पुलिस के खिलाफ गुस्सा बरकरार
बाराबंकी। कोठी थाने में दरिंदगी का शिकार हुई महिला के पति ने परिवारीजनों व कांग्रेस नेताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर मृतका द्वारा दिये गये बयान के आधार पर तत्काल घटना के दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सोमवार सुबह करीब दस बजे कोठी थाने में हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पत्नी जो अपने बेकसूर पति को छुड़ाने की फरियाद लेकर आयी थी उससे तत्कालीन थानाध्यक्ष राय साहब यादव, उपनिरीक्षक अखिलेश राय आदि पुलिसजनों ने अभद्रता की, अस्मत लूटने का प्रयास किया फिर आग लगा दी थी। मृतका के अंतिम संस्कार में राज्यसभा सांसद डॉ. पीएल पुनिया के निर्देश पर प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री रामकृष्ण द्विवेदी, सत्यदेव त्रिपाठी, प्रदेश सचिव दीपक सिंह रैकवार, पूर्व सांसद ए.पी.गौतम, सरजू शर्मा सहित दर्जनों कांग्रेसजनों ने अंतिम संस्कार में शामिल होकर दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्जकर गिरफ्तारी की मांग सरकार व जिला प्रशासन से की थी, लेकिन वारदात के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा हत्या का अभियोग पंजीकृत नही किया गया और हत्या का आरोपी थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक फरार हैं जिससे मृतका का परिवार खौफ में जिंदगी जी रहा हैैं उसी के चलते आज मृतका के पति, जेठ ने आठ सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को प्रेषित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिलाधिकारी को प्रेषित मांग पत्र में मृतका के पति ने दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा, गिरफ्तारी, परिवार के दो सदस्यों को नौकरी, पचास लाख मुआवजा, जिस जमीन विवाद थमें हत्या हुयी उस जमीन पर कब्जा, आत्म रक्षा के लिये शस्त्र लाइसेंस, थाने के समस्त स्टाफ का स्थानांतरण, परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ मृतका की 5 वर्ष की नाबालिग बच्ची प्रियांशी की समस्त जिम्मेदारी सरकार द्वारा वहन करने की मांग की, जिस पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने पूरी बात सुनकर जिलाधिकारी को अवगत कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दीपक सिंह रैकवार, कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, पार्टी प्रवक्ता सरजू शर्मा, सचिव विजयपाल गौतम, प्रदीप मौर्या, उदयभानु रावत, रामहरख रावत, दिवाकर सिंह आदि मौजूद रहे।