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ऑनलाइन कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजना की बुकिंग में घालमेल
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बाराबंकी। किसानों की आय दोगुनी करने वाली सरकारी योजनाओं में मातहत घुन बनकर खोखला करने में लगे है। किसानों को 80 फीसदी तक अनुदान पर कृषि यंत्र देने की योजना को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई। लेकिन बुकिंग में तकनीकी खामियां बनाकर घालमेल करने से इंकार नहीं किया जा सकता।
खामियां दूर होने के बाद किसान जब कृषि यंत्रों की बुकिंग को लेकर साइट ओपेन करते हैं तो पता चलता है कि तय लक्ष्य पूरा हो गया। जिसे देखकर हैरान किसान खुद का ठगा महसूस कर रहे हैं। सरकार की किसानों को अनुदानित कृषि यंत्रीकरण योजना की पारदर्शिता को लेकर तीन वर्ष पहले ऑनलाइन बुकिंग शुरू की।
इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए नौ जून से किसानों को कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग करनी थी। पूरा दिन परेशान रहने के बाद शाम पांच बजे तक तकनीकी खामियों के चलते किसान बुकिंग नहीं कर सके, यह कोई पहला मौका नहीं है। तीन वर्षो में जब-जब योजना आई तो पहले दिन आनलाइन बुकिंग की साइट में तकनीकी दिक्कत ही दिखी। जब तक खामियों के दूर होने की सूचना किसानों को मिली, तब पता चला कि उनकी जरूरत वाले कृषि यंत्रों की बुकिंग होने के साथ ही लक्ष्य पूरा हो गया।
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यह देख हैरान किसान ठगे महसूस कर रहे है। कृषि यंत्र के डीलरों व संबंधित विभाग के कर्मचारियों से सांठगांठ करने वाले किसानों की बुकिंग के बाद टोकन भी जनरेट हो गया। ऐसे में यह खेल निदेशालय स्तर के कर्मचारियों की सांठ-गांठ से किए जाने की बात निकल कर सामने आ रही है। (संवाद)
कृषि यंत्रीकरण योजना की पारदर्शिता को लेकर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की है। पूरे प्रदेश में एक साथ बुकिंग को लेकर साइट में तकनीकी दिक्कत हमेशा आ जाती है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। उसके बाद बुधवार की देर शाम साइट सही हो गई थी जिसके बाद काफी बुकिंग भी हुई।
- अनिल कुमार सागर, उपकृषि निदेशक बाराबंकी।
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खामियां दूर होने के बाद किसान जब कृषि यंत्रों की बुकिंग को लेकर साइट ओपेन करते हैं तो पता चलता है कि तय लक्ष्य पूरा हो गया। जिसे देखकर हैरान किसान खुद का ठगा महसूस कर रहे हैं। सरकार की किसानों को अनुदानित कृषि यंत्रीकरण योजना की पारदर्शिता को लेकर तीन वर्ष पहले ऑनलाइन बुकिंग शुरू की।
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इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए नौ जून से किसानों को कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग करनी थी। पूरा दिन परेशान रहने के बाद शाम पांच बजे तक तकनीकी खामियों के चलते किसान बुकिंग नहीं कर सके, यह कोई पहला मौका नहीं है। तीन वर्षो में जब-जब योजना आई तो पहले दिन आनलाइन बुकिंग की साइट में तकनीकी दिक्कत ही दिखी। जब तक खामियों के दूर होने की सूचना किसानों को मिली, तब पता चला कि उनकी जरूरत वाले कृषि यंत्रों की बुकिंग होने के साथ ही लक्ष्य पूरा हो गया।
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यह देख हैरान किसान ठगे महसूस कर रहे है। कृषि यंत्र के डीलरों व संबंधित विभाग के कर्मचारियों से सांठगांठ करने वाले किसानों की बुकिंग के बाद टोकन भी जनरेट हो गया। ऐसे में यह खेल निदेशालय स्तर के कर्मचारियों की सांठ-गांठ से किए जाने की बात निकल कर सामने आ रही है। (संवाद)
कृषि यंत्रीकरण योजना की पारदर्शिता को लेकर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की है। पूरे प्रदेश में एक साथ बुकिंग को लेकर साइट में तकनीकी दिक्कत हमेशा आ जाती है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। उसके बाद बुधवार की देर शाम साइट सही हो गई थी जिसके बाद काफी बुकिंग भी हुई।
- अनिल कुमार सागर, उपकृषि निदेशक बाराबंकी।