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Barabanki: बिल्डर्स विवाद में देवरा ग्रुप पर 3.81 करोड़ की ठगी का केस, फर्जी हस्ताक्षर कर निदेशक पद से हटाया
Sun, 17 May 2026 06:52 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 17 May 2026 06:52 PM IST
सार
एसएचओ कोतवाली नगर का कहना है कि मामला दोनों पक्षों के बीच हिस्सेदारी और रुपयों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
लखनऊ और प्रयागराज की दो बड़ी बिल्डर कंपनियों के बीच पिछले साढ़े तीन साल से चल रहा कारोबारी रिश्ता अब विवादों में घिर गया है। लखनऊ की एक नामचीन बिल्डर कंपनी के निदेशक पर 3 करोड़ 81 लाख रुपये की ठगी, जालसाजी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोपों में नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई। यह रिपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर लिखी गई।
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प्रयागराज के कचेहरी रोड निवासी अरिहंत डेवलपर्स के निदेशक अमित राय के मुताबिक जुलाई 2018 में उनकी मुलाकात लखनऊ के विवेक खंड गोमती नगर निवासी शरद देवरा से हुई थी। आरोप है कि शरद ने अपनी कंपनी देवरा बिल्डविल प्राइवेट लिमिटेड में अमित को डायरेक्टर बनाने और कारोबार में 50 फीसदी हिस्सेदारी देने का झांसा दिया।
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झांसे में आकर उसने शुरुआत में 50 लाख की रकम कंपनी के खाते में जमा कर दी। इसके बाद अगस्त 2018 से मार्च 2019 के बीच उन्होंने अपनी पत्नी रूचि सिंह और अपनी कंपनी अरिहंत डेवलपर्स के खातों से कंपनी के खाते के साथ-साथ शरद देवरा और उनकी पत्नी श्रुति देवरा के निजी खातों में भी भेजी गई। 3.81 करोड़ का निवेश होने पर उसे लगातार भरोसा दिया गया कि निवेश के अनुपात में उनके शेयर बढ़ते जाएंगे। काफी समय बीतने के बाद मूल रकम दूर कोई मुनाफा तक नहीं मिला। उलटे उसे फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कूटरचित (जाली) दस्तावेज तैयार कर धोखे से कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया।
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इसकी जानकारी पर उसने अपनी रकम वापस मांगी तो विवाद बढ़ गया। अमित के अनुसार, बीती 7 फरवरी 2026 को उन्हें हिसाब-किताब के बहाने दारापुर स्थित कार्यालय में बुलाया गया था। वहां पहुंचने पर शरद देवरा और उनके साथ मौजूद 10 से 15 अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना डायल 112 पर देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एसएचओ कोतवाली नगर सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि मामला दोनों पक्षों के बीच हिस्सेदारी और रुपयों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।