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Barabanki News: पुलिसकर्मियों पर डकैती का केस दर्ज कराने वाले अधिवक्ता की हादसे में मौत
Tue, 13 Jun 2023 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 13 Jun 2023 12:55 AM IST
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बाराबंकी के पोस्ट मार्टम हाउस में मौजूद दुर्घटना में मृत अधिवक्ता जय प्रकाश यादव के परिवारीजन व
बाराबंकी। गोंडा में इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मियों पर डकैती का मुकदमा दर्ज कराने वाले अधिवक्ता की सोमवार को मसौली थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम पर संदेह जताते हुए गोंडा पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है। वहीं, मसौली पुलिस टक्कर मारने वाले वाहन का पता लगाने में जुटी है।
गोंडा के करनैलगंज थाना क्षेत्र के कैथोली निवासी जयप्रकाश यादव (28) पेशे से अधिवक्ता थे और लखनऊ के चिनहट में रहकर हाईकोर्ट में वकालत करते थे। सोमवार सुबह वह बाइक से लखनऊ से गोंडा जा रहे थे। रास्ते में मसौली थाना क्षेत्र में बिंदौरा नहर पुल पर अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे जयप्रकाश अनियंत्रित होकर गिर गए और वाहन उनके सिर को रौंदते हुए निकल गया। हादसे में जयप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सूचना दी तो पीआरवी व थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के पास मिले बैग से उसकी पहचान कर परिजनों को सूचना दी और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भाई सूरज यादव का कहना है कि जयप्रकाश ने इंस्पेक्टर करनैलगंज सुधीर सिंह समेत सात पुुलिसकर्मियों पर डकैती समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे में सुलह के लिए विपक्षियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थीं। आरोप है कि पहले गाड़ी गिराई गई, फिर जयप्रकाश को रौंदकर मार डाला गया।
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मसौली इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी ने बताया कि अज्ञात वाहन से हादसा हुआ है। वाहन का पता लगाया जा रहा है। परिजनों से अब तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
कार्रवाई न हुई तो होगा आंदोलन
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे अधिवक्ता योगेंद्र नाथ यादव ने बताया कि जयप्रकाश यादव की लड़ाई पुलिस से चल रही थी। भूमि विवाद को लेकर पहले पुलिस ने जयप्रकाश व उनके परिवार पर एकपक्षीय कार्रवाई की। जैसे-तैसे जमानत पर छूटे जयप्रकाश ने कोर्ट और मानवाधिकार के हस्तक्षेप से मुकदमा लिखाया, मगर कार्रवाई नहीं हो रही थी। इस पर जयप्रकाश ने न्यायालय में पुन: अपील की थी, जिसकी सुनवाई होनी थी। इस प्रकरण को लेकर जयप्रकाश व उनके परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा था। योगेंद्र का कहना है कि अगर दोषियों पर कठोर कार्रवाई न की गई तो अधिवक्ता आंदोलन करेंगे।
हादसे की खबर से परिजन बदहवास
जयप्रकाश यादव की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। उनके परिवार में पिता मुन्नालाल, माता राजकुमारी, भाई सूरज, मोहित, बहन रेशमा, श्यामपति व फूलमती हैं। जयप्रकाश परिवार के सबसे बड़े बेटे थे।
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गोंडा के करनैलगंज थाना क्षेत्र के कैथोली निवासी जयप्रकाश यादव (28) पेशे से अधिवक्ता थे और लखनऊ के चिनहट में रहकर हाईकोर्ट में वकालत करते थे। सोमवार सुबह वह बाइक से लखनऊ से गोंडा जा रहे थे। रास्ते में मसौली थाना क्षेत्र में बिंदौरा नहर पुल पर अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे जयप्रकाश अनियंत्रित होकर गिर गए और वाहन उनके सिर को रौंदते हुए निकल गया। हादसे में जयप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सूचना दी तो पीआरवी व थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के पास मिले बैग से उसकी पहचान कर परिजनों को सूचना दी और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भाई सूरज यादव का कहना है कि जयप्रकाश ने इंस्पेक्टर करनैलगंज सुधीर सिंह समेत सात पुुलिसकर्मियों पर डकैती समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे में सुलह के लिए विपक्षियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थीं। आरोप है कि पहले गाड़ी गिराई गई, फिर जयप्रकाश को रौंदकर मार डाला गया।
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मसौली इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी ने बताया कि अज्ञात वाहन से हादसा हुआ है। वाहन का पता लगाया जा रहा है। परिजनों से अब तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
कार्रवाई न हुई तो होगा आंदोलन
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे अधिवक्ता योगेंद्र नाथ यादव ने बताया कि जयप्रकाश यादव की लड़ाई पुलिस से चल रही थी। भूमि विवाद को लेकर पहले पुलिस ने जयप्रकाश व उनके परिवार पर एकपक्षीय कार्रवाई की। जैसे-तैसे जमानत पर छूटे जयप्रकाश ने कोर्ट और मानवाधिकार के हस्तक्षेप से मुकदमा लिखाया, मगर कार्रवाई नहीं हो रही थी। इस पर जयप्रकाश ने न्यायालय में पुन: अपील की थी, जिसकी सुनवाई होनी थी। इस प्रकरण को लेकर जयप्रकाश व उनके परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा था। योगेंद्र का कहना है कि अगर दोषियों पर कठोर कार्रवाई न की गई तो अधिवक्ता आंदोलन करेंगे।
हादसे की खबर से परिजन बदहवास
जयप्रकाश यादव की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। उनके परिवार में पिता मुन्नालाल, माता राजकुमारी, भाई सूरज, मोहित, बहन रेशमा, श्यामपति व फूलमती हैं। जयप्रकाश परिवार के सबसे बड़े बेटे थे।