था। लेकिन अब फिर वहीं समस्या घरेलू गैस उपभोक्ताओं के सामने खड़ी हो गई है।
कुल चार लाख हैं उपभोक्ता
जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या करीब 4 लाख के आसपास है। इनमें से करीब 1 लाख 60 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जो अभी तक आधार कार्ड से नहीं जुड़ सके हैं।
28 सितंबर तक करा लें सही
एक गैस एजेंसी के संचालक शिवकरन सिंह का कहना है कि घरेलू गैस पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ दो ही कारणों से बंद हो सकता है या तो आधार कार्ड मिसमैच कर रहा है या फिर बैंक का खाता नंबर गलत है। 28 सितंबर तक उपभोक्ताओं के पास समय है वह अपना आधार कार्ड और खाता नंबर एजेंसी पर जाकर सही करा सकते हैं।
घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो एजेंसी संचालकों से वार्ता की जाएगी और जो भी समस्या होगी उसका निराकरण कराकर उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिलाया जाएगा। कहा कि जिले में कितने गैस उपभोक्ता आधार कार्ड से नहीं जुड़ सके हैं यह जानकारी एजेंसी संचालक बेहतर दे सकेंगे। -एसएन यादव, डीएसओ
विज्ञापन
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर से सब्सिडी खत्म करते हुए सब्सिडी का पैसा उपभोक्ताओं के खाते में भेजने का कार्य शुरू किया था। शुरुआत में तो यह प्रक्रिया ठीक ठाक चली। एजेंसी से गैस लेने के बाद सब्सिडी का पैसा तीन चार दिन के अंदर उपभोक्ताओं के खाते में आ जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
घरेलू गैस उपभोक्ताओं की मानें तो तीन-चार माह से एजेंसी से गैस लेने के बाद भी खाते में सब्सिडी का पैसा नहीं आ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब इस बात की शिकायत एजेंसी संचालकों से की जाती है तो वह कहते हैं कि आधार कार्ड मिसमैच हो गया है या फिर बैंक का खाता नंबर गलत होगा। इसलिए खाते में सब्सिडी का पैसा नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
अभी कुछ माह पहले भी ऐसा हुआ था जब उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी का पैसा बंद हो गया था। जब उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई तब जाकर सब्सिडी का पैसा खाते में आना शुरू हुआ था। लेकिन अब फिर वहीं समस्या घरेलू गैस उपभोक्ताओं के सामने खड़ी हो गई है।
कुल चार लाख हैं उपभोक्ता
जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या करीब 4 लाख के आसपास है। इनमें से करीब 1 लाख 60 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जो अभी तक आधार कार्ड से नहीं जुड़ सके हैं।
28 सितंबर तक करा लें सही
एक गैस एजेंसी के संचालक शिवकरन सिंह का कहना है कि घरेलू गैस पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ दो ही कारणों से बंद हो सकता है या तो आधार कार्ड मिसमैच कर रहा है या फिर बैंक का खाता नंबर गलत है। 28 सितंबर तक उपभोक्ताओं के पास समय है वह अपना आधार कार्ड और खाता नंबर एजेंसी पर जाकर सही करा सकते हैं।
घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो एजेंसी संचालकों से वार्ता की जाएगी और जो भी समस्या होगी उसका निराकरण कराकर उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिलाया जाएगा। कहा कि जिले में कितने गैस उपभोक्ता आधार कार्ड से नहीं जुड़ सके हैं यह जानकारी एजेंसी संचालक बेहतर दे सकेंगे। -एसएन यादव, डीएसओ