फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   case registered against corrupt Lekhpal and Munshi in Barabanki for taken one lakh

UP News: घूसखोर लेखपाल और मुंशी पर केस दर्ज, 35 बीघा जमीन की वरासत के नाम पर लिए एक लाख; कर दिया दूसरे के नाम

Thu, 07 Nov 2024 10:15 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 07 Nov 2024 10:15 PM IST
सार

बाराबंकी में घूसखोर लेखपाल और मुंशी पर केस दर्ज किया गया है। 35 बीघा जमीन की वरासत के नाम पर एक लाख लिए थे। इसके बाद जमीन दूसरे के नाम कर दिया। 

विज्ञापन
case registered against corrupt Lekhpal and Munshi in Barabanki for taken one lakh
FIR Demo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में वसीयत के आधार पर वरासत करने के लिए कथित रूप से लेखपाल व उसके मुंशी ने शाहजहांपुर जिले के एक युवक से एक लाख रुपये की रिश्वत ले ली। वरासत में दूसरे लोगों के नाम दर्ज करा दिए गए जो मुंशी के रिश्तेदार हैं। बुधवार रात युवक की तहरीर पर शहर कोतवाली में लेखपाल व मुंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर लिया गया।

विज्ञापन


शाहजहांपुर जिले की सदर तहसील क्षेत्र के निवासी राकेश कुमार सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनकी नानी रामदुलारी बाराबंकी जिले के नबाबगंज तहसील क्षेत्र के गाल्हामऊ गांव की थीं। उनके पास करीब 35 बीघा जमीन थी। कोई पुत्र न होने के कारण नानी ने अपनी चल-अचल संपत्ति अपनी बेटी सरोजनी देवी के नाम कर दी थी और उन्हीं के साथ रहती थीं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः- सीएम योगी बोले: कांग्रेस की स्थिति वही होगी जो अनुच्छेद 370 की हुई, देश इस पार्टी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन


राकेश के अनुसार 24 मार्च 2008 को नानी के निधन के बाद वसीयत के आधार पर उन्होंने वरासत का वाद दायर किया। लेकिन कुछ दिन बाद एक हादसे में वह दिव्यांग हो गए और वरासत के मामले में पैरवी नहीं कर सके।

वरासत में न दर्ज करके रिश्तेदारों का नाम दर्ज करा दी

ठीक होने के बाद उन्होंने गाल्हामऊ के लेखपाल प्रताप कुमार से संपर्क किया। लेखपाल ने सितंबर 2023 में इस काम को लेकर एक लाख रुपये ले लिए। उस समय लेखपाल के साथ उसका सहायक विशाल कुमार यादव भी था। अब पता लगा कि राकेश की मां का नाम वरासत में न दर्ज करके विशाल के रिश्तेदारों का नाम दर्ज करा दिया गया है।



यह भी पढ़ेंः- यूपी उपचुनाव: इंडिया गठबंधन नौ सीटों पर लगाएगा पूरी ताकत, राहुल-प्रियंका के साथ केजरीवाल भी कर सकते हैं रैली

विरोध करने पर लेखपाल व उसके मुंशी ने 20 हजार रुपये वापस किए। शहर कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि लेखपाल व उसके मुंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

नायब तहसीलदार व कानूनगो के नाम पर वसूली

केस दर्ज कराने वाले राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल ने नायब तहसीलदार व कानूनगाे को भी रकम देने की बात कही थी। वादा किया था कि वरासत शत-प्रतिशत हो जाएगी।

निलंबित हो चुका है लेखपाल

अधिकारियों के अनुसार लेखपाल प्रताप कुमार को निलंबित किया जा चुका है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed