{"_id":"596cedb54f1c1bf6208b474b","slug":"82-lakhs-rigged-on-the-repairing-the-vikas-bhavan","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास भवन की मरम्मत के नाम पर 82 लाख की धांधली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विकास भवन की मरम्मत के नाम पर 82 लाख की धांधली
अमरउजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jul 2017 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले भर के विकास का जिम्मेदारी रखने वाला विकास भवन में ही मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी करके 82 लाख की धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। एक वर्ष के भीतर ही छतों के टपकने से खुली पोल को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने सीडीओ को पूरे मामले की जांच कराकर रिपोर्ट तलब की है। सीडीओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू करा दी है।
विज्ञापन
सरकारी योजनाओं के मुखिया मुख्य विकास अधिकारी से लेकर करीब दो दर्जन विभागों के जिलास्तरीय अफसर विकास भवन में बैठकर ही गांवों से लेकर शहर तक के विकास का खाका तैयार कर अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी निभाते हैं। 1992 में बने इस विकास भवन के मरम्मत को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा ने शासन से प्रयास पर 82 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी।
विज्ञापन
शासन द्वारा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा द्वारा विकास भवन के कमरों की मरम्मत, कई अधिकारियों के कार्यालयों से अटैच प्रसाधन बनाने का प्रस्ताव था। यहीं नहीं रंगाई-पुताई का कार्य भी किया जाना था। लगभग एक वर्ष पूर्व आरईएस द्वारा विकास भवन में 82 लाख का कार्य पूरा दिखा दिया गया।
विज्ञापन
चिराग के तले अंधेरा होने की कहावत यहां सच साबित हुई। मरम्मत के नाम पर खानापूरी करके 82 लाख की धनराशि का भुगतान भी हो गया। अभी दूसरी ही बरसात में विकास भवन की गैलरी की छत टपकने लगी। प्लास्टर और पुताई उखड़ना शुरू हो गई। मामले को दबाने के लिए एक बार फिर पुताई कर ढकने की कोशिश की गई।
कुछ अधिकारियों ने खुद के कार्यालयों में अटैच शौचालय न बनने व बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने की शिकायत के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने डीआरडीए एई टीएन सिंह, डीएसटीओ डॉ. रामप्रकाश व पीडब्ल्यूडी खंड तीन के अधिशाषी अभियंता की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू करा दी है।
82 लाख की लागत से विकास भवन का मरम्मत कार्य कराया गया था। सत्यापन किए जाने को लेकर डीएम द्वारा निर्देश मिले हैं। तीन सदस्यीय टीम गठित कर सत्यापन कराया जा रहा है। गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।- अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ