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विवादों से जुड़ा रहा बाबा परमानंद का नाता

Sat, 14 May 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sat, 14 May 2016 12:08 AM IST
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Baba controversies associated with a kind of ecstasy
बाबा परमानंद के पोस्टर - फोटो : अमर उजाला
मां काली शक्तिपीठ हर्रई धाम के संस्थापक बाबा परमानंद उर्फ रामशंकर तिवारी का विवादों से पुराना नाता है। परमानंद पर पिछले डेढ़ दशक में ठगी, मारपीट, षडयंत्र, हत्या के प्रयास व लूट समेत नौ मामले दर्ज हैं। इसमें से चार में बाबा और उनके गुर्गों ने वादियाें पर जबरिया दबाव बना सुलह करा करा दिया गया। सुलह का दबाव बनाने के लिए वादियों को जान से मारने तक की धमकी दी गई। परमानंद के खिलाफ अभी भी हत्या के प्रयास व लूट सहित पांच मामलों में वाद चल रहा है। 
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केस एक- जान की धमकी दे कराया सुलह
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र सखमदा भयारा के निवासी नौमीलाल पुत्र रामहेत जिनकी पत्नी की अब मौत हो चुकी है। इन्होंने बताया कि पुत्र नहीं होने पर वर्ष 1988 में उनके देवा कोतवाली के रेउवा रतनपुर गांव निवासी रिश्तेदार कल्लू उन्हें व पत्नी को लेकर बाबा परमानंद के आश्रम गए। बच्चा पैदा करने के लिए बाबा ने 65 सौ रुपये लिए थे।
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तीसरे मंगलवार को आने पर बाबा ने नौमीलाल से कहा कि नौ माह बाद पुत्र होगा। नवमी को मुंडन यहीं कराना। नौ माह बीतने पर बच्चा नहीं होने पर नवमी को नौमीलाल अपने परिवारीजनों के साथ आश्रम पहुंचा। शिकायत करने पर बाबा परमानंद विवाद करने लगा और गाली गलौज कर भगा दिया।
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उसने 1989 में बाबा के खिलाफ देवा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला करीब पांच साल तक चला। कुछ दिन बाद ही इसरहना गांव के एक अपराधी ने मुलाकात की और कहा पहले 17 कत्ल कर चुका हूं। समझौता कर लो वर्ना 18वां नंबर तुम्हारा होगा। जिससे उसने सुलह कर ली।    

केस दो-प्रताड़ना से तंग कर लिया समझौता
देवा कोतवाली के हर्रई गांव के ही श्रीराम तिवारी ने कथित बाबा परमानंद के खिलाफ वर्ष 1988 में लूट का मामला देवा कोतवाली में दर्ज कराया था। श्रीराम तिवारी के पुत्र मुन्नू लाल तिवारी ने बताया कि जमीन कब्जा को लेकर वारदात कराई थी। इनके गुर्गे घर में घुस कर लूटपाट की, लोगों को मारापीटा था। किसी तरह मुकदमा दर्ज हुआ तो वर्ष 1997 में बाबा परमानंद व उसके गुर्गोें की प्रताड़ना से तंग आकर सुलह करनी पड़ी। 

केस तीन-मजबूरी थी सुलह करना
देवा कोतवाली के हर्रई गांव के गोपाल तिवारी ने कथित बाबा पर 1997 में मारपीट करने और बलवा करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गोपाल के पिता राधेश्याम तिवारी ने बताया कि बाबा व उसके गुर्गों के दबाव में सुलह करना मजबूरी बन गई। 

केस चार- 27 साल से चल रहा मुकदमा
देवा कोतवाली के गांव बबुरिया निवासी पूर्व प्रधान अंबिका वर्मा के भाई राम विलास वर्मा ने बताया कि बाबा परमानंद का आतंक क्षेत्र में व्याप्त है। इसके खिलाफ कोई मुंह खोलने की हिम्मत नहीं करता है। बाबा के सेक्स स्कैंडल में नाम आने के बाद  अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए बड़े भाई बाहर चले गए हैं। अंबिका ने बाबा के खिलाफ 1989 में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसका वाद चल रहा है।

केस पांच-बंद कमरे में पीटा था बाबा ने
 मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के ग्राम दादनपुर सरवा निवासी मंजू देवी ने बताया के उसके बेटे मंगल प्रसाद को झटके आते थे। जिसके उपचार के लिए लिए वह 1989 में बाबा परमानंद के यहां गए थे। छह माह के उपचार के बाद भी ठीक नहीं होने पर जब इसकी शिकायत की तो उसके पति राजाराम व बेटे मंगल प्रसाद को बाबा परमानंद ने कमरे में बंद कर पीटा था। जिसका मामला देवा कोतवाली में दर्ज कराया। पति की मौत के बाद मंजू देवी इस मुकदमे की पैरवी करती रही हैं।
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