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Barabanki News: कागजों पर कनेक्शन, घरों तक नहीं पहुंचा पानी
Mon, 16 Mar 2026 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 16 Mar 2026 01:20 AM IST
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बाराबंकी। जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकियां और पाइप लाइन बेकार पड़ी हैं। टंकियों का निर्माण पूरा होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंचा। अधूरी योजनाएं छोड़ दी गई हैं। ग्रामीण पानी के लिए परेशान हैं।
4.98 करोड़ खर्च, पानी एक बूंद नहीं
निंदूरा विकासखंड के अनवारी-मदारपुर गांव में करीब 4.98 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण छह माह पहले पूरा कर लिया गया, लेकिन आज तक गांव के लोगों को एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ। ग्रामीण जंग बहादुर ने बताया कि टंकी तो बन गई, लेकिन अधिकांश स्थानों पर नल नहीं लगाए गए और घरों तक पाइपलाइन का कनेक्शन भी नहीं दिया गया।
अधूरी टंकी बनाकर बिछा दी पाइपलाइन
फतेहपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत इसरौली में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। यहां जल जीवन मिशन के तहत करीब दो वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था। आधी-अधूरी टंकी बनाकर पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन आज तक उससे पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों के घरों तक पाइपलाइन कनेक्शन भी नहीं पहुंचा।
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टंकी न पाइपलाइन, कागजों पर 1219 कनेक्शन
त्रिवेदीगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत में तो योजना और भी अजीब स्थिति में है। यहां जल निगम की ओर से न तो पानी की टंकी बनाई गई और न ही पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन गांव में 1219 उपभोक्ताओं के कनेक्शन होने का साइन बोर्ड लगा दिया गया। कर्मी फिर कभी दिखाई नहीं दिए।
नौ साल बीत गए पानी नहीं मिला, अब ढह रहा निर्माण
कोटवाधाम। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कोटवाधाम में भी पेयजल योजना वर्षों से बंद पड़ी है। तीर्थ स्थल और आसपास के गांवों में पानी की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2014-15 में करीब 70 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इस टंकी से कोटवाधाम और अमनियापुर गांव को पानी देने के उद्देश्य से पाइपलाइन भी बिछाई गई थी, लेकिन ट्रायल के दौरान ही पाइपलाइन फट गई। इसके बाद योजना को दुरुस्त करने की किसी ने सुध नहीं ली। अब हालत यह है कि टंकी का भवन जर्जर होकर गिरने की कगार पर पहुंच गया है।
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4.98 करोड़ खर्च, पानी एक बूंद नहीं
निंदूरा विकासखंड के अनवारी-मदारपुर गांव में करीब 4.98 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण छह माह पहले पूरा कर लिया गया, लेकिन आज तक गांव के लोगों को एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ। ग्रामीण जंग बहादुर ने बताया कि टंकी तो बन गई, लेकिन अधिकांश स्थानों पर नल नहीं लगाए गए और घरों तक पाइपलाइन का कनेक्शन भी नहीं दिया गया।
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अधूरी टंकी बनाकर बिछा दी पाइपलाइन
फतेहपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत इसरौली में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। यहां जल जीवन मिशन के तहत करीब दो वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था। आधी-अधूरी टंकी बनाकर पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन आज तक उससे पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों के घरों तक पाइपलाइन कनेक्शन भी नहीं पहुंचा।
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टंकी न पाइपलाइन, कागजों पर 1219 कनेक्शन
त्रिवेदीगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत में तो योजना और भी अजीब स्थिति में है। यहां जल निगम की ओर से न तो पानी की टंकी बनाई गई और न ही पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन गांव में 1219 उपभोक्ताओं के कनेक्शन होने का साइन बोर्ड लगा दिया गया। कर्मी फिर कभी दिखाई नहीं दिए।
नौ साल बीत गए पानी नहीं मिला, अब ढह रहा निर्माण
कोटवाधाम। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कोटवाधाम में भी पेयजल योजना वर्षों से बंद पड़ी है। तीर्थ स्थल और आसपास के गांवों में पानी की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2014-15 में करीब 70 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इस टंकी से कोटवाधाम और अमनियापुर गांव को पानी देने के उद्देश्य से पाइपलाइन भी बिछाई गई थी, लेकिन ट्रायल के दौरान ही पाइपलाइन फट गई। इसके बाद योजना को दुरुस्त करने की किसी ने सुध नहीं ली। अब हालत यह है कि टंकी का भवन जर्जर होकर गिरने की कगार पर पहुंच गया है।