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एमडीएम खाकर 26 बच्चे बीमार, नौ पहुंचे अस्पताल
Barabanki
Updated Fri, 08 Aug 2014 05:30 AM IST
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सतरिख (बाराबंकी)। मोहम्मदाबाद के प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को एमडीएम का भोजन खाने के बाद 26 बच्चों की तबियत खराब हो गई। इनमें से नौ की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चों की हालत बिगड़ती देख स्कूल के प्रधानाध्यापक विद्यालय से भाग खड़े हुए। एक सहायक अध्यापिका बच्चों को अपनी निजी कार से जिला अस्पताल पहुंचाया।
बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदाबाद के प्राथमिक विद्यालय में अभिलेखों पर 60 बच्चे पंजीकृत हैं। बृहस्पतिवार को महज 36 बच्चे ही विद्यालय आए थे। इनमें से 10 बच्चों ने मध्याह्न भोजन में बनी रोटी और आलू-तोरई की सब्जी को नहीं खाया था। 26 बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाया। थोड़ी ही देर में उनकी हालत खराब हो गई। बच्चों ने बताया खाना खाने के बाद पेट में दर्द और उल्टी होने लगी। देखते ही देखते नौ बच्चों मोहम्मद दानिश (8), अंजली चौहान (9), आमरी (9) पूजा चौहान (9), सबा (9), सायना बानो (9), चांद मोहम्मद (9), दिलशाद (8) और रहनुमा बानो (10) की हालत ज्यादा खराब हो गई। यह देख विद्यालय के प्रधानाध्यापक सूर्यप्रसाद बच्चों का इलाज कराने के बजाए विद्यालय से ही भाग खडे़ हुए। जिला अस्पताल में बच्चों ने बताया कि सहायक अध्यापिका खुशबू श्रीवास्तव ने अपनी कार से सभी बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया। थोड़ी ही देर में परिवारीजन भी अस्पताल पहुंच गए। देर शाम उनकी हालत में सुधार होने पर भर्ती सभी बच्चों को घर भेज दिया गया। परिवारीजनों का आरोप है कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाने में घोर लापरवाही की जाती है। कभी-कभार ही मेन्यू के अनुसार भोजन बनता है। परिवारीजनों की सूचना पर सीएचसी जाटा बरौली से चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची और एमडीएम खाने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी।
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बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदाबाद के प्राथमिक विद्यालय में अभिलेखों पर 60 बच्चे पंजीकृत हैं। बृहस्पतिवार को महज 36 बच्चे ही विद्यालय आए थे। इनमें से 10 बच्चों ने मध्याह्न भोजन में बनी रोटी और आलू-तोरई की सब्जी को नहीं खाया था। 26 बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाया। थोड़ी ही देर में उनकी हालत खराब हो गई। बच्चों ने बताया खाना खाने के बाद पेट में दर्द और उल्टी होने लगी। देखते ही देखते नौ बच्चों मोहम्मद दानिश (8), अंजली चौहान (9), आमरी (9) पूजा चौहान (9), सबा (9), सायना बानो (9), चांद मोहम्मद (9), दिलशाद (8) और रहनुमा बानो (10) की हालत ज्यादा खराब हो गई। यह देख विद्यालय के प्रधानाध्यापक सूर्यप्रसाद बच्चों का इलाज कराने के बजाए विद्यालय से ही भाग खडे़ हुए। जिला अस्पताल में बच्चों ने बताया कि सहायक अध्यापिका खुशबू श्रीवास्तव ने अपनी कार से सभी बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया। थोड़ी ही देर में परिवारीजन भी अस्पताल पहुंच गए। देर शाम उनकी हालत में सुधार होने पर भर्ती सभी बच्चों को घर भेज दिया गया। परिवारीजनों का आरोप है कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाने में घोर लापरवाही की जाती है। कभी-कभार ही मेन्यू के अनुसार भोजन बनता है। परिवारीजनों की सूचना पर सीएचसी जाटा बरौली से चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची और एमडीएम खाने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी।
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