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कोल्ड स्टोर हुए फुल, आलू सड़ता देख किसान हलकान
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बाराबंकी। आलू के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेजों के आसपास जमे किसान निराश हो गए हैं। क्योंकि कई कोल्ड स्टोरेज पर जगह न होने की घोषणा कर दी गई है। कई दिनों तक लाइन में लगे होने के बाद भी आलू का भंडारण न होने से किसान आलू लेकर वापस भी लौट रहे हैं। अब आलू को सड़ने से बचाने की कोशिशें जारी हैं। सड़े आलू को अलग करने की प्रक्रिया किसानों ने शुरू कर दी है। बाग बगीचों में भी आलू डंप किया जा रहा है।
जिले के 43 कोल्ड स्टोरेजों पर आलू भंडारण की क्षमता करीब साढ़े पांच लाख मीट्रिक टन बताई जा रही है। जबकि जिले में आलू का उत्पादन साढ़े सात लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। इस बार कोल्ड स्टोरेज मालिकों व किसान नेताओं के बीच हुई बैठक में यह सहमति बन गई थी कि आलू भंडार का रेट नहीं बढ़ाया जाएगा।
इससे किसानों को उम्मीद थी कि आलू का भंडारण होने के बाद आगे चलकर अच्छा दाम मिल सकेगा। मगर, सैकड़ों ट्रॉली आलू कोल्ड स्टोरेज के बाहर से ही लौट रहा है। कई कोल्ड स्टोरेज ने भंडारण क्षमता समाप्त होने की सूचना चस्पा कर दी है। सफेेदाबाद के अलावा शहर के निकट के कोल्ड स्टोरेज पर पिछले 15 दिन से जमे आलू किसान परेशान हो गए।
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देवा के सलारपुर स्थित कोल्ड स्टोर के सामने सोमवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। देवा क्षेत्र को पोटैटो बेल्ट के रूप में जाना जाता है। इस बार रिकॉर्ड उत्पादन होने के साथ ही भंडारण की समस्या खड़ी हो गई है। मंगलवार को भी सलारपुर स्थित कोल्ड स्टोर के बाहर आलू लदी दर्जनों ट्रॉलियां खड़ी थीं।
सिसवारा निवासी किसान सुरेंद्र ने बताया कि वह 24 मार्च से आलू लिए खड़े हैं। बैसुआ निवासी बबलू ने बताया कि वह 22 मार्च से जमे हैं। सीताराम, सुरेश, जोगी लाल, रामदयाल, विनोद, शिवनाथ आदि किसान भी हफ्तों से यहां लाइन लगाए अपने आलू स्टोर में रखने की आस लिए खड़े थे। लेकिन स्टोर फुल होने की बात कही जा रही है। अब आलू को सड़ने से बचाने के लिए भारी मशक्त करनी पड़ेगी।
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जिले के 43 कोल्ड स्टोरेजों पर आलू भंडारण की क्षमता करीब साढ़े पांच लाख मीट्रिक टन बताई जा रही है। जबकि जिले में आलू का उत्पादन साढ़े सात लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। इस बार कोल्ड स्टोरेज मालिकों व किसान नेताओं के बीच हुई बैठक में यह सहमति बन गई थी कि आलू भंडार का रेट नहीं बढ़ाया जाएगा।
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इससे किसानों को उम्मीद थी कि आलू का भंडारण होने के बाद आगे चलकर अच्छा दाम मिल सकेगा। मगर, सैकड़ों ट्रॉली आलू कोल्ड स्टोरेज के बाहर से ही लौट रहा है। कई कोल्ड स्टोरेज ने भंडारण क्षमता समाप्त होने की सूचना चस्पा कर दी है। सफेेदाबाद के अलावा शहर के निकट के कोल्ड स्टोरेज पर पिछले 15 दिन से जमे आलू किसान परेशान हो गए।
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देवा के सलारपुर स्थित कोल्ड स्टोर के सामने सोमवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। देवा क्षेत्र को पोटैटो बेल्ट के रूप में जाना जाता है। इस बार रिकॉर्ड उत्पादन होने के साथ ही भंडारण की समस्या खड़ी हो गई है। मंगलवार को भी सलारपुर स्थित कोल्ड स्टोर के बाहर आलू लदी दर्जनों ट्रॉलियां खड़ी थीं।
सिसवारा निवासी किसान सुरेंद्र ने बताया कि वह 24 मार्च से आलू लिए खड़े हैं। बैसुआ निवासी बबलू ने बताया कि वह 22 मार्च से जमे हैं। सीताराम, सुरेश, जोगी लाल, रामदयाल, विनोद, शिवनाथ आदि किसान भी हफ्तों से यहां लाइन लगाए अपने आलू स्टोर में रखने की आस लिए खड़े थे। लेकिन स्टोर फुल होने की बात कही जा रही है। अब आलू को सड़ने से बचाने के लिए भारी मशक्त करनी पड़ेगी।