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‘राष्ट्रधर्म की प्रेरणा देती मैथिलीशरण की रचना’
Amarujala Bureau
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:07 AM IST
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शहर में सेमिनार
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय चेतना के उन्नायक कवि मैथिलीशरण गुप्त पर आयोजित दो दिवसीय अंर्तरराष्ट्रीय सेमिनार का रविवार को अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने उद्घाटन किया। जनेस्मा कॉलेज में आयोजित सेमिनार में पांच उप विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य वक्ता प्रो. सदानंद प्रसाद गुप्त ने कहाकि मैथिलीशरण गुप्त की काव्य रचना में राष्ट्र धर्म की प्रेरणा मिलती है।
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त्रिभुवन विश्वविद्यालय काठमांडू नेपाल की प्रो.संगीता वर्मा ने कहाकि मैथिलीशरण की भारत भारती विश्व साहित्य की अमूल्य निधि है। उन्होंने भारत को नेपाल का बड़ा भाई बताया। लखनऊ विश्विद्यालय के प्रो. पवन अग्रवाल ने मैथिलीशरण गुप्त के राष्ट्र कवि स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहाकि श्री गुप्त ऐसे कवि थे जो अपनी रचनाओं में समाज की उपेक्षित महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का काम किया। कैकई के तीन वरदानों पर उन्होंने विस्तृत चर्चा की। बरेली कॉलेज प्रो. मनुप्रताप ने गुप्त जी की राष्ट्रीयता को वर्तमान में दृष्टांतो में संर्दभित किया। डीबी कॉलेज उरई के प्राचार्य डा. राजेश पांडेय ने गुप्त जी को बहुमुखी प्रतिभा का धनी कवि बताया। अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के डा. बलजीत ने मैथलीशरण की राष्ट्रीयता से जुड़े मुक्तकों पर अपने विचार रखे।
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प्रो. अवधेश ने गुप्त जी के साहित्य पर नारी की प्रासंगिकता से परिचित कराया। इसके अलावा पूर्व कुलपति प्रो.पीसी पातांजलि, पूर्वोतर पर्वतीय विश्वविद्यालय शिलांग मेघालय के प्रो. हेतेंद्र मिश्र, त्रिभुवन विश्वविद्यालय काठमांडू नेपाल के प्रो. विक्रममणि त्रिपाठी, सिक्किम के प्रो. ब्रजेश पांडेय,केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात के प्रो. संजीव दूबे ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन सेमिनार के संयोजक डा. अनिल कुमार विश्वकर्मा ने किया। इस मौके पर प्राचार्य डा. आर एस यादव, डा. विजय वर्मा, डा. रीना सिंह व डा. राजेश मल्ल आदि मौजूद थे। गोष्ठी में विद्यालय की बालिकाओं ने सामाजिक समरसता की मिशाल पेश करते हुए सरस्वती वंदना, कुलगीत, स्वागत गीत के साथ नेपाल के राष्ट्रगान की सुंदर प्रस्तुति की। इस मौके पर नरायण पीजी कॉलेज के प्रो. अनुपमा चर्तुवेदी द्वारा कवि मैथिलीशरण गुप्त के राष्ट्र चिंतन पर लिखी गई पुस्तक का विमोचन कुलपति समेत सेमिनार में मौजूद मंचासीन अतिथियों ने किया।
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