{"_id":"6070a12e8ebc3ec4477c5c74","slug":"corona-barabanki-news-lko5734798178","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के 496 मरीजों में 444 होम क्वारंटीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के 496 मरीजों में 444 होम क्वारंटीन
विज्ञापन
बाराबंकी। कोरोना की दूसरी लहर इतनी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है कि एक माह के अंदर आंकड़ा पांच सौ के नजदीक पहुंच गया है। जिले में जिस तेजी के साथ कोरोना के मरीज मिल रहे हैं इससे साफ है कि आने वाले दिनों में इन्हें भर्ती करने के लिए अस्पतालों में बेड़ कम पड़ सकते हैं। विभाग का दावा है कि ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वह पूरी तरह से तैयार है। जिले के दो सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज हिंद और मेयो को कोरोना मरीजों को भर्ती कर उनके उपचार का जिम्मा सौंपा गया है।
जिले में 9 मार्च से एक माह के अंदर कोरोना के 496 से ज्यादा पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें से 444 मरीजों को होम क्वारंटीन में रखा गया है वहीं 30 मरीजों को हिंद ओर मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा जिले के 12 मरीज ऐसे हैं जिनको परिवारीजनों ने लखनऊ के अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया है। जबकि कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अब तक छह लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद कोरोना के मरीजों के मिलने का सिलसिला अनवरत जारी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल 300 बेड वाले हिंद और 630 बेड वाले मेयो अस्पताल को कोरोना मरीजों के उपचार के लिए संबद्ध किया गया है। यहां पर मरीजों को भर्ती भी किया जाने लगा है। वहीं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सिरौलीगौसपुर स्थित 200 बेड के अस्पताल को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सीएचसी सतरिख, बड़ागांव को भी कोविड अस्पतालों में तब्दील किया जा सकता है इसको लेकर विभाग तैयारियों में लगा हुआ है।
विज्ञापन
जिले में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। जिले के दो सबसे बड़े अस्पतालों को संबद्ध कर कोरोना मरीजों के उपचार का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा यदि आवश्यकता पड़ी तो हम सिरौलीगौसपुर, सीएचसी सतरिख, बड़ागांव को भी कोविड अस्पताल में बदल सकते हैं।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
विज्ञापन
जिले में 9 मार्च से एक माह के अंदर कोरोना के 496 से ज्यादा पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें से 444 मरीजों को होम क्वारंटीन में रखा गया है वहीं 30 मरीजों को हिंद ओर मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा जिले के 12 मरीज ऐसे हैं जिनको परिवारीजनों ने लखनऊ के अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया है। जबकि कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अब तक छह लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद कोरोना के मरीजों के मिलने का सिलसिला अनवरत जारी है।
विज्ञापन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल 300 बेड वाले हिंद और 630 बेड वाले मेयो अस्पताल को कोरोना मरीजों के उपचार के लिए संबद्ध किया गया है। यहां पर मरीजों को भर्ती भी किया जाने लगा है। वहीं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सिरौलीगौसपुर स्थित 200 बेड के अस्पताल को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सीएचसी सतरिख, बड़ागांव को भी कोविड अस्पतालों में तब्दील किया जा सकता है इसको लेकर विभाग तैयारियों में लगा हुआ है।
विज्ञापन
जिले में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। जिले के दो सबसे बड़े अस्पतालों को संबद्ध कर कोरोना मरीजों के उपचार का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा यदि आवश्यकता पड़ी तो हम सिरौलीगौसपुर, सीएचसी सतरिख, बड़ागांव को भी कोविड अस्पताल में बदल सकते हैं।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ