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22 हजार नौनिहालों के नहीं बने आधार, कैसे मिले लाभ
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बाराबंकी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 22 हजार नौनिहालों का आधार कार्ड नहीं बन सका है। आधार बनने के बाद ही नौनिहालों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। शासन द्वारा लगातार इसे लेकर निर्देश जारी किए जा रहे हैं मगर प्रक्रिया काफी धीमी होने से बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी हलकान हैं।
जिले में 2636 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1792 प्राथमिक विद्यालय, 475 पूर्व माध्यमिक विद्यालय, 369 कंपोजिट विद्यालय हैं। वर्ष 2021 में जिले में करीब चार लाख 7 हजार बच्चे दर्ज थे। इस बार करीब 87 हजार बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें 86724 बच्चों का नामांकन किया गया।
मौजूदा समय में जिले के परिषदीय विद्यालयों में करीब चार लाख 60 हजार नौनिहाल दर्ज हैं। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को आधार के माध्यम से ही छात्रवृत्ति के साथ अन्य सुविधाओं का लाभ मिलना है। इसलिए सभी बच्चों का आधार कार्ड बनाया जाना जरूरी है। इसे लेकर विभाग ने जिले के सभी 15 ब्लॉकों में दो-दो मशीनें बीआरसी केंद्रों को पहले ही उपलब्ध करा दी हैं ताकि बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा सके।
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अब जब नये शिक्षा सत्र के शुुुरू होने के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश भी समाप्त हो गया है तो जिले के करीब 22 हजार बच्चों का आधार नहीं है। इसे लेकर शासन से बार-बार निर्देेश दिए जा रहे हैं। इन बच्चों का आधार बनने के बाद ही इन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। बीएसए अमित कुमार का कहना है कि आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश सभी बीईओ को दिए गए हैं। इसमें लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
30 हजार बच्चों को नहीं मिला डीबीटी का लाभ
परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले 30 हजार बच्चों को डीबीटी के तहत जूता-मोजा व यूनीफॉर्म का पैसा नहीं मिल सका है। बताया जाता है कि किसी के बैंक खाते का डिटेल गलत है तो कोई खाता सक्रिय नहीं है। कई खाते आधार से लिंक नहीं हैं। पिछले शिक्षा सत्र में सरकार ने यूनीफॉर्म आदि का पैसा सीधे अभिभावक के खाते में भेजने का प्रावधान किया था। इसके लिए अभिभावकों से खाते का ब्यौरा मांगा गया था।
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जिले में 2636 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1792 प्राथमिक विद्यालय, 475 पूर्व माध्यमिक विद्यालय, 369 कंपोजिट विद्यालय हैं। वर्ष 2021 में जिले में करीब चार लाख 7 हजार बच्चे दर्ज थे। इस बार करीब 87 हजार बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें 86724 बच्चों का नामांकन किया गया।
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मौजूदा समय में जिले के परिषदीय विद्यालयों में करीब चार लाख 60 हजार नौनिहाल दर्ज हैं। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को आधार के माध्यम से ही छात्रवृत्ति के साथ अन्य सुविधाओं का लाभ मिलना है। इसलिए सभी बच्चों का आधार कार्ड बनाया जाना जरूरी है। इसे लेकर विभाग ने जिले के सभी 15 ब्लॉकों में दो-दो मशीनें बीआरसी केंद्रों को पहले ही उपलब्ध करा दी हैं ताकि बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा सके।
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अब जब नये शिक्षा सत्र के शुुुरू होने के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश भी समाप्त हो गया है तो जिले के करीब 22 हजार बच्चों का आधार नहीं है। इसे लेकर शासन से बार-बार निर्देेश दिए जा रहे हैं। इन बच्चों का आधार बनने के बाद ही इन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। बीएसए अमित कुमार का कहना है कि आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश सभी बीईओ को दिए गए हैं। इसमें लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
30 हजार बच्चों को नहीं मिला डीबीटी का लाभ
परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले 30 हजार बच्चों को डीबीटी के तहत जूता-मोजा व यूनीफॉर्म का पैसा नहीं मिल सका है। बताया जाता है कि किसी के बैंक खाते का डिटेल गलत है तो कोई खाता सक्रिय नहीं है। कई खाते आधार से लिंक नहीं हैं। पिछले शिक्षा सत्र में सरकार ने यूनीफॉर्म आदि का पैसा सीधे अभिभावक के खाते में भेजने का प्रावधान किया था। इसके लिए अभिभावकों से खाते का ब्यौरा मांगा गया था।