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तलाब के किनारे महिलाओं ने देखा तेंदुआ, दहशत
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:32 PM IST
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तलाब के किनारे महिलाओं ने देखा तेंदुआ, दहशत
मसौली (बाराबंकी)। बांसा-धरौली मार्ग पर एक भिटारा तालाब पर गई महिलाओं ने देखा तेंदुआ बच्चों के साथ झाड़ियों के पास बैठा था। महिलाएं चिल्लाते हुए गांव की ओर भाग खड़ी हुई। ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने कांबिग की पर तेंदुए का पता नहीं चला। बीते बुधवार को थाना क्षेत्र के ग्राम करपिया में दो बच्चों के साथ दिखे तेंदुए से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्न से तेंदुुआ होने की पुष्टि हुई थी। गुरुवार की दोपहर ग्राम बांसा की कुछ महिलाओं ने भिटारा तालाब के किनारे सींक निकाल रही थी कि अचानक तेंदुए की दहाड़ से महिलाएं सहम गई और चप्पल आदि छोड़कर भाग कर गांव में सूचना दी। ग्रामीणों को खबर लगते ही भारी भीड़ लाठी डंडा लेकर तालाब की ओर दौड़ पड़ी। पूर्व ग्राम प्रधान बिलाल मंजूर किदवाई ने गांव के निकट तेंदुआ होने की सूचना वन विभाग व स्थानीय पुलिस को दी। करीब दो घंटे के बाद पहुंचे वन दरोगा जावेद अहमद अंसारी, अनिलकांत गुप्ता, हरिराम यादव, विद्या प्रसाद वर्मा आदि तालाब पर कॉबिंग की पर तेंदुए का पता नहीं चल सका। क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम होने के चलते वन विभाग की टीम निगरानी के तौर पर मौजूद है। बहरहाल तेंदुए की दहशत से क्षेत्र में लोगों में भय व्याप्त है। महिलाएं एवं बच्चे शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं। ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं।
डीएफओ जावेद अख्तर ने बताया कि, बांसा गांव में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिलने पर टीम को भेजा गया है। खुले में होने के कारण तेंदुआ पकड़ पाना संभव नहीं है। विभाग की टीम मौके पर बराबर नजर रख रही है।
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मसौली (बाराबंकी)। बांसा-धरौली मार्ग पर एक भिटारा तालाब पर गई महिलाओं ने देखा तेंदुआ बच्चों के साथ झाड़ियों के पास बैठा था। महिलाएं चिल्लाते हुए गांव की ओर भाग खड़ी हुई। ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने कांबिग की पर तेंदुए का पता नहीं चला। बीते बुधवार को थाना क्षेत्र के ग्राम करपिया में दो बच्चों के साथ दिखे तेंदुए से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्न से तेंदुुआ होने की पुष्टि हुई थी। गुरुवार की दोपहर ग्राम बांसा की कुछ महिलाओं ने भिटारा तालाब के किनारे सींक निकाल रही थी कि अचानक तेंदुए की दहाड़ से महिलाएं सहम गई और चप्पल आदि छोड़कर भाग कर गांव में सूचना दी। ग्रामीणों को खबर लगते ही भारी भीड़ लाठी डंडा लेकर तालाब की ओर दौड़ पड़ी। पूर्व ग्राम प्रधान बिलाल मंजूर किदवाई ने गांव के निकट तेंदुआ होने की सूचना वन विभाग व स्थानीय पुलिस को दी। करीब दो घंटे के बाद पहुंचे वन दरोगा जावेद अहमद अंसारी, अनिलकांत गुप्ता, हरिराम यादव, विद्या प्रसाद वर्मा आदि तालाब पर कॉबिंग की पर तेंदुए का पता नहीं चल सका। क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम होने के चलते वन विभाग की टीम निगरानी के तौर पर मौजूद है। बहरहाल तेंदुए की दहशत से क्षेत्र में लोगों में भय व्याप्त है। महिलाएं एवं बच्चे शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं। ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं।
डीएफओ जावेद अख्तर ने बताया कि, बांसा गांव में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिलने पर टीम को भेजा गया है। खुले में होने के कारण तेंदुआ पकड़ पाना संभव नहीं है। विभाग की टीम मौके पर बराबर नजर रख रही है।
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