{"_id":"5bfc438ebdec2241af66580b","slug":"81543259022-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में पकड़े गए तेरह संदिग्ध, पूछताछ के बाद रिहा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में पकड़े गए तेरह संदिग्ध, पूछताछ के बाद रिहा
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन रोककर 13 संदिग्ध दबोचे
बाराबंकी। कोटा से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में संदिग्ध लोगों के सफर करने की सूचना पर बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने ट्रेन रोककर उसमें सवार 13 युवकों को हिरासत में लिया। युवकों के पास सेना के बैग में वॉकी-टॉकी, रस्सा समेत तमाम सामान व तीन लाख रुपये कैश मिलने पर आर्मी अफसरों को सूचना दी गई।
जांच में पता लगा कि ये युवक सेना की रैली कराने के बाद घर लौट रहे थे। इस पर सभी को शाम को छोड़ दिया गया। इससे पहले ट्रेन से 13 संदिग्ध युवकों की गिरफ्तारी की खबर से रेलवे स्टेशन व आसपास पूरे दिन अफरातफरी मची रही।
सीओ जीआरपी अमिता सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह 10:54 बजे लखनऊ में रेलवे को कोटा-पटना एक्सप्रेस डाउन ट्रेन में कुछ संदिग्ध युवकों के सफर करने की सूचना मिली। मगर तब तक ट्रेन लखनऊ से निकल चुकी थी। कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन का बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर स्टॉपेज नहीं है।
विज्ञापन
इसके बावजूद बाराबंकी स्टेशन पर ट्रेन रोकने के निर्देश दिए गए। सीओ जीआरपी ने तुरंत एसपी वीपी श्रीवास्तव को सूचना दी तो एएसपी अशोक कुमार, सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह, कोतवाल धनंजय सिंह पुलिस बल के साथ आनन-फानन में रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
11:20 बजे बाराबंकी पहुंचते ही स्टेशन अधीक्षक वीके शुक्ल ने ट्रेन रुकवा दी। पुलिस ने तलाशी ली तो एसी के कोच-वन से एक संदिग्ध युवक मिला। जबकि कोच नंबर एस-11 से उसके 12 अन्य साथी भी दबोच लिए गए।
पुलिस को खबर मिली थी ट्रेन में सवार इन युवकों के पास सेना के बैग हैं और वे वॉकी-टॉकी से एक-दूसरे से बात कर रहे हैं। कुछ यात्रियों ने इनके आतंकवादी होने की आशंका पर पुलिस को सूचना दी थी।
पुलिस ने सभी 13 युवकों को ट्रेन से उतार लिया। पूछताछ में इन युवकों ने बताया कि जहां भी सेना भर्ती रैली होती है, वे वहां देखरेख आदि का काम ठेके पर करते हैं। युवकों ने बताया कि आगरा में पिछले दिनों आयोजित हुई सेना भर्ती रैली निपटाने के बाद वे सब वाराणसी, चंदौली व उत्तराखंड के पिथौरागढ़ अपने-अपने घर लौट रहे थे।
सेना की अगली भर्ती रैली पिथौरागढ़ में होने के चलते वे सेना का सामान साथ लाए थे। युवकों के पास से तीन लाख रुपये बरामद हुए, जिसके बारे में उन्होंने बताया कि ये रकम सेना ने काम करने के भुगतान में दी है।
सीओ अमिता सिंह ने बताया कि सलमान, तनवीर, राशिद अली तीनों निवासी मोहल्ला पठानी टोला वाराणसी, अभय, रितेश उपाध्याय, आशुतोष उपाध्याय, दीपक पांडेय, राजेश कुमार, त्रिभुवन उपाध्याय सभी निवासी चंदौली, सोनू अहमद, अतहर अली, सुरेंद्र कुमार व अरमान निवासी सदर बाजार वाराणसी को ट्रेन से उतारा गया था।
सेना के अफसरों को मामले की जानकारी दी गई। इस पर सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल आरएस ठाकुर ने बाराबंकी स्टेशन पहुंचकर सभी से बात कर पूरे मामले की जांच की। इसके बाद कर्नल के सामने ही सभी युवकों को छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
बाराबंकी। कोटा से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में संदिग्ध लोगों के सफर करने की सूचना पर बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने ट्रेन रोककर उसमें सवार 13 युवकों को हिरासत में लिया। युवकों के पास सेना के बैग में वॉकी-टॉकी, रस्सा समेत तमाम सामान व तीन लाख रुपये कैश मिलने पर आर्मी अफसरों को सूचना दी गई।
जांच में पता लगा कि ये युवक सेना की रैली कराने के बाद घर लौट रहे थे। इस पर सभी को शाम को छोड़ दिया गया। इससे पहले ट्रेन से 13 संदिग्ध युवकों की गिरफ्तारी की खबर से रेलवे स्टेशन व आसपास पूरे दिन अफरातफरी मची रही।
विज्ञापन
सीओ जीआरपी अमिता सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह 10:54 बजे लखनऊ में रेलवे को कोटा-पटना एक्सप्रेस डाउन ट्रेन में कुछ संदिग्ध युवकों के सफर करने की सूचना मिली। मगर तब तक ट्रेन लखनऊ से निकल चुकी थी। कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन का बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर स्टॉपेज नहीं है।
विज्ञापन
इसके बावजूद बाराबंकी स्टेशन पर ट्रेन रोकने के निर्देश दिए गए। सीओ जीआरपी ने तुरंत एसपी वीपी श्रीवास्तव को सूचना दी तो एएसपी अशोक कुमार, सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह, कोतवाल धनंजय सिंह पुलिस बल के साथ आनन-फानन में रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
11:20 बजे बाराबंकी पहुंचते ही स्टेशन अधीक्षक वीके शुक्ल ने ट्रेन रुकवा दी। पुलिस ने तलाशी ली तो एसी के कोच-वन से एक संदिग्ध युवक मिला। जबकि कोच नंबर एस-11 से उसके 12 अन्य साथी भी दबोच लिए गए।
पुलिस को खबर मिली थी ट्रेन में सवार इन युवकों के पास सेना के बैग हैं और वे वॉकी-टॉकी से एक-दूसरे से बात कर रहे हैं। कुछ यात्रियों ने इनके आतंकवादी होने की आशंका पर पुलिस को सूचना दी थी।
पुलिस ने सभी 13 युवकों को ट्रेन से उतार लिया। पूछताछ में इन युवकों ने बताया कि जहां भी सेना भर्ती रैली होती है, वे वहां देखरेख आदि का काम ठेके पर करते हैं। युवकों ने बताया कि आगरा में पिछले दिनों आयोजित हुई सेना भर्ती रैली निपटाने के बाद वे सब वाराणसी, चंदौली व उत्तराखंड के पिथौरागढ़ अपने-अपने घर लौट रहे थे।
सेना की अगली भर्ती रैली पिथौरागढ़ में होने के चलते वे सेना का सामान साथ लाए थे। युवकों के पास से तीन लाख रुपये बरामद हुए, जिसके बारे में उन्होंने बताया कि ये रकम सेना ने काम करने के भुगतान में दी है।
सीओ अमिता सिंह ने बताया कि सलमान, तनवीर, राशिद अली तीनों निवासी मोहल्ला पठानी टोला वाराणसी, अभय, रितेश उपाध्याय, आशुतोष उपाध्याय, दीपक पांडेय, राजेश कुमार, त्रिभुवन उपाध्याय सभी निवासी चंदौली, सोनू अहमद, अतहर अली, सुरेंद्र कुमार व अरमान निवासी सदर बाजार वाराणसी को ट्रेन से उतारा गया था।
सेना के अफसरों को मामले की जानकारी दी गई। इस पर सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल आरएस ठाकुर ने बाराबंकी स्टेशन पहुंचकर सभी से बात कर पूरे मामले की जांच की। इसके बाद कर्नल के सामने ही सभी युवकों को छोड़ दिया गया।