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एलग्नि चरसड़ी बांध का 50 मीटर हिस्सा नदी में समांया

Sat, 26 Aug 2017 12:04 AM IST
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:04 AM IST
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एलग्नि चरसड़ी बांध का 50 मीटर हिस्सा नदी में समांया
बाराबंकी। घाघरा का जल स्तर घटते ही कटान तेज हो गई। गुुरुवार की बीती रात नयापुरवा गांव के पास करीब 50 मीटर बांध नदी में समां गया। दिन में कटान बढ़ते देख बंधे में बसे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोग कटान के पास दूर आशियाना बनाने लगे हैं। बांध को रोकने में की जा रही प्रशासनिक तैयारियां नाकाफी साबित हो रही हैं। ग्रामीण बंधा बचाने को धंधा बनाने की बात कह रहे हैं।
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एलग्नि चरसड़ी बांध पारा बेहटा से करीब एक किमी दूर नयापुरवा के पास कटने लगा है। घाघरा का जलस्तर कम होते ही कटान काफी तेज हो गई। बाढ़ का प्रकोप झेल रहे नयापुरवा के लोगों को बांध से दूर हटना पड़ रहा है। बंधे पर निवास कर रहे मनोज, प्रेम, रमेश, राम शरण आदि ने बताया कि गुरुवार की रात से कटान इतनी तेज है की रात भर में हीं करीब 50 मीटर बांध घाघरा में समां गया। कटान रोकने के लिए की गई बल्लियों की पायलिंग भी बह गई। बांध पर सिंचाई विभाग गोंडा का कैंप आफिस था जो बीती रात हुई कटान में समां गया। कटान नियंत्रण के लिए तैनात सिंचाई विभाग गोंडा के जेई एमके सिंह ने बताया कि नदी में तेजी से उठते भंवर को देख वहां से सारा सामान पहले ही हटा लिया गया था। रात करीब एक बजे अचानक कैंप कार्यालय कटान में बह गया। यही नहीं उसी के पास बना अस्थाई प्रसाधन भी कटान की चपेट में आ गया है। जिस तेजी से कटान हो रही है उससे साफ है कि शनिवार तक स्वास्थ्य शिविर, बाढ़ राहत शिविर आदि भी चपेट में आ सकते हैं इसलिए थोड़ी दूर कैंप कार्यालय तैयार कराया जाएगा। लोग बंधे से पलायन करने लगे हैं।
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नयापुरवा गांव की ओर मुड़ी घाघरा की धारा
पहले से कटे बांध के कारण नयापुरवा, पारा व बेहटा गांव बाढ़ की चपेट में आ गया था। जिससे गांव के लोग बंधे पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं। नयापुरवा के पास कटान तेज होने से घाघरा की धारा गांव की ओर मुडने से ग्रामीणों की समस्याएं और बढने खतरा बढ़ गया है। नयापुरवा निवासी सालिक राम, प्रहलाद, रामनरायण व रमेश का कहना है कि बाढ़ में धान की फसल पहले की बरबाद हो चुकी है अब गन्ने की फसल भी पूरी चौपट हो जाएगी। कई साल धान की फसल न होने से चावल खरीदकर खाना पड़ रहा है।
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