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उफनाई सरयू, तीन दर्जन गांवों में भरा पानी, सात मकान बहे
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बाराबंकी में सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र के सुंदरनगर गांव में सरयू नदी की बाढ़ का पानी घरों में घुस जान
- फोटो : BARABANKI
गनेशपुर/कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। नेपाल के बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण सरयू पूरे उफान पर है। शनिवार को नदी का पानी खतरे के लाल निशान से 36 सेमी ऊपर पहुंच जाने से बाढ़ के हालात और बिगड़ गए।
नेपाली बैराजों से शनिवार को तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे तेज हुए नदी के बहाव की चपेट में आकर जहां सात मकान बह गए हैं वहीं तीन दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। लोग बचने के लिए नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने में जुटे हैं।
तेज बहाव के कारण हेतमापुर का पूरा मार्ग ही बह जाने के कारण सैकड़ों लोग गांव में ही फंस गए हैं। इनकी मदद के लिए पीएसी की टीम को लगाया गया है। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए तीनों तहसीलों के एसडीएम को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने को निर्देशित किया है।
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एलिग्न ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार शनिवार को नेपाल के गिरजा बैराज से 2 लाख 45 हजार और शारदा बैराज से 25 हजार क्यूसेक पानी सरयू में और छोड़ा गया। इससे बारिश के कारण पहले से ही उफनाई सरयू का पानी शनिवार को खतरे के लाल निशान से 36 सेमी ऊपर पहुंच गया कर सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा, कहारनपुरवा, बघौलीपुरवा, भैरवकोल, नव्वनपुरवा, विहड़, तेलवारी समेत करीब दो दर्जन गांवों में भर गया है।
इसके अलावा कोठी डीहा, सिरौलीगुंग, बबुरी, मानीराम पुरवा, कुड़वा, मंझारायपुर, परसावल, गोबरहा, भयकपुरवा, सनावा, इटहुआ, सरायसुर्जन, परसा, सरदहा, घुटरू आदि गांवों ने नदी का पानी किसी भी समय पहुंच सकता है। पानी के तेज बहाव के कारण पर्वतपुर और तेलवारी गांव के निवासी फेराई, तेजई, रामावती, बलराम, उमेश, स्वामी दयाल आदि के मकान भी बह गए। बहाव के कारण बहे हेतमापुर मार्ग के बाद गांव में फंसे लोगों की मदद के लिए एसडीएम तान्या सिंह ने पीएसी के जवानों की मदद ली है।
कटान रोकने में विभाग नाकाम
बाढ़ खंड के अधिकारी गांव में रुककर नदी की कटान को रोकने के लिए उसमें झाड़, मिट्टी की बोरी, ईंट डालकर कटान रोकने की कोशिश कर रहे हैं। मगर नदी का तेज बहाव इसे सफल नहीं होने दे रहा। तेलवारी गांव के पास नदी की तेज कटान के कारण करीब 30 बीघा जमीन अब तक पानी में समा चुकी है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि पर्वतपुर तेलवारी गांव के निकट जो ड्रेजिंग का कार्य बाढ़ खंड के यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया गया उसमें जमकर मनमानी कर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है।
नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के साथ ही बाढ़ का खतरा भी कई इलाकों में बढ़ गया है। नेपाल के बैराजों से नदी में लगातार छोड़े जा रहे पानी की स्थिति को देखते हुए पूरे तराई क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में आने वाली तीनों तहसीलों के एसडीएम को भी पूरी तरह से सतर्क रहने के साथ बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है।
राकेश कुमार सिंह, एडीएम
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नेपाली बैराजों से शनिवार को तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे तेज हुए नदी के बहाव की चपेट में आकर जहां सात मकान बह गए हैं वहीं तीन दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। लोग बचने के लिए नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने में जुटे हैं।
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तेज बहाव के कारण हेतमापुर का पूरा मार्ग ही बह जाने के कारण सैकड़ों लोग गांव में ही फंस गए हैं। इनकी मदद के लिए पीएसी की टीम को लगाया गया है। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए तीनों तहसीलों के एसडीएम को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने को निर्देशित किया है।
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एलिग्न ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार शनिवार को नेपाल के गिरजा बैराज से 2 लाख 45 हजार और शारदा बैराज से 25 हजार क्यूसेक पानी सरयू में और छोड़ा गया। इससे बारिश के कारण पहले से ही उफनाई सरयू का पानी शनिवार को खतरे के लाल निशान से 36 सेमी ऊपर पहुंच गया कर सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा, कहारनपुरवा, बघौलीपुरवा, भैरवकोल, नव्वनपुरवा, विहड़, तेलवारी समेत करीब दो दर्जन गांवों में भर गया है।
इसके अलावा कोठी डीहा, सिरौलीगुंग, बबुरी, मानीराम पुरवा, कुड़वा, मंझारायपुर, परसावल, गोबरहा, भयकपुरवा, सनावा, इटहुआ, सरायसुर्जन, परसा, सरदहा, घुटरू आदि गांवों ने नदी का पानी किसी भी समय पहुंच सकता है। पानी के तेज बहाव के कारण पर्वतपुर और तेलवारी गांव के निवासी फेराई, तेजई, रामावती, बलराम, उमेश, स्वामी दयाल आदि के मकान भी बह गए। बहाव के कारण बहे हेतमापुर मार्ग के बाद गांव में फंसे लोगों की मदद के लिए एसडीएम तान्या सिंह ने पीएसी के जवानों की मदद ली है।
कटान रोकने में विभाग नाकाम
बाढ़ खंड के अधिकारी गांव में रुककर नदी की कटान को रोकने के लिए उसमें झाड़, मिट्टी की बोरी, ईंट डालकर कटान रोकने की कोशिश कर रहे हैं। मगर नदी का तेज बहाव इसे सफल नहीं होने दे रहा। तेलवारी गांव के पास नदी की तेज कटान के कारण करीब 30 बीघा जमीन अब तक पानी में समा चुकी है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि पर्वतपुर तेलवारी गांव के निकट जो ड्रेजिंग का कार्य बाढ़ खंड के यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया गया उसमें जमकर मनमानी कर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है।
नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के साथ ही बाढ़ का खतरा भी कई इलाकों में बढ़ गया है। नेपाल के बैराजों से नदी में लगातार छोड़े जा रहे पानी की स्थिति को देखते हुए पूरे तराई क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में आने वाली तीनों तहसीलों के एसडीएम को भी पूरी तरह से सतर्क रहने के साथ बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है।
राकेश कुमार सिंह, एडीएम