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Barabanki News: जनेस्मा में बीए के छात्र ने छात्रा को पीटा, तोड़ा मोबाइल
Thu, 16 Jul 2026 01:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:48 AM IST
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बाराबंकी। जिला मुख्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल पीजी (जनेस्मा) कॉलेज में बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। यहां विज्ञान संकाय के पास कमरे में बीए के छठवें सेमेस्टर के छात्र ने अपनी ही सहपाठी छात्रा की बेरहमी से पिटाई कर दी और उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे शिक्षकों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
सहमी छात्रा लगातार पुलिस से शिकायत करने की बात कहती रही। शिक्षक प्रकरण को लेकर प्राचार्य कार्यालय पहुंचे लेकिन वहां प्राचार्य प्रो. सीताराम नहीं मिले। इसके बाद शिक्षकों ने फोन पर उन्हें मामले की जानकारी दी। प्राचार्य प्रो. सीताराम ने बताया कि दोनों हाईस्कूल से साथ पढ़ रहे हैं और पारिवारिक विवाद के चलते यह नोकझोंक हुई थी। लिखित समझौते के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
तीन साल से नहीं है प्राक्टोरियल बोर्ड, सुरक्षा ताक पर
शिक्षकों ने बताया कि जिले के सबसे प्रतिष्ठित महाविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए कभी विश्वविद्यालय की तर्ज पर प्राक्टोरियल बोर्ड काम करता था। तीन साल से यह बोर्ड अस्तित्वविहीन हो गया। कॉलेज के आखिरी चीफ प्रॉक्टर डॉ. शार्दुल विक्रम सिंह थे, जिनके बाद इस व्यवस्था को दोबारा बहाल नहीं किया गया। आज कैंपस में सरेआम छात्राओं के साथ मारपीट जैसी घटनाएं हो रही हैं और रोकने वाला कोई नहीं है।
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सहमी छात्रा लगातार पुलिस से शिकायत करने की बात कहती रही। शिक्षक प्रकरण को लेकर प्राचार्य कार्यालय पहुंचे लेकिन वहां प्राचार्य प्रो. सीताराम नहीं मिले। इसके बाद शिक्षकों ने फोन पर उन्हें मामले की जानकारी दी। प्राचार्य प्रो. सीताराम ने बताया कि दोनों हाईस्कूल से साथ पढ़ रहे हैं और पारिवारिक विवाद के चलते यह नोकझोंक हुई थी। लिखित समझौते के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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तीन साल से नहीं है प्राक्टोरियल बोर्ड, सुरक्षा ताक पर
शिक्षकों ने बताया कि जिले के सबसे प्रतिष्ठित महाविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए कभी विश्वविद्यालय की तर्ज पर प्राक्टोरियल बोर्ड काम करता था। तीन साल से यह बोर्ड अस्तित्वविहीन हो गया। कॉलेज के आखिरी चीफ प्रॉक्टर डॉ. शार्दुल विक्रम सिंह थे, जिनके बाद इस व्यवस्था को दोबारा बहाल नहीं किया गया। आज कैंपस में सरेआम छात्राओं के साथ मारपीट जैसी घटनाएं हो रही हैं और रोकने वाला कोई नहीं है।
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