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किसानों ने घेरी सिद्धौर पुलिस चौकी
Barabanki
Updated Tue, 26 Aug 2014 05:30 AM IST
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सिद्धौर (बाराबंकी)। रामनसेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में हुई भैंस चोरी के एक मामले में असंद्रा थाना क्षेत्र के एक गांव से शनिवार रात चार लड़कों को बोलेरो सवार लोगों द्वारा अगवाकर उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। इसके बाद इन सभी को छुड़ाने पहुंचे परिवारीजनों की पुलिस द्वारा सुनवाई न करने व एक सिपाही द्वारा रिश्वत मांगने के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने रविवार सुबह सिद्धौर पुलिस चौकी का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सभी नाबालिगों को छोड़ने के साथ ही मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही तब जाकर किसान शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया है।
असंद्रा थाना क्षेत्र के सुसवई गांव में शनिवार रात कन्हैया डोल का कार्यक्रम चल रहा था तभी वहां एक बोलेरो पर सवार पांच लोग पहुंचे और गांव के ही टिंकू, अरविंद, बब्लू व विजय को असलहों के बल पर बोलेरो में बिठा लिया और चले गए। यह सभी लड़के नाबालिग हैं। इसके बाद इनके परिवारीजन इस मामले की शिकायत करने सिद्धौर पुलिस चौकी पहुंचे जहां पर पुलिस ने इनकी सुनवाई नहीं की। तभी रात में पता चला कि रामसनेहीघाट कोतवाली के हथौंदा पुलिस चौकी पर इन लड़कों को हिरासत में रखा गया है। इसके बाद गांव वाले व लड़कों के परिवारीजन रात में ही हंथौदा पुलिस चौकी पहुंचे जहां पर इनसे यहां पर तैनात सिपाही फतेहबहादुर वर्मा ने कहा कि 40 हजार रुपये लेकर आओ तभी इन लड़कोें को छोड़ा जाएगा। इसके बाद रविवार की सुबह भाकियू के हौसिला प्रसाद, रामविलास, मंशाराम आदि ने ग्रामीणों के साथ सिद्धौर पुलिस चौकी का घेराव कर वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इनकी मांग थी कि चारोें लड़कों को अगवा कर ले जाने वाले रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी साहेबदीन, पवन यादव, अशोक रावत, सूबेदार व उमेश के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की जाए व हथौंदा पुलिस चौकी के सिपाही फतेहबहादुर वर्मा को निलंबित किया जाए। इसके बाद दोपहर 2 बजे मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष असंद्रा जावेद खान ने किसानों को समझाने का प्रयास किया पर किसान नहीं माने। एएसपी दक्षिणी कुलदीप नारायण ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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असंद्रा थाना क्षेत्र के सुसवई गांव में शनिवार रात कन्हैया डोल का कार्यक्रम चल रहा था तभी वहां एक बोलेरो पर सवार पांच लोग पहुंचे और गांव के ही टिंकू, अरविंद, बब्लू व विजय को असलहों के बल पर बोलेरो में बिठा लिया और चले गए। यह सभी लड़के नाबालिग हैं। इसके बाद इनके परिवारीजन इस मामले की शिकायत करने सिद्धौर पुलिस चौकी पहुंचे जहां पर पुलिस ने इनकी सुनवाई नहीं की। तभी रात में पता चला कि रामसनेहीघाट कोतवाली के हथौंदा पुलिस चौकी पर इन लड़कों को हिरासत में रखा गया है। इसके बाद गांव वाले व लड़कों के परिवारीजन रात में ही हंथौदा पुलिस चौकी पहुंचे जहां पर इनसे यहां पर तैनात सिपाही फतेहबहादुर वर्मा ने कहा कि 40 हजार रुपये लेकर आओ तभी इन लड़कोें को छोड़ा जाएगा। इसके बाद रविवार की सुबह भाकियू के हौसिला प्रसाद, रामविलास, मंशाराम आदि ने ग्रामीणों के साथ सिद्धौर पुलिस चौकी का घेराव कर वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इनकी मांग थी कि चारोें लड़कों को अगवा कर ले जाने वाले रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी साहेबदीन, पवन यादव, अशोक रावत, सूबेदार व उमेश के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की जाए व हथौंदा पुलिस चौकी के सिपाही फतेहबहादुर वर्मा को निलंबित किया जाए। इसके बाद दोपहर 2 बजे मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष असंद्रा जावेद खान ने किसानों को समझाने का प्रयास किया पर किसान नहीं माने। एएसपी दक्षिणी कुलदीप नारायण ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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