{"_id":"61366c208ebc3ee53002592a","slug":"court-barabanki-news-lko5943868137","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या के मामले में चार को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर इरादतन हत्या के मामले में चार को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। अपर जिला जज ईसी एक्ट राम अवतार यादव ने गैर इरादतन हत्या संबंधी एक मुकदमे का फैसला सुनाते हुए चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास व प्रत्येक को 27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आदित्य सिंह ने अभियोजन कथानक का ब्योरा देते हुए बताया कि वादी मुकदमा रमेश चंद्र ग्राम फगौली थाना रुदौली ने 9 दिसंबर 2007 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी मां कल्पा सुबह घर के बाहर बर्तन धो रही थी।
उसी समय मुंशीलाल की पत्नी शकुंतला ने उसकी मां के ऊपर छत से पानी फेंक दिया। मना करने पर आरोपी गालियां देने लगे और मुंशीलाल, गुलशन, कल्लू, लल्लू, पिंटू, गुट्टे ने वादी व उसके भाई जगराम व साहबलाल व माता कल्पा को मारने पीटने लगे। वादी की मां जब घर में घुस गई तो आरोपियों ने घर से निकालकर भी उसकी पिटाई की।
विज्ञापन
इस दौरान घायल जगराम की मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट रमेश चंद्र ने अंकित कराई थी। जगराम की मौत के बाद आईपीसी की धारा 304 की बढ़ोतरी पुलिस ने की थी। दौरान सुनवाई आरोपी लल्लू की मौत हो गई। गुलशन व गुट्टे नाबालिग पाये गये। उनके केस किशोर न्यायालय भेजे गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी शकुंतला, मुंशीलाल, कल्लू व पिंटू को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 27-27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है ।
विज्ञापन
सहायक शासकीय अधिवक्ता आदित्य सिंह ने अभियोजन कथानक का ब्योरा देते हुए बताया कि वादी मुकदमा रमेश चंद्र ग्राम फगौली थाना रुदौली ने 9 दिसंबर 2007 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी मां कल्पा सुबह घर के बाहर बर्तन धो रही थी।
विज्ञापन
उसी समय मुंशीलाल की पत्नी शकुंतला ने उसकी मां के ऊपर छत से पानी फेंक दिया। मना करने पर आरोपी गालियां देने लगे और मुंशीलाल, गुलशन, कल्लू, लल्लू, पिंटू, गुट्टे ने वादी व उसके भाई जगराम व साहबलाल व माता कल्पा को मारने पीटने लगे। वादी की मां जब घर में घुस गई तो आरोपियों ने घर से निकालकर भी उसकी पिटाई की।
विज्ञापन
इस दौरान घायल जगराम की मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट रमेश चंद्र ने अंकित कराई थी। जगराम की मौत के बाद आईपीसी की धारा 304 की बढ़ोतरी पुलिस ने की थी। दौरान सुनवाई आरोपी लल्लू की मौत हो गई। गुलशन व गुट्टे नाबालिग पाये गये। उनके केस किशोर न्यायालय भेजे गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी शकुंतला, मुंशीलाल, कल्लू व पिंटू को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 27-27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है ।