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भ्रष्टाचार: यूपी में एक युवक 33 साल तक दो विभागों में करता रहा नौकरी, वेतन और सुविधाएं भी लीं; ऐसे हुआ खुलासा
Wed, 11 Mar 2026 10:55 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: Bhupendra Singh
Updated Wed, 11 Mar 2026 10:55 AM IST
सार
यूपी में एक युवक 33 साल तक दो अलग-अलग विभागों में नौकरी करता रहा। वेतन और सुविधाएं भी लेता रहा। अब उसे सात साल जेल की सजा हुई है। आगे पढ़ें पूरा मामला...
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कोर्ट का फैसला
विस्तार
उत्तर प्रदेश में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बाराबंकी व प्रतापगढ़ में दो अलग विभागों में नौकरी करने के मामले में अदालत ने आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 फरवरी 2009 को शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी प्रभात सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि सतरिख थाना क्षेत्र के नरौली गांव निवासी जयप्रकाश सिंह ने कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर धोखाधड़ी के माध्यम से दो अलग-अलग स्थानों पर नौकरी प्राप्त कर ली थी। जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना पर खुलासा किया गया था।
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जांच में पाया गया कि इनकी तैनाती जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक पद पर जून 1993 में हुई थी। जबकि शिक्षक बनने से पहले प्रतापगढ़ जिले में बतौर नान मेडिकल असिस्टेंट के पद पर भी इनकी तैनाती 26 दिसंबर 1979 में हुई थी। इन्होंने दोनों जगहों पर नौकरी की। सभी साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह की अदालत ने आरोपी जयप्रकाश सिंह को सजा सुनाई।
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