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बाढ़ से निपटने की तैयारी कागजों पर

Mon, 16 Jun 2014 05:31 AM IST
Barabanki
Barabanki Updated Mon, 16 Jun 2014 05:31 AM IST
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बाराबंकी/टिकैतनगर। जिले की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ है। इससे जिले की चार तहसीलों के सैकड़ों परिवार प्रतिवर्ष प्रभावित होते हैं। बावजूद इसके जिले के अफसर हर बार की तरह लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। घाघरा का पानी तटबंध से महज 90 मीटर दूर है और अभी तक बाढ़ से निपटने की तैयारियां सिर्फ कागजों पर चल रही हैं। रविवार सुबह अचानक जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र तैयारियों का जायजा लेने मांझा रायपुर पहुंच गए और पूरे तटबंध की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही देख उनका भी पारा चढ़ गया। बाढ़ खंड गाेंडा के अधिशासी अभियंता आरके सिंह को जमकर फटकार लगाई।
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जिले की चार तहसीलें फतेहपुर, रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के सैकड़ों परिवार प्रतिवर्ष बाढ़ की विभीषिका का दंश झेलते हैं। प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च होते हैं लेकिन इसका स्थाई हल नहीं निकल पा रहा है। दो माह पूर्व बाढ़ समीक्षा बैठक में तत्कालीन जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. ने तटबंध, स्पर आदि की मरम्मत कराने के निर्देश बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियाें को दिए थे। लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है जब कि बाढ़ सिर पर है और नदी का पानी तटबंध से महज 90 मीटर दूर है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि इस बार बाढ़ के दौरान तटबंध को बचा पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। बाढ़ से निपटने की तैयारियाें का जायजा लेने जिलाधिकारी रविवार की सुबह करीब पौने आठ बजे ही मांझा रायपुर पहुंच गए। जो अधिकारी इतनी सुबह घर से बाहर नहीं दिखते थे पहली बार वह तटबंध पर नजर आए। जिलाधिकारी ने पूरे तटबंध का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही देख उनका पारा चढ़ गया। बाढ़ खंड गाेंडा के अधिशासी अभियंता आरके सिंह को जमकर फटकार लगाई। कहा, दो माह पूर्व जो निर्देश दिए गए थे उनका अभी तक अनुपालन नहीं किया गया। कहा कि समय रहते यदि ध्यान नहीं दिया गया तो तटबंध को खतरा हो सकता है।
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जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने निरीक्षण के दौरान पाया कि पिछली बाढ़ समाप्त होने के बाद बाढ़ खंड गोंडा के द्वारा कटान को रोकने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। बाढ़ खंड के अधिकारी कार्य योजना शासन को बनाकर भेजने के बाद बजट आने का इंतजार कर रहे हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तत्काल आकस्मिक प्लान तैयार करें और विभागीय बजट तथा सीआरएफ से कार्य कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी समस्याएं सुनीं। गांव के राम कैलाश यादव, इंस्पेक्टर यादव, प्रभुदीन, सहजराम ने बताया कि थोड़ा भी पानी बाढ़ में आता हैं तो खेती के साथ घर भी डूब जाते हैं। जिस पर डीएम ने समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों की इच्छानुसार इन्हें कमियार के मैगनेट फार्म पर बसाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस मौके पर एडीएम प्रेम प्रकाश पाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एके कन्नौजिया, अधिशासी अभियंता बाढ़ वीके यादव, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट डीपी सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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