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Barabanki News: इमरजेंसी में बेड़ फुल, स्ट्रेचर पर हो रहा इलाज
Sun, 01 Jun 2025 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 01 Jun 2025 01:02 AM IST
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बाराबंकी। मौसम में बदलाव के कारण अस्पतालों की ओपीडी में उल्टी-दस्त , डायरिया, व बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते ही जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को सभी बेड फुल हो जाने के कारण मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर लिटाकर करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन के दावे के बावजूद इलाज से जुड़ी दुश्वारियां खत्म नहीं हो रही हैं। ओपीडी में दिखाने के लिए भी मरीजों को घंटों कतार में लगने के बावजूद इलाज नहीं मिल पा रहा है।
लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के कारण ही इमरजेंसी सहित अन्य वार्ड में बेड फुल हो जाने के कारण ही मजबूरी में डायरिया के मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर भी करना पड़ रहा है। मौसमी बदलाव के कारण बीते एक सप्ताह से जिला अस्पताल की इमरजेंसी में औसतन हर दिन चार से साढ़े चार सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुखार, पेटदर्द और डायरिया के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। इसके अलावा सड़क हादसों में घायल मरीज भी इलाज के लिए इमरजेंसी में ही पहुंचते हैं।
शनिवार को डायरिया की शिकायत पर इलाज को पहुंची संध्या को स्ट्रेचर पर लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाना पड़ा। इसी प्रकार पेटदर्द की शिकायत पर पहुंचे राजेंद्र को भी भर्ती कर स्ट्रेचर पर ही ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने के लिए लगाई गई। इसी दौरान सड़क हादसे में घायल प्रदीप को भी बेड न मिल पाने के कारण स्ट्रेचर पर लिटाकर उसका प्राथमिक उपचार करना पड़ा। वहीं बुखार से पीड़ित गौतम, श्रीपाल, हासिम अली, अफसाना को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया।
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मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीज अधिक होने की वजह से वार्ड भर गया है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिले इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. वीपी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के कारण ही इमरजेंसी सहित अन्य वार्ड में बेड फुल हो जाने के कारण ही मजबूरी में डायरिया के मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर भी करना पड़ रहा है। मौसमी बदलाव के कारण बीते एक सप्ताह से जिला अस्पताल की इमरजेंसी में औसतन हर दिन चार से साढ़े चार सौ मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुखार, पेटदर्द और डायरिया के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। इसके अलावा सड़क हादसों में घायल मरीज भी इलाज के लिए इमरजेंसी में ही पहुंचते हैं।
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शनिवार को डायरिया की शिकायत पर इलाज को पहुंची संध्या को स्ट्रेचर पर लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाना पड़ा। इसी प्रकार पेटदर्द की शिकायत पर पहुंचे राजेंद्र को भी भर्ती कर स्ट्रेचर पर ही ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने के लिए लगाई गई। इसी दौरान सड़क हादसे में घायल प्रदीप को भी बेड न मिल पाने के कारण स्ट्रेचर पर लिटाकर उसका प्राथमिक उपचार करना पड़ा। वहीं बुखार से पीड़ित गौतम, श्रीपाल, हासिम अली, अफसाना को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया।
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मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीज अधिक होने की वजह से वार्ड भर गया है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिले इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. वीपी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल