{"_id":"5cfab8aabdec22070518e841","slug":"155993513911-barabanki-news39","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्लूड ज्वाइन्ट टूटा,रोकी गयी गोरखनाथ एक्सप्रेस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
ग्लूड ज्वाइन्ट टूटा,रोकी गयी गोरखनाथ एक्सप्रेस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रैक का जाइंट टूटा, रोकी गई गोरखनाथ एक्सप्रेस
बाराबंकी। जंक्शन के पास शुक्रवार सुबह रेल ट्रैक का एक जाइंट टूट गया। इसके चलते गोरखनाथ एक्सप्रेस को आपात स्थिति में रोका गया। इससे कई घंटे रेलपथ बाधित रहा। काफी मशक्कत के बाद दोपहर दो बजे डाउन और अप लाइन का संचालन शुुरू किया जा सका। इस दौरान गोंडा पैसेंजर समेत कई एक्सप्रेस ट्रेनें लेट हुईं।
जिला कारागार के रेलवे गेट के पास शुक्रवार सुबह लगभग 6:50 बजे डाउन लाइन के किमी संख्या 745 के पोल 8-10 के बीच कार्यवाहक कीमैन अमर सिंह रेलपथ पर गस्त कर रहा था। उसे डाउन लाइन पर खंभे के बीच स्थित ग्लूड जाइंट टूटा दिखा। इसकी सूचना उसने तुरंत मेट पृथ्वीराज मीणा को दी। उस दौरान उसी लाइन पर बाराबंकी से गोरखपुर के लिए 12556 गोरखनाथ एक्सप्रेस जाने वाली थी। उसने आनन-फानन में लाल झण्डी लगाकर गाड़ी को रोक दिया। सूझबूझ का परिचय देते हुए उसने छतिग्रस्त स्थान के नीचे मजबूत लकड़ी का टुकड़ा लगाकर काशन पर गाड़ी को गुजारा। इन दोनों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। रेल सूत्रों ने बताया की पटरियां जर्जर होने के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। नई पटरी लगवाने के बजाय एक स्थान से उखाड़कर पुरानी पटरियों को लगवा दिया जाता है।
प्रभारी स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि गर्मी के कारण पटरी चिटक गई थी। छतिग्रस्त ग्लूड जाइंट को बदलने के लिए दोपहर बाद करीब दो बजे तक धीमी गति से गाड़ियों को डाउन लाइन से गुजार गया। इसके कारण लखनऊ-गोण्डा पैसेंजर, एक माल गाड़ी और कई एक्सप्रेस गाड़ियां विलंबित हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। जंक्शन के पास शुक्रवार सुबह रेल ट्रैक का एक जाइंट टूट गया। इसके चलते गोरखनाथ एक्सप्रेस को आपात स्थिति में रोका गया। इससे कई घंटे रेलपथ बाधित रहा। काफी मशक्कत के बाद दोपहर दो बजे डाउन और अप लाइन का संचालन शुुरू किया जा सका। इस दौरान गोंडा पैसेंजर समेत कई एक्सप्रेस ट्रेनें लेट हुईं।
जिला कारागार के रेलवे गेट के पास शुक्रवार सुबह लगभग 6:50 बजे डाउन लाइन के किमी संख्या 745 के पोल 8-10 के बीच कार्यवाहक कीमैन अमर सिंह रेलपथ पर गस्त कर रहा था। उसे डाउन लाइन पर खंभे के बीच स्थित ग्लूड जाइंट टूटा दिखा। इसकी सूचना उसने तुरंत मेट पृथ्वीराज मीणा को दी। उस दौरान उसी लाइन पर बाराबंकी से गोरखपुर के लिए 12556 गोरखनाथ एक्सप्रेस जाने वाली थी। उसने आनन-फानन में लाल झण्डी लगाकर गाड़ी को रोक दिया। सूझबूझ का परिचय देते हुए उसने छतिग्रस्त स्थान के नीचे मजबूत लकड़ी का टुकड़ा लगाकर काशन पर गाड़ी को गुजारा। इन दोनों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। रेल सूत्रों ने बताया की पटरियां जर्जर होने के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। नई पटरी लगवाने के बजाय एक स्थान से उखाड़कर पुरानी पटरियों को लगवा दिया जाता है।
विज्ञापन
प्रभारी स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि गर्मी के कारण पटरी चिटक गई थी। छतिग्रस्त ग्लूड जाइंट को बदलने के लिए दोपहर बाद करीब दो बजे तक धीमी गति से गाड़ियों को डाउन लाइन से गुजार गया। इसके कारण लखनऊ-गोण्डा पैसेंजर, एक माल गाड़ी और कई एक्सप्रेस गाड़ियां विलंबित हुई।
विज्ञापन