फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Ausaneshwar accident: Shivling is 450 years old, even Aurangzeb lost here; two died in stampede.. 46 injured

औसानेश्वर हादसा: 450 वर्ष पुराना है शिवलिंग, यहां औरंगजेब भी हारा; भगदड़ में हुई दो की मौत.. 46 घायल

Mon, 28 Jul 2025 07:30 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बाराबंकी
अमर उजाला संवाद, बाराबंकी Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 28 Jul 2025 07:30 PM IST
सार

Ausaneshwar accident: बाराबंकी स्थित औसानेश्वर मंदिर में रविवार देर रात हादसा हुआ। इस मंदिर का 450 साल पुराना इतिहास है। यहां पर औरंगजेब भी हारकर भाग गया था।

विज्ञापन
Ausaneshwar accident: Shivling is 450 years old, even Aurangzeb lost here; two died in stampede.. 46 injured
इस मंदिर में होती है भारी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 जिले की हैदरगढ़ तहसील मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर गोमती के तट पर मनमोहक हरियाली के बीच औसानेश्वर का शिवलिंग स्थापित है। इस शिवलिंग को लेकर कई मान्यताएं हैं। एक मान्यता है कि औसान नामक मल्लाह ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी। इसके बाद रोनी रियासत के राजा ने मंदिर का निर्माण कराया। एक दूसरी मान्यता यह भी है कि राजा शिकार खेलते हुए जंगल में पहुंचे।

विज्ञापन


शाम ढलने के समय यहां प्रकाशपुंज था। चूंकि शाम के समय को औसान भी कहते हैं इसलिए इस मंदिर का नाम औसानेश्वर महादेव पड़ गया। पुरातत्व विभाग के अनुसार मंदिर का भवन करीब साढ़े चार सौ वर्ष पुराना है। यह मंदिर ढाई एकड़ क्षेत्रफल में फैला है। इस मंदिर पर 14 पीढ़ी तक नियंग साधुओं की गद्दी रही, जिनका जूनागढ़ अखाड़ा इलाहाबाद से संबंध था। उसके बाद छह पुश्तों से गृहस्थ आश्रम के गिरि परिवार मंदिर की देखभाल कर रहे हैं।
विज्ञापन


शिवरात्रि एवं सावन में कई जिलों के शिवभक्त यहां पूजा अर्चना करते हैं। एक मान्यता यह भी है कि पांडवों ने इस शिवलिंग की पूजा की थी। बताया जाता है कि इस शिवलिंग को मुगल शासक औरंगजेब ने नष्ट करने का आदेश दिया था। सैनिकों ने जब शिवलिंग को काटने का प्रयास किया तो शिवलिंग से खून बहने लगा। उस समय मंदिर में सांप, बिच्छू, भरैया आदि जीव जन्तु निकलकर सैनिकों को काटने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके डंकों से बेहाल सैनिक भाग खड़े हुए। औरंगजेब की यह कोशिश पूरी नहीं हो सकी। प्रचलित कथाओं के अनुसार शिवलिंग पर हुए घाव को ठीक करने के लिए यहां के पुजारियों ने कई वर्षों तक घी में डूबा रूई का फीहा घाव पर लगाया। जिससे घाव तो भर गया परंतु चिन्ह आज भी विद्यमान है।

रविवार देर रात हुआ हादसा 

Ausaneshwar accident: Shivling is 450 years old, even Aurangzeb lost here; two died in stampede.. 46 injured
मामले की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala

प्रसिद्ध औसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बने टिन शेड में करंट उतरने से रविवार रात भगदड़ मच गई। कुचलकर कोठी क्षेत्र के नकटा सहरिया निवासी रमेश कुमार (30) और लोनीकटरा के मुबारकपुर निवासी प्रशांत कुमार (22) की मौत हो गई। 46 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों में एक श्रद्धालु रायबरेली का रहने वाला है।

सावन के तीसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। बैरिकेडिंग और टिन शेड के नीचे भी हजारों कांवड़िया मौजूद थे। भीड़ के मद्देनजर जलाभिषेक के लिए रात 12:00 बजे ही कपाट खोल दिए गए। करीब दो बजे टिन शेड पर एक बंदर कूदा। इससे वहां से गुजर रही विद्युत लाइन का तार टूटकर शेड पर गिर गया और पूरे शेड में करंट फैल गया। कई लोगों को झटका लगा। जान बचाने के प्रयास में श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। एक के ऊपर एक लोग गिरते गए। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई।

मंदिर की बिजली आपूर्ति बंद कर पुलिसकर्मियों व स्थानीय लोगों ने राहत व बचाव कार्य शुरू किया। बैरिकेडिंग के अंदर कई लोग जमीन पर घायल पड़े थे। सभी को हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज और कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

देर रात ही डीएम शशांक त्रिपाठी व एसपी अर्पित विजयवर्गीय मौके पर पहुंच गए। डीएम ने बताया कि बंदर के उछलने से विद्युत तार टूटा और टिन शेड में करंट फैल गया, जिससे भगदड़ की स्थिति बनी। जांच के आदेश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण, विद्युत सुरक्षा और बैरिकेडिंग व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जा रही है।

करंट से हुई दोनों श्रद्धालुओं की मौत

Ausaneshwar accident: Shivling is 450 years old, even Aurangzeb lost here; two died in stampede.. 46 injured
घायलों का चल रहा है इलाज। - फोटो : अमर उजाला।

 हैदरगढ़ स्थित श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में करंट से ही दोनों श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रमेश कुमार व प्रशांत कुमार की मृत्यु का कारण इलेक्ट्रोक्यूशन (करंट) बताया गया है। दोनों मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। मंदिर परिसर में अब स्थिति सामान्य है। श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं।

46 लोग घायल, तीन सीएचसी में चला इलाज, पांच गंभीर
 औसानेश्वर महादेवा मंदिर में मची भगदड़ में 46 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने आधा दर्जन एंबुलेंस से 29 लोगों का हैदरगढ़ सीएचसी, 12 का त्रिवेदीगंज व सात लोगों का कोठी सीएचसी भेजा गया। दो लोगों को त्रिवेदीगंज में मृत घोषित कर दिया गया। इस दर्दनाक हादसे में सतरिख के मोहद्दीपुर गांव के रंजीत (26), छतौरा कोठी के रंजीत राम की पुत्री पलक (13), भुलभुलिया गांव की संध्या (24), मोहदीपुर कोठी के सुंदरम सिंह (14), बिबियापुर घाट की लक्ष्मी(18), सुबेहा के गढ़ी गोसियामऊ निवासी अमन (18), सुबेदार पुरवा हैदरगढ के बैजनाथ (22), बिजौली लोनीकटरा की ललिता (22), सविता (26), राखी (17), रसूलपुर के अमन वर्मा, आकाश वर्मा (20), आयुष कुमार (26) अलुवामऊ के हरकेश (15), सादुल्लापुर के शुभम (4), मोहना के रितेश (17), कोठी के शंभु सराय गांव के अभिषेक 17, रायबरेली के शिवगढ़ क्षेत्र के अर्जुन 21 समेत 46 लोग घायल हुए है। इनमें बैजनाथ, पलक, संध्या, अर्जुन व अभिषेक को गंभीर दशा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed