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Barabanki News: बीसीआई के विरोध में अधिवक्ताओं ने की हड़ताल
Fri, 11 Sep 2026 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:16 AM IST
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फतेहपुर। कानपुर सेंट्रल बार के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल शुरू की। दि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमचंद्र पाल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी के बाद अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी एसडीएम को सौंपा।
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय की रिट याचिका संख्या 12321/2025 के निर्णय पर आपत्ति जताई। यह निर्णय तीन जून 2026 को दिया गया था, जिसने हड़ताल के अधिकार को प्रभावित किया गया है। उनका आरोप है कि अधिवक्ताओं की मांगों के बजाय उनके आंदोलन पर रोक लगाने का प्रयास हो रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि अन्य कर्मचारी, किसान और युवा संगठनों की हड़ताल पर ऐसा प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने बीसीआई अध्यक्ष पर अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की।
उनका कहना है कि उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय आंदोलन पर रोक लगाई जा रही है। दि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि हड़ताल के दौरान कोई भी अधिवक्ता या मुंशी न्यायिक कार्य नहीं करेगा। ऐसा करने पर संगठन की ओर से उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव नयन तिवारी, मनीष कुमार श्रीवास्तव, श्रवण कुमार वर्मा, इंद्रेश शुक्ला, गणेश शंकर मिश्रा, विकास श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, संजय सिंह, ओमप्रकाश यादव मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय की रिट याचिका संख्या 12321/2025 के निर्णय पर आपत्ति जताई। यह निर्णय तीन जून 2026 को दिया गया था, जिसने हड़ताल के अधिकार को प्रभावित किया गया है। उनका आरोप है कि अधिवक्ताओं की मांगों के बजाय उनके आंदोलन पर रोक लगाने का प्रयास हो रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि अन्य कर्मचारी, किसान और युवा संगठनों की हड़ताल पर ऐसा प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने बीसीआई अध्यक्ष पर अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की।
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उनका कहना है कि उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय आंदोलन पर रोक लगाई जा रही है। दि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि हड़ताल के दौरान कोई भी अधिवक्ता या मुंशी न्यायिक कार्य नहीं करेगा। ऐसा करने पर संगठन की ओर से उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव नयन तिवारी, मनीष कुमार श्रीवास्तव, श्रवण कुमार वर्मा, इंद्रेश शुक्ला, गणेश शंकर मिश्रा, विकास श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, संजय सिंह, ओमप्रकाश यादव मौजूद रहे।
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