{"_id":"125-89653","slug":"Barabanki-89653-125","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकर देश का मालिक, किसानों को कोई पूछता नहीं : राज्यपाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकर देश का मालिक, किसानों को कोई पूछता नहीं : राज्यपाल
Barabanki
Updated Thu, 04 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जैदपुर (बाराबंकी)। कृषि की नई तकनीक के बारे में वैज्ञानिक व प्रगतिशील किसान मिलकर शोध करें। इससे आम किसानों तक नई तकनीक व जानकारी आसानी से पहुंच सकेगी। बुधवार को यह बात सूबे के राज्यपाल राम नाईक जैदपुर क्षेत्र के दौलतपुर गांव में उद्यान विभाग द्वारा आयोजित कृषक तकनीकी हस्तानांतरण सम्मेलन में किसानों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि, नौकर देश का मालिक बन जाता है, लेकिन किसानों को कोई पूछता तक नहीं। खेती करने वाले किसानों को अपना स्वाभिमान बनाए रखना चाहिए, क्योंकि किसान देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। किसानों को उपज का समर्थन मूल्य न मिलने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि, यह सरकारों की जिम्मेदारी है कि, वह सुनिश्चित करें कि किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य मिले। खेती में सुधार की जरूरत है और सुधार हो भी रहा है बस इसको गति देने की जरूरत है।
प्रगतिशील किसान रामसरन को खेती का जादूगर बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि, यह शोध कर खेती करते हैं, इसके लिए बधाई के पात्र हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि, एक टीम बनाई जाए और इस तरह की खेती करने वाले किसानों को बढ़ावा दिया जाए। कुछ लोग अपनी प्रगति को छिपाकर रखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। ज्ञान ऐसी चीज है, जो बांटने से और बढ़ता है। कहावत है कि, उत्तम खेती, मध्यम व्यापारी और कनिष्ठ नौकरी, लेकिन अब इसके विपरीत हो रहा है। नौकरी करने वाला देश चला रहा है और किसान को कोई पूछता नहीं है, जबकि देश का पेट किसान भर रहा है। राज्यपाल ने कहा कि, 1950 में देश की आजादी 36 करोड़ थी। उस समय अनाज का आयात करना पड़ता था। आज देश की आबादी 127 करोड़ हैं हमारा किसान इस आबादी का पेट भी भर रहा है और अपना उत्पाद दूसरे देशों को भी भेज रहा है। ये किसानों का पराक्रम है। देश का किसान देश की संपत्ति है।
विज्ञापन
एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि, किसानों को यदि घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा है तो यह दोनों सरकारों को देखना चाहिए। बिजली में सुधार की जरूरत है, लेकिन ये इतनी जल्दी नहीं होगा इस दिशा में कार्य चल रहा है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। रामसरन ने राज्यपाल को शाल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के कुलपति हसीब अख्तर, निदेशक सीपी जोशी, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, एसपी अब्दुल हमीद, एएसपी कुलदीप नरायन, एसडीएम सदर गरिमा स्वरूप, डीपी सिंह, प्रभाकांत अवस्थी, जयप्रकाश गुजरात से आए किसान केतन पटेल, हरियाणा से आए किसान केवल भाई आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि, नौकर देश का मालिक बन जाता है, लेकिन किसानों को कोई पूछता तक नहीं। खेती करने वाले किसानों को अपना स्वाभिमान बनाए रखना चाहिए, क्योंकि किसान देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। किसानों को उपज का समर्थन मूल्य न मिलने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि, यह सरकारों की जिम्मेदारी है कि, वह सुनिश्चित करें कि किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य मिले। खेती में सुधार की जरूरत है और सुधार हो भी रहा है बस इसको गति देने की जरूरत है।
विज्ञापन
प्रगतिशील किसान रामसरन को खेती का जादूगर बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि, यह शोध कर खेती करते हैं, इसके लिए बधाई के पात्र हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि, एक टीम बनाई जाए और इस तरह की खेती करने वाले किसानों को बढ़ावा दिया जाए। कुछ लोग अपनी प्रगति को छिपाकर रखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। ज्ञान ऐसी चीज है, जो बांटने से और बढ़ता है। कहावत है कि, उत्तम खेती, मध्यम व्यापारी और कनिष्ठ नौकरी, लेकिन अब इसके विपरीत हो रहा है। नौकरी करने वाला देश चला रहा है और किसान को कोई पूछता नहीं है, जबकि देश का पेट किसान भर रहा है। राज्यपाल ने कहा कि, 1950 में देश की आजादी 36 करोड़ थी। उस समय अनाज का आयात करना पड़ता था। आज देश की आबादी 127 करोड़ हैं हमारा किसान इस आबादी का पेट भी भर रहा है और अपना उत्पाद दूसरे देशों को भी भेज रहा है। ये किसानों का पराक्रम है। देश का किसान देश की संपत्ति है।
विज्ञापन
एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि, किसानों को यदि घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा है तो यह दोनों सरकारों को देखना चाहिए। बिजली में सुधार की जरूरत है, लेकिन ये इतनी जल्दी नहीं होगा इस दिशा में कार्य चल रहा है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। रामसरन ने राज्यपाल को शाल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के कुलपति हसीब अख्तर, निदेशक सीपी जोशी, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, एसपी अब्दुल हमीद, एएसपी कुलदीप नरायन, एसडीएम सदर गरिमा स्वरूप, डीपी सिंह, प्रभाकांत अवस्थी, जयप्रकाश गुजरात से आए किसान केतन पटेल, हरियाणा से आए किसान केवल भाई आदि मौजूद रहे।