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मासूमों के शव पहुंचते ही सरांय पांडेय में मचा हाहाकार
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मासूमों के शव पहुंचते ही सरांय पांडेय में मचा हाहाकार
बाराबंकी। लखनऊ के नगराम क्षेत्र में पिकअप (डाला) समेत नदी में गिरने से मरने वाले मासूमों के शव शुक्रवार को उनके घर लाए गए तो सरांय पांडेय गांव में हाहाकार मच गया। अपने लाड़लों के शव कपड़े में लिपटे देख उनकी मां के साथ परिवार की महिलाएं चीखने लगीं। बिलखते-बिलखते कई महिलाएं बेहोश हो गईं। यह मंजर देख तमाम लोगों के आंसू फूट पड़े।
नगराम थाना क्षेत्र में बुधवार रात शारदा नहर में डाला गिर गया था। उसमें सवार क्षेत्र के सरांय पांडेय गांव के सात मासूम पानी में डूब गए थे। गुरुवार को एक बच्चे का शव निकला गया और बाकी तलाश चल रही थी। शुक्रवार दोपहर सौरभ, सनी, मानसी व साजन के शव सफेद चादर में लिपटेकर गांव लाए गए तो कोहराम मच गया। गुरुवार से ही गांव में लोगों का जमावड़ा लगा था।
शुक्रवार को बच्चों के शव लाए जाने पर लोग रो पड़े। बच्चों की माताओं के साथ परिवार अन्य महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। कई महिलाएं तो बेहोश हो गईं। काफी देर तक उनके होश में नहीं आने पर डॉक्टर को बुलाया गया। यह मंजर देख आस-पड़ोस व बाहर से आए लोग भी अपने आंसू रोक नहीं पाए। भीड़ को देखते हुए एसडीएम हैदरगढ़, राजस्व व पुलिस कर्मियों के साथ गांव पहुंचे। नम आंखों से ग्रामीणों ने बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार कराया। देर शाम सचिन पुत्र बाबूलाल का शव भी पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो फिर चीख-पुकार गई।
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घायलों का डॉक्टर ने किया इलाज
डाला समेत नहर में गिरने से घायल हुए लोगों का सीएचसी के डॉक्टर की टीम ने सरांय पांडेय गांव पहुंचकर इलाज किया। डॉ. सुभीर रस्तोगी ने हादसे के समय डाला पर सवार लक्ष्मी, लवकुश, अशोक, विशाल, अमर, पूजा और नीलम की जांच कर दवाएं दीं। मृतक सौरभ की बीमार मां रेखा और बुआ का भी उपचार किया गया।
इन बच्चों की गई जान
1- सौरभ पुत्र तेजनारायण (8 वर्ष)
2- सनी के पुत्र इंद्र बहादुर (5 वर्ष)
3- सचिन पुत्र बाबूलाल (6 वर्ष)
4- साजन पुत्र आशाराम (8 वर्ष)
5- मानसी पुत्री राजू (4 वर्ष)
6- मानसी पुत्री राम बहादुर (6 वर्ष)
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बाराबंकी। लखनऊ के नगराम क्षेत्र में पिकअप (डाला) समेत नदी में गिरने से मरने वाले मासूमों के शव शुक्रवार को उनके घर लाए गए तो सरांय पांडेय गांव में हाहाकार मच गया। अपने लाड़लों के शव कपड़े में लिपटे देख उनकी मां के साथ परिवार की महिलाएं चीखने लगीं। बिलखते-बिलखते कई महिलाएं बेहोश हो गईं। यह मंजर देख तमाम लोगों के आंसू फूट पड़े।
नगराम थाना क्षेत्र में बुधवार रात शारदा नहर में डाला गिर गया था। उसमें सवार क्षेत्र के सरांय पांडेय गांव के सात मासूम पानी में डूब गए थे। गुरुवार को एक बच्चे का शव निकला गया और बाकी तलाश चल रही थी। शुक्रवार दोपहर सौरभ, सनी, मानसी व साजन के शव सफेद चादर में लिपटेकर गांव लाए गए तो कोहराम मच गया। गुरुवार से ही गांव में लोगों का जमावड़ा लगा था।
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शुक्रवार को बच्चों के शव लाए जाने पर लोग रो पड़े। बच्चों की माताओं के साथ परिवार अन्य महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। कई महिलाएं तो बेहोश हो गईं। काफी देर तक उनके होश में नहीं आने पर डॉक्टर को बुलाया गया। यह मंजर देख आस-पड़ोस व बाहर से आए लोग भी अपने आंसू रोक नहीं पाए। भीड़ को देखते हुए एसडीएम हैदरगढ़, राजस्व व पुलिस कर्मियों के साथ गांव पहुंचे। नम आंखों से ग्रामीणों ने बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार कराया। देर शाम सचिन पुत्र बाबूलाल का शव भी पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो फिर चीख-पुकार गई।
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घायलों का डॉक्टर ने किया इलाज
डाला समेत नहर में गिरने से घायल हुए लोगों का सीएचसी के डॉक्टर की टीम ने सरांय पांडेय गांव पहुंचकर इलाज किया। डॉ. सुभीर रस्तोगी ने हादसे के समय डाला पर सवार लक्ष्मी, लवकुश, अशोक, विशाल, अमर, पूजा और नीलम की जांच कर दवाएं दीं। मृतक सौरभ की बीमार मां रेखा और बुआ का भी उपचार किया गया।
इन बच्चों की गई जान
1- सौरभ पुत्र तेजनारायण (8 वर्ष)
2- सनी के पुत्र इंद्र बहादुर (5 वर्ष)
3- सचिन पुत्र बाबूलाल (6 वर्ष)
4- साजन पुत्र आशाराम (8 वर्ष)
5- मानसी पुत्री राजू (4 वर्ष)
6- मानसी पुत्री राम बहादुर (6 वर्ष)