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घाघरा की कटान तेज, नदी की धारा में समाए 25 मकान
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:48 PM IST
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घाघरा की कटान तेज, 25 मकान धारा में समाए
बाराबंकी। घाघरा नदी की कटान और तेज हो गई है। इससे कंचनापुर और आसपास के गांवों में हड़कंप मचा गया है। नदी की धारा में अब तक 25 मकान समा चुके हैं। जिससे यहां के लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।
वहीं, नेपाल द्वारा फिर 2.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से नदी का पानी तेजी से फिर बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 71 सेमी ऊपर है।
नेपाल के बैराजों से एक बार फिर दो लाख 77 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। सुढ़ियामऊ प्रतिनिधि के अनुसार, कंचनापुर के पास घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। इस गांव के अब तक 25 मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। यहां के लोगों में दहशत व्याप्त है।
रामनगर प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी का पानी लहड़रा, दुर्गापुर, तपेसिपाह, बुधईपुरवा, हरिनारायणपुर, खुर्दा समेत करीब एक दर्जन गांवों तक पहुंच गया है। जिससे यहां के लोग भी बाढ़ के खतरे के चलते सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं।
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उधर, बंधे पर बसे 151 बाढ़ पीड़ित परिवारों को एसडीएम रामनगर अभय कुमार पांडेय ने शनिवार को राहत सामग्री वितरित की। 30 लोगों को तिरपाल भी दिया गया। टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार नदी का पानी गांवों में फिर से बढ़ने लगा है। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि, नेपाल के बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर घट बढ़ रहा है। बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को देखते हुए समय-समय पर राहत सामग्री का वितरण कराया जाता है।
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बाराबंकी। घाघरा नदी की कटान और तेज हो गई है। इससे कंचनापुर और आसपास के गांवों में हड़कंप मचा गया है। नदी की धारा में अब तक 25 मकान समा चुके हैं। जिससे यहां के लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।
वहीं, नेपाल द्वारा फिर 2.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से नदी का पानी तेजी से फिर बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 71 सेमी ऊपर है।
नेपाल के बैराजों से एक बार फिर दो लाख 77 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। सुढ़ियामऊ प्रतिनिधि के अनुसार, कंचनापुर के पास घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। इस गांव के अब तक 25 मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। यहां के लोगों में दहशत व्याप्त है।
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रामनगर प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी का पानी लहड़रा, दुर्गापुर, तपेसिपाह, बुधईपुरवा, हरिनारायणपुर, खुर्दा समेत करीब एक दर्जन गांवों तक पहुंच गया है। जिससे यहां के लोग भी बाढ़ के खतरे के चलते सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं।
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उधर, बंधे पर बसे 151 बाढ़ पीड़ित परिवारों को एसडीएम रामनगर अभय कुमार पांडेय ने शनिवार को राहत सामग्री वितरित की। 30 लोगों को तिरपाल भी दिया गया। टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार नदी का पानी गांवों में फिर से बढ़ने लगा है। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि, नेपाल के बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर घट बढ़ रहा है। बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को देखते हुए समय-समय पर राहत सामग्री का वितरण कराया जाता है।