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Barabanki News: अनुबंधित बसों का संचालन बंद, चार घंटे तक भटके यात्री
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बाराबंकी के देवा रोड स्थित बस स्टेशन पर हंगामा कर रहे चालकों को शांत कराते एसडीएम व मौजूद नगर कोत?
- फोटो : BARABANKI
बाराबंकी। अनुबंधित बस में ड्यूटी पर तैनात चालक की जगह दूसरे द्वारा बस चलाने की रोक से भड़के बस संचालकों ने शुक्रवार की भोर जिले में बस संचालन पूरी तरह रोक दिया। बस मालिक मांग कर रहे थे कि हम कहीं भी चालक बदलेंगे, जबकि परिवहन विभाग के केन्द्र प्रभारी ने कहा नियमों के अनुसार जिसके नाम की ड्यूटी स्लिप होगी, वही बस चलाएगा।
बस संचालन बंद होने से बाराबंकी से लखनऊ, फतेहपुर, रामनगर, हैदरगढ़ समेत सभी मार्गों पर लगभग 100 से अधिक अनुबंधित बसें नहीं चल सकीं, बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई, लोग परेशान रहे। करीब चार घंटे तक चली हड़ताल से सैकड़ों यात्री परेशान रहे। इसकी जानकारी होने पर आरएम लखनऊ ने कैसरबाग व चारबाग से 10 बसें भेजीं तथा नियम विरुद्ध बस संचालन के अनुमति न देने का आदेश दे दिया। तब संचालन सामान्य हुआ।
एक बस मालिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे अपने साथियों के साथ अनुबंधित बस स्टेशन केन्द्र प्रभारी एके अवस्थी से मिलने पहुंचा। उनसे कहा कि एक चालक से हम बस नहीं चलवा सकते, बीच में उसे बदलेंगे। कल आपने एक बस को रोक दिया था, यह नहीं चलेगा। इस पर केन्द्र प्रभारी ने कहा जिसके नाम बस चलाने की ड्यूटी स्लिप होगी, उस दिन वही चालक बस चलाएगा, बस को बीच रास्ते में बदला नहीं जा सकता।
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मालूम रहे कि बृहस्पतिवार की रात केन्द्र प्रभारी ने एक अनुबंधित बस को उस समय पकड़ लिया था, जब ड्यूटी पर तैनात चालक की जगह बस मालिक का बेटा बस चला रहा था। यहीं से शुरू हुआ विवाद शुक्रवार की सुबह इसी बातचीत के बाद हड़ताल में बदल गया। जिस समय हड़ताल हुई उस समय सबसे अधिक यात्री बाराबंकी से लखनऊ जाते हैं।
संचालन बंद होने के बाद देवा तिराहे से बस स्टेशन तक यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। लखनऊ के अलावा फतेहपुर, बहादुरगंज, बिसवा, सिद्धौर, हैदरगढ़, कोठी मार्गों पर जाने वाले यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। केन्द्र प्रभारी ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी।
इसके बाद आरएम लखनऊ मनोज पुंडीर ने कैसरबाग व चारबाग डिपो की 10 बसें बाराबंकी भेजीं। यात्रियों का दबाव बढ़ता देख हालात संभालने के लिए एआरएम राजेश कुमार सिंह के अलावा एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी, कोतवाल संजय मौर्या भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उच्च अधिकारियों ने कहा कि नियम व शर्तों पर जो बस चालक नहीं तैयार होंगे, उनका अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा। एसडीएम ने बस मालिकों से कहा बिना किसी सूचना के अचानक हड़ताल करना गैर कानूनी है, इसे तत्काल वापस लें। बसों का संचालन करें नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
करीब चार घंटे तक चली इस रस्साकसी के बाद हड़ताल तो वापस हो गई, पर काफी छात्र स्कूल कॉलेज जाने के बजाय घर लौट गए। केन्द्र प्रभारी ने बताया कि परिचालक की शिकायत पर जांच की गई तो यूपी 41 टी 6845 बस को चालक की जगह मालिक का बेटा चला रहा था, इसीलिए उसे रोका गया था।
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बस संचालन बंद होने से बाराबंकी से लखनऊ, फतेहपुर, रामनगर, हैदरगढ़ समेत सभी मार्गों पर लगभग 100 से अधिक अनुबंधित बसें नहीं चल सकीं, बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई, लोग परेशान रहे। करीब चार घंटे तक चली हड़ताल से सैकड़ों यात्री परेशान रहे। इसकी जानकारी होने पर आरएम लखनऊ ने कैसरबाग व चारबाग से 10 बसें भेजीं तथा नियम विरुद्ध बस संचालन के अनुमति न देने का आदेश दे दिया। तब संचालन सामान्य हुआ।
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एक बस मालिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे अपने साथियों के साथ अनुबंधित बस स्टेशन केन्द्र प्रभारी एके अवस्थी से मिलने पहुंचा। उनसे कहा कि एक चालक से हम बस नहीं चलवा सकते, बीच में उसे बदलेंगे। कल आपने एक बस को रोक दिया था, यह नहीं चलेगा। इस पर केन्द्र प्रभारी ने कहा जिसके नाम बस चलाने की ड्यूटी स्लिप होगी, उस दिन वही चालक बस चलाएगा, बस को बीच रास्ते में बदला नहीं जा सकता।
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मालूम रहे कि बृहस्पतिवार की रात केन्द्र प्रभारी ने एक अनुबंधित बस को उस समय पकड़ लिया था, जब ड्यूटी पर तैनात चालक की जगह बस मालिक का बेटा बस चला रहा था। यहीं से शुरू हुआ विवाद शुक्रवार की सुबह इसी बातचीत के बाद हड़ताल में बदल गया। जिस समय हड़ताल हुई उस समय सबसे अधिक यात्री बाराबंकी से लखनऊ जाते हैं।
संचालन बंद होने के बाद देवा तिराहे से बस स्टेशन तक यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। लखनऊ के अलावा फतेहपुर, बहादुरगंज, बिसवा, सिद्धौर, हैदरगढ़, कोठी मार्गों पर जाने वाले यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। केन्द्र प्रभारी ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी।
इसके बाद आरएम लखनऊ मनोज पुंडीर ने कैसरबाग व चारबाग डिपो की 10 बसें बाराबंकी भेजीं। यात्रियों का दबाव बढ़ता देख हालात संभालने के लिए एआरएम राजेश कुमार सिंह के अलावा एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी, कोतवाल संजय मौर्या भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उच्च अधिकारियों ने कहा कि नियम व शर्तों पर जो बस चालक नहीं तैयार होंगे, उनका अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा। एसडीएम ने बस मालिकों से कहा बिना किसी सूचना के अचानक हड़ताल करना गैर कानूनी है, इसे तत्काल वापस लें। बसों का संचालन करें नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
करीब चार घंटे तक चली इस रस्साकसी के बाद हड़ताल तो वापस हो गई, पर काफी छात्र स्कूल कॉलेज जाने के बजाय घर लौट गए। केन्द्र प्रभारी ने बताया कि परिचालक की शिकायत पर जांच की गई तो यूपी 41 टी 6845 बस को चालक की जगह मालिक का बेटा चला रहा था, इसीलिए उसे रोका गया था।