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जीवन के आधार बन गए अटल जी के कहे शब्द
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:34 AM IST
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घाघरा तट पर अटल स्मृति उद्यान के लिए मौन व्रत रखेंगी शोभना
बाराबंकी। भाजपा विधायक शरद अवस्थी की पत्नी व शिक्षिका शोभना अवस्थी की आंखों में भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरल छवि बसी है। शोभना ने बचपन में अटल जी को न सिर्फ कविताएं सुनाईं बल्कि उनकी प्रेरणा से वह शिक्षिका बनीं।
शोभना बतानी हैं कि, दीनदयाल नगर में उनके पिता स्व. जयंती प्रसाद दीक्षित का स्कूल था। वर्ष 1977 से 1981 के बीच अटल जी वहां कई बार आए। अटल जी कवि थे, इसलिए कविता बड़े गौर से सुनते थे।
एक दिन भाषण से पहले उनके स्वागत में कविता सुनाई तो पास बुलाकर पीठ थपथपाकर बोले तुम पढ़-लिखकर मास्टर बनना। अटल जी के शब्द जीवन का आधार बन गए। ये बताते हुए शोभना की आंखें डबडबा आईं।
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बताया कि, शादी के बाद अटल जी के प्रति उनका स्नेह ही पति शरद अवस्थी को भाजपा के कर्मठ नेता के रूप में जुड़े रहने की प्रेरणा देता रहा। उन्हीं के आशीर्वाद से मौजूदा समय में पति शरद अवस्थी रामनगर से विधायक हैं। अब अटल जी की स्मृतियां ही शेष हैं।
शोभना को जब से ये पता चला कि जिले में घाघरा नदी में भी अटल जी की अस्थियां विसर्जित की जानी हैं तब से वह घाघरा तट पर अटल स्मृति उद्यान बनाने के लिए महिलाओं के साथ मौन व्रत रखने की तैयारी करने में जुटी हैं।
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बाराबंकी। भाजपा विधायक शरद अवस्थी की पत्नी व शिक्षिका शोभना अवस्थी की आंखों में भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरल छवि बसी है। शोभना ने बचपन में अटल जी को न सिर्फ कविताएं सुनाईं बल्कि उनकी प्रेरणा से वह शिक्षिका बनीं।
शोभना बतानी हैं कि, दीनदयाल नगर में उनके पिता स्व. जयंती प्रसाद दीक्षित का स्कूल था। वर्ष 1977 से 1981 के बीच अटल जी वहां कई बार आए। अटल जी कवि थे, इसलिए कविता बड़े गौर से सुनते थे।
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एक दिन भाषण से पहले उनके स्वागत में कविता सुनाई तो पास बुलाकर पीठ थपथपाकर बोले तुम पढ़-लिखकर मास्टर बनना। अटल जी के शब्द जीवन का आधार बन गए। ये बताते हुए शोभना की आंखें डबडबा आईं।
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बताया कि, शादी के बाद अटल जी के प्रति उनका स्नेह ही पति शरद अवस्थी को भाजपा के कर्मठ नेता के रूप में जुड़े रहने की प्रेरणा देता रहा। उन्हीं के आशीर्वाद से मौजूदा समय में पति शरद अवस्थी रामनगर से विधायक हैं। अब अटल जी की स्मृतियां ही शेष हैं।
शोभना को जब से ये पता चला कि जिले में घाघरा नदी में भी अटल जी की अस्थियां विसर्जित की जानी हैं तब से वह घाघरा तट पर अटल स्मृति उद्यान बनाने के लिए महिलाओं के साथ मौन व्रत रखने की तैयारी करने में जुटी हैं।